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Income Gap: भारत में अमीरी-गरीबी का नया खुलासा! सिर्फ 10% लोग पकड़कर बैठे हैं 65% संपत्ति

दुनिया को झटका देने वाली रिपोर्ट… सिर्फ 60,000 लोग रखते हैं आधी दुनिया से तीन गुना संपत्ति

Last Updated- December 11, 2025 | 8:06 AM IST
Income Gap

ताजा वर्ल्ड इनइक्वैलिटी रिपोर्ट के अनुसार, भारत में अमीरी और गरीबी का फर्क बहुत बड़ा है। देश की 65 प्रतिशत संपत्ति सिर्फ सबसे अमीर 10 प्रतिशत लोगों के पास है। दूसरी तरफ, नीचे के 50 प्रतिशत लोगों के पास केवल 6.4 प्रतिशत संपत्ति है। रिपोर्ट को अर्थशास्त्री लुकास चैंसेल, रिकार्डो गोमेज़-कारेरा, रोवाइदा मोश्रिफ और थॉमस पिकेट्टी ने तैयार किया है। इसमें बताया गया है कि भारत के सबसे अमीर 1 प्रतिशत लोगों के पास देश की लगभग 40 प्रतिशत संपत्ति है।

आय में भी बड़ी असमानता

रिपोर्ट कहती है कि टॉप 10 प्रतिशत लोग देश की 58 प्रतिशत आय कमाते हैं, जबकि नीचे के 50 प्रतिशत लोगों को केवल 15 प्रतिशत आय मिलती है। यानी कमाने में भी बड़ा अंतर है। 2014 से 2024 के बीच टॉप 10 प्रतिशत और नीचे के 50 प्रतिशत के बीच आय का अंतर थोड़ा बढ़ा है। यह अंतर 38 प्रतिशत से बढ़कर 38.2 प्रतिशत हो गया।

भारत में महिलाओं की स्थिति और आय का स्तर

रिपोर्ट के अनुसार, भारत में औसत प्रति व्यक्ति सालाना आय लगभग 6,200 यूरो है और औसत संपत्ति लगभग 28,000 यूरो है (पीपीपी के हिसाब से)। महिलाओं की कामकाज में भागीदारी बहुत कम है। सिर्फ 15.7 प्रतिशत महिलाएं नौकरी या कामकाज में शामिल हैं। पिछले 10 साल में इसमें कोई खास सुधार नहीं हुआ। रिपोर्ट बताती है कि 1980 में भारत की बड़ी आबादी मध्य वर्ग में थी, यानी राष्ट्रीय आय के बीच के हिस्से में। लेकिन अब यह आबादी नीचे के 50 प्रतिशत में खिसक गई है।

दुनिया में भी बढ़ रही असमानता

वैश्विक स्तर पर भी असमानता बहुत बढ़ गई है। रिपोर्ट कहती है कि दुनिया की कुल संपत्ति ऐतिहासिक स्तर पर पहुंची है, लेकिन इसका ज्यादातर हिस्सा बहुत कम लोगों के पास है। दुनिया की आबादी के सिर्फ 60,000 लोग (0.001%) के पास जितनी संपत्ति है, वह दुनिया के निचले आधे हिस्से की संपत्ति से तीन गुना ज्यादा है। सबसे अमीर 0.001 प्रतिशत लोगों की संपत्ति 1995 में 3.8 प्रतिशत थी, जो 2025 में बढ़कर 6.1 प्रतिशत हो जाएगी। वहीं, दुनिया के आधे गरीब लोगों की संपत्ति पिछले 20 साल से लगभग 2 प्रतिशत पर ही अटकी हुई है।

अमीर लोग ज्यादा कार्बन उत्सर्जन के लिए जिम्मेदार

रिपोर्ट यह भी बताती है कि पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने में अमीर लोग सबसे आगे हैं। दुनिया की सबसे गरीब आधी आबादी सिर्फ 3 प्रतिशत कार्बन उत्सर्जन करती है, जबकि सबसे अमीर 10 प्रतिशत लोग 77 प्रतिशत उत्सर्जन के लिए जिम्मेदार हैं। रिपोर्ट के अनुसार, अमीर लोग सिर्फ अपनी जीवनशैली से ही नहीं, बल्कि अपने निवेशों के जरिए भी जलवायु संकट को बढ़ाते हैं।

यह वर्ल्ड इनइक्वैलिटी रिपोर्ट 2026 है, जो 2018 और 2022 के बाद तीसरा संस्करण है। इसे दुनिया भर के 200 से ज्यादा शोधकर्ताओं ने मिलकर तैयार किया है।

First Published - December 11, 2025 | 7:57 AM IST

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