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लेखक : शिवा राजौरा

अर्थव्यवस्था, आज का अखबार

सब्जियों-दालों के महंगे होने से नवंबर में खुदरा महंगाई बढ़कर 0.71% पर पहुंची, ग्रामीण इलाकों में बढ़ा दबाव

उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) पर आधारित खुदरा महंगाई दर अक्टूबर के 0.25 प्रतिशत के रिकॉर्ड निचले स्तर से बढ़कर नवंबर में 0.71 प्रतिशत हो गई। अनुकूल आधार प्रभाव कम होने और कुछ खाद्य वस्तुओं की कीमतों में मौसमी वृद्धि के कारण खाद्य बास्केट में अवस्फीति कम होने के कारण ऐसा हुआ है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय […]

अर्थव्यवस्था

ADB ने भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान बढ़ाया, कहा- FY26 में अब 7.2% की दर से बढ़ेगी इकॉनमी

एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने बुधवार को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए भारत की वृद्धि दर का अनुमान 70 आधार अंक बढ़ाकर 7.2 प्रतिशत कर दिया। इसकी प्रमुख वजह हाल में जीएसटी दरों में कटौती से घरेलू खपत को मिली मजबूती है। बहरहाल वित्त वर्ष 2027 के लिए  कोई बदलाव न करते हुए इसे 6.5 […]

अर्थव्यवस्था, समाचार

Income Gap: भारत में अमीरी-गरीबी का नया खुलासा! सिर्फ 10% लोग पकड़कर बैठे हैं 65% संपत्ति

ताजा वर्ल्ड इनइक्वैलिटी रिपोर्ट के अनुसार, भारत में अमीरी और गरीबी का फर्क बहुत बड़ा है। देश की 65 प्रतिशत संपत्ति सिर्फ सबसे अमीर 10 प्रतिशत लोगों के पास है। दूसरी तरफ, नीचे के 50 प्रतिशत लोगों के पास केवल 6.4 प्रतिशत संपत्ति है। रिपोर्ट को अर्थशास्त्री लुकास चैंसेल, रिकार्डो गोमेज़-कारेरा, रोवाइदा मोश्रिफ और थॉमस […]

अर्थव्यवस्था, आज का अखबार

एफडीआई बढ़ाने के लिए भारत को सुधार तेज करने होंगे: मुख्य आर्थिक सलाहकार

भारत के मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) वी. अनंत नागेश्वरन ने बुधवार को कहा कि वर्ष 2023-24 से भूराजनीतिक व भू आर्थिक दायरा बढ़ने के कारण भारत को प्रत्यक्ष विदेशी निवेश हासिल करने के लिए प्रदर्शन बेहतर करने की जरूरत है। उनके अनुसार भारत विकासशील देश है और भारत को निरंतर उच्च इनपुट की जरूरत होगी। […]

अर्थव्यवस्था, आज का अखबार

अमेरिकी शुल्क और कमजोर निर्यात ऑर्डरों से नवंबर में भारत का विनिर्माण PMI 9 महीने के निचले स्तर पर

नवंबर में विनिर्माण क्षेत्र की गतिविधियां 9 माह के निचले स्तर पर आ गईं। अमेरिकी शुल्क की वजह  से निर्यात ऑर्डर में कमी आने और वस्तु एवं सेवा कर की दर में कटौती का असर कम होने की वजह से ऐसा हुआ है। एसऐंडपी ग्लोबल द्वारा संकलित आज जारी समग्र एचएसबीसी पर्चेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई) […]

अर्थव्यवस्था, आज का अखबार

निजी खपत में 7.9% की उछाल, ग्रामीण मांग हुई मजबूत जबकि सरकारी खर्च में आई बड़ी गिरावट

वित्त वर्ष 2026 में जुलाई-सितंबर के दौरान निजी अंतिम उपभोग व्यय (पीएफसीई) में वृद्धि 3 तिमाहियों के उच्च स्तर 7.9 प्रतिशत पर पहुंच गई है। इससे खपत मांग में सुधार और अर्थव्यवस्था में मांग का पता चलता है। वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही में यह 7 प्रतिशत थी। अर्थशास्त्रियों का कहना है कि यह […]

अर्थव्यवस्था, समाचार

1 अप्रैल से पहले चारों नए श्रम कोड के नियम बन जाएंगे: श्रम सचिव

केंद्र सरकार चारों श्रम संहिताओं (Labour Codes) के नियमों को 1 अप्रैल 2026 से पहले अधिसूचित करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। श्रम सचिव वंदना गुरनानी ने बिज़नेस स्टैंडर्ड को बताया कि राज्यों को भी इसी समयसीमा का पालन करने की सलाह दी गई है, ताकि नए नियम अगले वित्त वर्ष […]

आज का अखबार, भारत

राज्य अपनी जरूरत के मुताबिक बना सकेंगे नए लेबर कोड के नियम, समय-सीमा का पालन जरूरी

केंद्र सरकार द्वारा हाल में अधिसूचित 4 श्रम संहिताओं को प्रभावी बनाने के लिए राज्य सरकारें अपने अधिकार क्षेत्र के लिए अपनी जरूरतों के मुताबिक नियम बना सकते हैं। आधिकारिक सूत्रों ने बिज़नेस स्टैंडर्ड को यह जानकारी देते हुए कहा कि इसमें केवल इतनी शर्त है कि राज्य के श्रम नियम नई संहिता की भावना […]

अर्थव्यवस्था, आज का अखबार

गैर-निगमित क्षेत्र में रोजगार और प्रतिष्ठानों की संख्या में मामूली बढ़ोतरी दर्ज, पिछली तिमाही की तुलना में थोड़ी रिकवरी

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) की ओर से मंगलवार को जारी गैर-निगमित क्षेत्र के उद्यमों के नवीनतम त्रैमासिक बुलेटिन के मुताबिक चालू वित्त वर्ष की जुलाई-सितंबर तिमाही में गैर-निगमित क्षेत्र में अनुमानित 12.86 करोड़ लोग कार्यरत थे, जो पिछली तिमाही के 12.857 करोड़ कार्यरत लोगों से थोड़ा अधिक है। बहरहाल इस अवधि के दौरान इस क्षेत्र […]

आज का अखबार, भारत

4 नए लेबर कोड आज से लागू: कामगारों को मिलेगी सामाजिक सुरक्षा, मौजूदा श्रम कानून बनेंगे सरल

सरकार ने ऐतिहासिक फैसले में चार श्रम संहिताओं को तत्काल प्रभाव से लागू करने की आज घोषणा की। संसद द्वारा मौजूदा 29 श्रम कानूनों में सुधार और उन्हें एकीकृत कर बनाई गई चार श्रम संहिताओं को पारित किए जाने के 5 साल बाद सरकार ने इसे अधिसूचित कर दिया। इन चार श्रम संहिताओं में वेतन […]

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