भारत के 8 प्रमुख बुनियादी ढांचा उद्योगों की वृद्धि दर जून में पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 4 फीसदी रही है। औद्योगिक संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआईआईटी) द्वारा बुधवार को जारी आंकड़ों से पता चलता है कि जून में वृद्धि की रफ्तार 20 महीने में सबसे सुस्त रही है। वृद्धि में […]
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भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) द्वारा डेरिवेटिव ढांचे के लिए इंडेक्स डेरिवेटिव्स अनुबंध आकार में प्रस्तावित वृद्धि से पहले से ही लोकप्रिय एवं ज्यादा जोखिम वाले ऑप्शंस सेगमेंट का आकर्षण अब और बढ़ सकता है। नियामक ने प्रस्ताव रखा है कि डेरिवेटिव्स अनुबंध की न्यूनतम वैल्यू शुरुआत के समय 15 लाख रुपये और 20 […]
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वित्त वर्ष 2024-25 की पहली तिमाही में राजकोषीय घाटा कम हुआ। महालेखा नियंत्रक के जारी नवीनतम आंकड़ों के विश्लेषण के अनुसार पहली तिमाही (अप्रैल-जून) का राजकोषीय घाटा वित्त वर्ष के कुल लक्ष्य का 8.41 प्रतिशत रहा। इसका प्रमुख कारण चुनाव के महीनों में पूंजीगत व्यय तेजी से गिरने के साथ भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) का […]
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भारत की अर्थव्यवस्था में नौकरियों के सृजन के क्षेत्र में जो चुनौतियां दिख रही हैं, उससे निपटने के लिए मिड टेक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) को लाने और आकर्षित करने पर जोर देना होगा। विश्व की सभी बड़ी अर्थव्यवस्थाएं हाईटेक एफडीआई पर जोर दे रही हैं और उनके पास भारी सब्सिडी देने के लिए पर्याप्त […]
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बजट में दीर्घावधि एवं अल्पावधि पूंजीगत लाभ कर (एलटीसीजी, एसटीसीजी) पर ऊंची कर दरों के प्रस्ताव और महंगे मूल्यांकन संबंधित चिंताओं के बावजूद मिडकैप एवं स्मॉलकैप में तेजी की रफ्तार प्रभावित नहीं हुई है। एसीई इक्विटी के आंकड़ों से पता चलता है कि 23 जुलाई (जब बजट पेश किया गया था) के निचले स्तर से […]
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मुंबई में बुधवार को आयोजित ‘बजट विद बीएस: द फाइन प्रिंट’ कार्यक्रम में वित्त सचिव टीवी सोमनाथन ने बिज़नेस स्टैंडर्ड के संपादकीय निदेशक ए के भट्टाचार्य के साथ विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। सोमनाथन ने बजट से जुड़े सवालों के जवाब दिए और रोजगार योजना, पूंजीगत लाभ इंडेक्सेशन तथा राजकोषीय रोडमैप पर सरकार के दृष्टिकोण […]
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हाल में दिल्ली हवाईअड्डे पर बारिश के कारण गिरे हुए खंभे के नीचे दबे हुए मृत व्यक्ति की तस्वीर सुर्खियों में रही। इसी दौरान बारिश के कारण देश में कई अहम आधारभूत ढांचे क्षतिग्रस्त होने के साथ ही लोगों के जानमाल के नुकसान से जुड़ी कई घटनाएं देखी गईं। इस तरह की घटनाओं से यह […]
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घरेलू क्षेत्र की बचत कॉरपोरेट निवेश के लिए पूंजी दिलाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती है क्योंकि यह एकमात्र ऐसा क्षेत्र है जिसमें शुद्ध बचत होती है। परिवारों की वित्तीय बचत का विशेष महत्त्व है क्योंकि निजी कॉरपोरेट क्षेत्र के पूंजीगत व्यय में तेजी की उम्मीद है जिसमें हाल के दिनों में एक गलत शुरुआत हुई […]
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बुधवार को जीवन बीमा कंपनियों के शेयरों में तेजी देखी गई। यह तेजी तब आई जब सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से जीवन और स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम पर लगने वाले 18 प्रतिशत जीएसटी को हटाने का अनुरोध किया। विश्लेषकों ने इस प्रस्ताव की सराहना की है और इसे […]
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मौजूदा कंपनियों के तेजी से अपनी मौजूदगी का विस्तार करने से संगठित आभूषण बाजार जोर पकड़ रहा है। इसकी वजह बाजार का असंगठित जौहरियों से संगठित जौहरियों की ओर जाना है। भारतीय आभूषण बाजार अभी 6.7 लाख करोड़ रुपये का है जो साल 2030 तक 11 से 13 लाख करोड़ रुपये तक का हो जाएगा। […]
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