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₹22,000 करोड़ के कर्ज पर सिर्फ ₹6.25 करोड़! NCLT के फैसले पर भड़के बैंक, रिपेमेंट प्लान के खिलाफ करेंगे अपील500% का मोटा डिविडेंड! NBFC कंपनी का निवेशकों को तोहफा, रिकॉर्ड डेट अगले हफ्तेनेपाल की भयावह बाढ़ में 97 साल की बुजुर्ग बनीं मिसाल, जानिए मौत को मात देने वाले जांबाजों की दास्तानएयर इंडिया की $1.5 अरब फंडिंग पर बढ़ी हलचल, टेमासेक ने सिंगापुर एयरलाइंस के निवेश का किया समर्थनमेटा की भारत प्रमुख संध्या देवनाथन ने छोड़ी कंपनी, ओपनएआई से जुड़ीं; सिंगापुर से संभालेंगी कमानबढ़ती कमाई, जल्दी नौकरी व स्टार्टअप्स: क्या युवा अब 30 से पहले ही अपना घर खरीदने की कोशिश कर रहे हैं?निवेशकों की चांदी! अगले हफ्ते लगभग 90 कंपनियां बांटेंगी मुनाफा, एक शेयर पर ₹86.50 तक पाने का मौका1991 में विदेशी मुद्रा के लिए तरसता भारत आज 729 अरब डॉलर के रिकॉर्ड भंडार तक कैसे पहुंचा‘भारत में मैन्युफैक्चरिंग बेस बनाएं ग्लोबल कंपनियां’, सीतारमण ने अमेरिका में निवेशकों को दिया न्योतादिल्ली में CNG की कीमतों में ₹3.89 प्रति किलो की बढ़ोतरी, 83.09 से बढ़कर 86.98 रुपये पहुंची कीमत

लेखक : जनक राज

आज का अखबार, लेख

भारत में ई-कॉमर्स की वृद्धि का आधार भरोसा और निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा

पिछले एक दशक में भारत के ई-कॉमर्स बाजार ने पूरे देश में तेजी से अपनी मौजूदगी बढ़ाई है। यह कारोबार अब केवल महानगरों तक ही सीमित नहीं है बल्कि टियर-1 (बड़े) और टियर-2 (मझोले या तेजी से विकास होते) शहरों के ग्राहकों को भी सेवाएं उपलब्ध करा रहा है। वर्ष 2014 में इस क्षेत्र का […]

आज का अखबार, लेख

ब्याज दरें बढ़ाकर रुपये को संभालना आत्मघाती साबित हो सकता है, टैक्स नियमों में सुधार जरूरी

तेल की बढ़ती कीमतों और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों द्वा​रा बाजार में भारी बिकवाली से रुपया दबाव में आ गया है। रुपये की गिरती साख के बीच मीडिया में यह सुझाव आता रहा है कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) को ब्याज दरें बढ़ाकर भारतीय मुद्रा संभालनी चाहिए। इस सुझाव के पीछे मुख्य तर्क यह है कि […]

आज का अखबार, लेख

ईरान संकट और उबलता तेल: अर्थव्यवस्था को झटकों से बचाने के लिए ‘प्लान-बी’ तैयार करना जरूरी

ईरान संकट के बीच तेल के बढ़ते दाम ने भारतीय अर्थव्यवस्था को झकझोर कर रख दिया है। मौजूदा हालात के बीच तेल के आयात पर निर्भरता कम करने और देश की अर्थव्यवस्था को गंभीर एवं दूरगामी परिणामों से बचाने के उपाय तत्काल सोचने की जरूरत आन पड़ी है। तेल की ऊंची कीमतों ​से आपूर्ति के […]

आज का अखबार, लेख

क्लाइमेट फाइनेंस अब पहुंच के भीतर, COP30 में मजबूत प्रतिबद्धता की उम्मीद

ब्राजील के बेलेम में संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन (कॉप30) जारी है। इस सम्मेलन में वैज्ञानिक और तकनीकी मुद्दों पर चर्चा के अलावा, इस बार के विमर्श का एक बड़ा मुद्दा जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने और अनुकूलन के लिए जरूरी संसाधनों पर केंद्रित होने की उम्मीद है। हालांकि इस तरह की फंडिंग […]

आज का अखबार, लेख

निजी निवेश में सुस्ती, कारोबारी जगत का उत्साह बढ़ाना जरूरी

देश में निजी कॉरपोरेट निवेश के तीन चिंताजनक लक्षण रहे हैं। पहला, एक मात्रात्मक परीक्षण बताता है कि वर्ष2011-12 में एक ढांचागत रुकावट आई जो अर्थव्यवस्था में निजी निवेश के व्यवहार में बदलाव को रेखांकित करती है। निजी सकल स्थिर पूंजी निर्माण वृद्धि में तेज गिरावट देखी गई और वर्ष2003-12 के 25.2 फीसदी तथा 2003-08 […]

आज का अखबार, लेख

भारतीय IT कंपनियों के लिए एच-1बी वीजा मसला एक झटका, लेकिन यहां अवसर भी

ट्रंप प्रशासन ने नए आवेदकों के लिए एकमुश्त लगने वाला एच-1बी वीजा शुल्क बढ़ाकर 1,00,000 डॉलर कर दिया है। पहले यह फीस वीजा के लिए आवेदन करने वाली कंपनी के आकार के अनुसार 2,000 से 5,000 डॉलर तक हुआ करती थी। ट्रंप प्रशासन का यह नया फैसला भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कंपनियों को महत्त्वपूर्ण रूप […]

आज का अखबार, लेख

FIIs vs DIIs: देसी संस्थागत निवेशकों ने 25 साल बाद फिर बनाया शेयर बाजार में दबदबा, FIIs का प्रभाव घटा

वर्ष 1992 में विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) या विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) को भारतीय शेयर बाजार में निवेश करने की अनुमति दी गई थी। यह भारतीय पूंजी बाजार विदेशी निवेश के लिए खोलने की दिशा में उठाया गया एक बड़ा कदम था। एफआईआई ने 1992-93 में 13 करोड़ रुपये के मामूली निवेश के साथ भारतीय […]

आज का अखबार, लेख

टैरिफ से मिले झटकों के बीच भारत के लिए अवसर 

अमेरिका द्वारा 2 अप्रैल को टैरिफ लगाने की घोषणा (जिसे बाद में 9 जुलाई तक निलंबित कर दिया गया) और इसकी प्रतिक्रिया में जवाबी कार्रवाई, विशेषतौर पर चीन के द्वारा की गई कार्रवाई, वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा नकारात्मक झटका है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) का अनुमान है कि वर्ष 2025 में वैश्विक वृद्धि […]

आज का अखबार, लेख

आम बजट में खपत बढ़ाने पर दांव

निजी खपत को बढ़ावा देने और राजकोषीय अनुशासन कायम रखने के इरादे से वर्ष 2025-26 के आम बजट में व्यक्तिगत आयकर में राहत प्रदान की गई है, जिसकी प्रतीक्षा बहुत समय से की जा रही थी। अर्थव्यवस्था में इस समय धीमापन आ गया है और ऐसे में वृहद आर्थिक स्थिरता बनाए रखने तथा राजकोषीय नीति […]

आज का अखबार, लेख

नकद आरक्षी अनुपात में कमी की जरूरत नहीं

बैंकिंग तंत्र में उपलब्ध अधिशेष तरलता या नकदी दिसंबर 2024 का दूसरा पखवाड़ा आते-आते रफूचक्कर हो गई और इसमें कमी का सिलसिला शुरू हो गया। 20 जनवरी तक बैंकिंग क्षेत्र में नकदी की कमी बढ़कर 2.36 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई। भारतीय रिजर्व बैंक के पास सरकार द्वारा जमा की गई भारी भरकम रकम […]

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