ऑटो सेक्टर की रफ्तार पर दांव लगाने का वक्त आ गया है! एक्सिस डायरेक्ट ने अपनी ताजा Q3FY26 अपडेट रिपोर्ट में जिन शेयरों पर सबसे ज्यादा भरोसा जताया है, उन्हें ‘टॉप कन्विक्शन आइडियाज़’ की लिस्ट में रखा है। यह सिर्फ सामान्य खरीदारी की सलाह नहीं, बल्कि उन कंपनियों पर मजबूत विश्वास का संकेत है, जिनमें ब्रोकरेज को आगे ठोस ग्रोथ, बेहतर मार्जिन और बाजार हिस्सेदारी बढ़ने की उम्मीद है।
दोपहिया में आयशर मोटर्स और बजाज ऑटो, जबकि कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट में अशोक लीलैंड को सबसे मजबूत दांव बताया गया है। इन तीनों शेयरों के लिए स्पष्ट टारगेट भी दिए गए हैं, जो मौजूदा स्तरों से आकर्षक बढ़त का संकेत देते हैं।
रॉयल एनफील्ड की पैरेंट कंपनी आयशर मोटर्स पर एक्सिस डायरेक्ट का भरोसा मजबूत बना हुआ है। ब्रोकरेज ने इस शेयर पर ‘खरीदें’ की सलाह देते हुए Rs 8,060 का टारगेट दिया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी के प्रोडक्ट रिफ्रेश साइकिल ने घरेलू बाजार में नई ऊर्जा भर दी है। क्लासिक, बुलेट और हंटर जैसे मॉडलों में नए वेरिएंट लॉन्च करने से Q3FY26 में वॉल्यूम ग्रोथ 21 प्रतिशत रही। खास बात यह है कि कंपनी ने पोस्ट-जीएसटी मांग में आई नरमी को नए अपडेट्स के जरिए संभाल लिया है।
युवा ग्राहकों के बीच हंटर 350 की लोकप्रियता बढ़ रही है, जिससे 23 से 24 वर्ष आयु वर्ग में ग्राहकों की हिस्सेदारी बढ़ी है।
सिर्फ घरेलू बाजार ही नहीं, निर्यात भी आयशर की ताकत बनकर उभरा है। 9 महीनों में अंतरराष्ट्रीय वॉल्यूम 34 प्रतिशत बढ़कर 1,04,506 यूनिट तक पहुंच गया। ब्राजील में दूसरा सीकेडी यूनिट शुरू होने से कंपनी की पकड़ और मजबूत हो रही है।
मैनेजमेंट ने साफ किया है कि वह मार्जिन की बजाय वॉल्यूम और एब्सोल्यूट ईबिट्डा ग्रोथ पर फोकस कर रही है। Q3 में स्टैंडअलोन ईबिट्डा 30 प्रतिशत बढ़ा। ब्रोकरेज को FY25 से FY28 के बीच 15 से 16 प्रतिशत की ईबिट्डा सीएजीआर की उम्मीद है। यही वजह है कि आयशर को दोपहिया सेगमेंट में सबसे मजबूत दांव माना गया है।
बजाज ऑटो को एक्सिस डायरेक्ट ने ‘खरीदें’ की रेटिंग देते हुए Rs 10,790 का टारगेट तय किया है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी अंतरराष्ट्रीय बाजारों में जबरदस्त वापसी कर रही है।
Q3FY26 में निर्यात वॉल्यूम 18 प्रतिशत बढ़कर 6 लाख यूनिट के पार पहुंच गया। 40 महीनों में पहली बार मासिक रन रेट 2 लाख यूनिट से ऊपर गया। शीर्ष 30 विदेशी बाजारों में बजाज की हिस्सेदारी बढ़ रही है, जो कंपनी की प्रतिस्पर्धी ताकत दिखाती है।
लैटिन अमेरिका में रिकॉर्ड प्रदर्शन और ब्राजील में विस्तार कंपनी की ग्रोथ स्टोरी को मजबूती देता है।
तीन पहिया सेगमेंट में भी कंपनी का दबदबा कायम है। इंडस्ट्री में गिरावट के बावजूद बजाज की मजबूत बाजार हिस्सेदारी उसे फायदा दे रही है। इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर और ई-रिक्शा में कंपनी ने लीडरशिप हासिल की है।
इसके अलावा बजाज ऑटो क्रेडिट लिमिटेड कंपनी के लिए ‘साइलेंट वैल्यू क्रिएटर’ बनकर उभरी है। एसेट अंडर मैनेजमेंट 16,500 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है और पूंजी पर्याप्तता अनुपात करीब 19.8 प्रतिशत है।
ब्रोकरेज का मानना है कि स्केल, मजबूत डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क और विविध पोर्टफोलियो बजाज को आने वाले समय में स्थिर और लाभकारी वृद्धि दिला सकते हैं।
कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट में एक्सिस डायरेक्ट की पहली पसंद अशोक लीलैंड है। शेयर पर ‘खरीदें’ की सलाह के साथ Rs 225 का टारगेट दिया गया है। Q3FY26 में कंपनी ने इंडस्ट्री से बेहतर प्रदर्शन किया। घरेलू मध्यम और भारी कमर्शियल वाहन सेगमेंट में वॉल्यूम 23.4 प्रतिशत बढ़ा, जिससे बाजार हिस्सेदारी 30.9 प्रतिशत तक पहुंच गई। हल्के कमर्शियल वाहन सेगमेंट में भी 30 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। उत्तर भारत में कंपनी की हिस्सेदारी 25 प्रतिशत से ऊपर पहुंच गई है, जो उसके पैन इंडिया विस्तार की सफलता को दिखाती है।
कंपनी की वित्तीय शाखा हिंदुजा लीलैंड फाइनेंस भी तेजी से बढ़ रही है। एयूएम 56,470 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। रिवर्स मर्जर की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है, जिससे कॉर्पोरेट स्ट्रक्चर सरल होगा और वैल्यू अनलॉक होने की संभावना बढ़ेगी।
निर्माण क्षमता और डीलर नेटवर्क का भी तेजी से विस्तार किया गया है। लखनऊ प्लांट शुरू हो चुका है और बस बॉडी बिल्डिंग क्षमता 20,000 यूनिट सालाना तक बढ़ाई जा रही है।
मैनेजमेंट का कहना है कि अगले 2 से 3 साल तक मौजूदा क्षमता से ही ग्रोथ संभव है, जिससे अतिरिक्त भारी पूंजी खर्च की जरूरत नहीं पड़ेगी।
एक्सिस डायरेक्ट का रुख साफ है- पूरे ऑटो सेक्टर में अंधाधुंध निवेश की बजाय चुनिंदा कंपनियों पर दांव लगाना चाहिए। दोपहिया में आयशर मोटर्स और बजाज ऑटो, जबकि कमर्शियल व्हीकल में अशोक लीलैंड को सबसे मजबूत अवसर माना गया है।
ब्रोकरेज का मानना है कि प्रोडक्ट प्रीमियमाइजेशन, निर्यात में सुधार, जीएसटी दर में कटौती और ग्रामीण मांग में उछाल से इन कंपनियों को फायदा मिलेगा।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।