facebookmetapixel
Advertisement
अगर युद्ध एक महीने और जारी रहा तो दुनिया में खाद्य संकट संभव: मैट सिम्पसनहोर्मुज स्ट्रेट खुला लेकिन समुद्री बीमा प्रीमियम महंगा, शिपिंग लागत और जोखिम बढ़ेपश्चिम एशिया युद्ध का भारत पर गहरा असर, रियल्टी और बैंकिंग सेक्टर सबसे ज्यादा दबाव मेंगर्मी का सीजन शुरू: ट्रैवल और होटल कंपनियों के ऑफर की बाढ़, यात्रियों को मिल रही भारी छूटबाजार में उतार-चढ़ाव से बदला फंडरेजिंग ट्रेंड, राइट्स इश्यू रिकॉर्ड स्तर पर, QIP में भारी गिरावटपश्चिम एशिया संकट: MSME को कर्ज भुगतान में राहत पर विचार, RBI से मॉरेटोरियम की मांग तेजRCB की बिक्री से शेयरहोल्डर्स की बल्ले-बल्ले! USL दे सकती है ₹196 तक का स्पेशल डिविडेंडतेल में बढ़त से शेयर और बॉन्ड में गिरावट; ईरान का अमेरिका के साथ बातचीत से इनकारगोल्डमैन सैक्स ने देसी शेयरों को किया डाउनग्रेड, निफ्टी का टारगेट भी घटायाकिधर जाएगा निफ्टीः 19,900 या 27,500; तेल और भू-राजनीति तनाव से तय होगा रुख

लेखक : जनक राज

आज का अखबार, लेख

MPC: मुद्रास्फीति को तय दायरे में लाने के लिए RBI ने किया संशोधन, मगर लक्ष्य तक पहुंचने में कितनी मिली सफलता?

भारत में मुद्रास्फीति को तय दायरे में लाने के लिए लचीली (एफआईटी) व्यवस्था तैयार करने के मकसद से 2016 में भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 में संशोधन किया गया। देश में मौद्रिक नीति के इतिहास में यह महत्त्वपूर्ण मौका था क्योंकि इसके साथ ही मौद्रिक नीति से जुड़े फैसले छह सदस्यों वाली मौद्रिक नीति समिति […]

आज का अखबार, लेख

ऋण-जमा विसंगति के मूल में बचत दर

अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (एससीबी) पर दबाव है कि वे बड़े पैमाने पर जमा राशि जुटाएं क्योंकि ऋण और जमा का वृद्धिशील अनुपात (सी-डी रेश्यो) 98 फीसदी पर पहुंच गया है। आम तौर पर यह अनुपात 80 फीसदी से कम रहता है क्योंकि बैंकों को अपने जमा पर 4.5 फीसदी का नकद आरक्षित अनुपात और 18 […]

आज का अखबार, लेख

मुद्रास्फीति लक्ष्य खाद्य वस्तु बिना कारगर नहीं, किसानों के हित के लिए लिए बेहतर विकल्प की जरूरत

पिछले महीने संसद में पेश आर्थिक समीक्षा में सुझाया गया है कि भारत में मुद्रास्फीति नियंत्रण से जुड़े लक्ष्य का निर्धारण करते समय खाद्य वस्तुओं पर विचार नहीं करना चाहिए। इसके पीछे तर्क दिया गया है कि मुद्रास्फीति की गणना में खाद्य वस्तुएं शामिल करने से किसानों को उनके उत्पाद के मूल्य बढ़ने का फायदा […]

आज का अखबार, लेख

घरेलू बचत में दिख रहा चिंताजनक रुझान, पूंजीगत खर्च के लिए फंड मुहैया कराना सरकार की जिम्मेदारी

घरेलू क्षेत्र की बचत कॉरपोरेट निवेश के लिए पूंजी दिलाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती है क्योंकि यह एकमात्र ऐसा क्षेत्र है जिसमें शुद्ध बचत होती है। परिवारों की वित्तीय बचत का विशेष महत्त्व है क्योंकि निजी कॉरपोरेट क्षेत्र के पूंजीगत व्यय में तेजी की उम्मीद है जिसमें हाल के दिनों में एक गलत शुरुआत हुई […]

1 2
Advertisement
Advertisement