BS Manthan 2026, Day 1: बिजनेस स्टैंडर्ड का सालाना समिट मनथन आज से शुरू हो गया है। यह तीसरी बार आयोजित किया जा रहा है और इसे वहीँ आयोजित किया गया है जहां 2024 में इसकी शुरुआत हुई थी।
इस दो दिवसीय कार्यक्रम में देश के अलग-अलग क्षेत्रों के लगभग 40 विशेषज्ञ और नेता शामिल होंगे। यहां करीब 25 सेशन होंगे, जिसमें संवाद, पैनल चर्चा और विचार-विमर्श शामिल होंगे। इस साल का मुख्य विषय है ‘भविष्य के लिए तैयार भारत’, जो तेजी से बदलते तकनीकी और वैश्विक माहौल में खास महत्व रखता है।
समिट के पहले दिन केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पियूष गोयल और केंद्रीय कृषि व ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान अपने विचार साझा करेंगे। ये सत्र नीति निर्माताओं और उद्योग जगत के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश प्रदान करेंगे।
वहीं, समिट के दूसरे दिन केंद्रीय वित्त और कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण और केंद्रीय नई एवं नवीकरणीय ऊर्जा तथा खाद्य एवं उपभोक्ता मामले मंत्री प्रल्हाद जोशी अपने अनुभव और दृष्टिकोण साझा करेंगे। यह सत्र उस समयों में और भी महत्वपूर्ण हो जाता है, जब वैश्विक अस्थिरता नई चुनौती बनकर सामने आ रही है।
इसके अलावा, नीति से लेकर कॉर्पोरेट जगत तक कई अन्य प्रमुख वक्ता भी अपनी प्रस्तुति देंगे। पहले दिन निति आयोग की उपाध्यक्ष सुमन बेरी ‘आधुनिक भारत की दिशा’ पर अपने विचार रखेंगे। उनका यह सत्र नए विचारों और दृष्टिकोणों को सामने लाने के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कॉर्पोरेट जगत से आईटीसी के चेयरमैन और एमडी संजीव पुरी अपने सत्र में उपभोक्ता वस्त्र उद्योग और एफएमसीजी क्षेत्र में नवाचार पर चर्चा करेंगे। उनका यह संवाद भारत को भविष्य के लिए तैयार बनाने के उपायों पर नई सोच प्रस्तुत करेगा।
बाजार के जानकारों और निवेशकों के लिए यह समय काफी रोचक रहने वाला है। बिजनेस स्टैंडर्ड मंथन समिट मंगलवार को एक जोरदार फायरसाइड चैट के साथ शुरू होगा। इस सत्र में प्रमुख वित्तीय विशेषज्ञ क्रिस्टोफर वुड, जेफ़्रीज के ग्लोबल हेड ऑफ इक्विटी स्ट्रेटेजी और निलेश शाह, कोटक म्यूचुअल फंड के मैनेजिंग डायरेक्टर, निवेशकों को मार्केट पर एआई के प्रभाव के बारे में अपनी समझ और सुझाव साझा करेंगे।
समिट के पहले दिन एआई पर विशेष फोकस रहेगा। डेटा सेंटर और एआई से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर एक पैनल चर्चा आयोजित की जाएगी, जबकि दूसरे दिन भारत में एआई के विकास और उसकी संभावनाओं पर एक और महत्वपूर्ण बातचीत होगी। समिट के समापन सत्र में जाने-माने फिल्म निर्माता शेखर कपूर मंच पर आएंगे। उन्होंने ‘मासूम’, ‘मिस्टर इंडिया’, ‘बैंडिट क्वीन’ और ‘एलिज़ाबेथ’ जैसी यादगार फिल्में बनाई हैं। इस बातचीत में एआई की बढ़ती भूमिका और उसके भारतीय परिप्रेक्ष्य पर गहन चर्चा होगी, खासकर पिछले सप्ताह आयोजित AI Impact Summit के अनुभवों के संदर्भ में।
पहले दिन की चर्चाओं में अर्थशास्त्र और नीति निर्धारण के क्षेत्र के प्रमुख नाम भी शामिल होंगे। प्रोफेसर एस. महेंद्र देव, जो प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार परिषद के अध्यक्ष हैं, अपने विचार साझा करेंगे। कॉरपोरेट जगत की ओर से अटल लाल, डिक्सन टेक्नोलॉजीज के वाइस चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर, और तरुण मेहता, एथर एनर्जी के को-फाउंडर और सीईओ, भारत के भविष्य और उद्योग में एआई की भूमिका पर अपने दृष्टिकोण प्रस्तुत करेंगे।
सुमिट के दूसरे दिन की शुरुआत होगी प्रमुख पूर्व नौकरशाह और पूर्व G20 शेरपा अमिताभ कांत से, जो केरल पर्यटन को बढ़ावा देने वाले मशहूर नारे ‘गॉड्स ओन कंट्री’ के पीछे के व्यक्ति भी हैं। अमिताभ कांत अपने अनुभवों और प्रशासनिक दृष्टिकोण के माध्यम से सत्र में नई सोच और प्रोत्साहन की दिशा बताएंगे।
इसके बाद, प्रतियोगिता आयोग की अध्यक्ष रवनीत कौर डेटा और बाजार में प्रभुत्व के मुद्दों पर अपने विचार साझा करेंगी। उनका सत्र व्यापारिक प्रतिस्पर्धा और डिजिटल युग में उपभोक्ता हितों की सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण अंतर्दृष्टि प्रदान करेगा।
दिन के मध्य में, रिन्यू एनर्जी के संस्थापक और CEO सुमंत सिन्हा अपनी प्रस्तुति में स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में भारत की प्रगति और चुनौतियों पर प्रकाश डालेंगे। उनके विचार नई तकनीकों और हरित ऊर्जा समाधानों को लेकर चर्चा का केंद्र बनेंगे।
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भारत को विश्व का खाद्य कारखाना बनाने की राह पर विशेषज्ञ चर्चा
समिट के समापन दिन कई विशेषज्ञ पैनल चर्चाओं से सजा होगा। इनमें एक प्रमुख चर्चा यह तलाशेगी कि क्या भारत दुनिया का ‘फूड फैक्ट्री’ बन सकता है। इस पैनल में NITI आयोग के सदस्य रमेश चंद्र, कृषि अर्थशास्त्री प्रोफेसर अशोक गुलाटी और CSEP के अध्यक्ष और वरिष्ठ फेलो लवीश भंडारी अपने विश्लेषण और सुझाव साझा करेंगे।
सामाजिक और तकनीकी अवसंरचना पर चर्चाएँ
समाज और तकनीकी विकास को लेकर भी कई उच्चस्तरीय सत्र आयोजित किए जाएंगे। सामाजिक अवसंरचना पर चर्चा में कंवर्जेंस फाउंडेशन के संस्थापक अशिष धवन, संप्रक के संस्थापक और HCL के पूर्व CEO विनीत नायर, और बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन की इंडिया कंट्री डायरेक्टर अर्चना व्यास हिस्सा लेंगी। ये सत्र सामाजिक निवेश, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सुधार और नवाचार पर केंद्रित होंगे।
वहीं, उच्च-तकनीकी विनिर्माण को लेकर चर्चा में मिडवेस्ट के CEO कोल्लारेड्डी रामचंद्र, मशरेक बैंक के CEO तुषार विक्रम और रोल्स रॉयस में इंडिया एवं साउथ ईस्ट एशिया के सीनियर वाइस-प्रेसिडेंट अभिषेक सिंह अपने अनुभव और रणनीतियों पर प्रकाश डालेंगे।
इलेक्ट्रिक वाहन (EV) संक्रमण पर होने वाले पैनल में प्रमुख उद्योग विशेषज्ञ शामिल होंगे। इस पैनल में विनफास्ट इंडिया के सीईओ तापन घोष, Zypp Electric के सह-संस्थापक और सीईओ आकाश गुप्ता, Bolt.earth के सीईओ राघव भारद्वाज, Olectra Greentech के प्रबंध निदेशक महेश बाबू, और Euler Motors के संस्थापक एवं सीईओ सौरव कुमार उपस्थित रहेंगे। पैनलिस्ट EV उद्योग में भारत की तेजी से बढ़ती क्षमता, नवाचार, स्थिरता और भविष्य की रणनीतियों पर अपने विचार साझा करेंगे।
दूसरे पैनल में भारत की रक्षा रणनीति और वैश्विक भू-राजनीति में उसकी भूमिका पर चर्चा होगी। इसमें शामिल होंगे अंबेसडर सुजान चिनॉय, मनोहर पर्रिकर इंस्टीट्यूट फॉर डिफेंस स्टडीज एंड एनालिसिस के महानिदेशक, लेफ्टिनेंट जनरल दीपेन्द्र सिंह हूडा (सेवानिवृत्त) और दिल्ली पॉलिसी ग्रुप के विशिष्ट साथी राजिंदर सिंह भाटिया, तथा कल्याणी स्ट्रैटेजिक सिस्टम्स के चेयरमैन। पैनलिस्ट भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता, रणनीतिक साझेदारियों और वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों पर बहस करेंगे।
कार्यक्रम दो ऑडिटोरियम में और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी आयोजित किया जाएगा। दर्शकों को उद्योग और नीति निर्माताओं से सीधे संवाद करने का अवसर मिलेगा। आयोजकों का लक्ष्य यह है कि भारत के व्यवसाय, तकनीकी नवाचार और रणनीतिक निर्णयों पर एक समग्र दृष्टिकोण प्रस्तुत किया जाए।
विशेषज्ञों की भागीदारी और विभिन्न दृष्टिकोणों के आदान-प्रदान के कारण यह कार्यक्रम भारत के भविष्य पर विचार करने का एक महत्वपूर्ण मंच साबित होगा। दर्शक न केवल वर्तमान चुनौतियों और अवसरों को समझ पाएंगे बल्कि आने वाले दशक में भारत की दिशा पर भी स्पष्ट दृष्टिकोण प्राप्त कर सकेंगे।