शेयर बाजार के प्रति बिहार के लोगों में जागरुकता की कमी का उल्लेख करते हुए भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड
राष्ट्रीय पत्रिका गवर्नेंस नाउ द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में सिन्हा ने कहा , शेयर बाजार के प्रति बिहार में लोगों का रुझान बहुत कम है। बिहार में म्युचुअल फंड में अभी तक 1509 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है जो बहुत कम है। संपत्तियों का प्रबंधन ठीक ढंग से नहीं हुआ है। केवल असम और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्य पीछे हैं।
सिन्हा ने कहा कि म्युचुअल फंड का प्रचार इतना कम हुआ है कि केवल 24 कार्यालय ही राज्य में खुले हैं। प्राइवेट इक्विटी और वेंचर कैपिटल का बुरा हाल है। देश में दो करोड डी मैट खाते हैं जिसमें से बिहार में केवल 2.7 लाख डी मैट खाते आनलाइन ट्रेडिंग के लिए खुले हैं। राज्य में ब्रोकर निबंधन के लिए केवल एक ही कार्यालय कार्यरत है जबकि ब्रोकर टर्मिनस मात्र एक हजार है। ब्रोकर टर्मिनस में राष्ट्रीय औसत का केवल एक प्रतिशत हिस्सा बिहार में है।
उन्होंने कहा कि राज्य में 8700 कंपनियां निबंधित हैं जिसमें से केवल दो कंपनियां स्टाक एक्सचेंज में निबंधित हैं।
सार्वजनिक निर्गम :आइपीओ: में बिहार के लोगों की भागीदारी की इच्छा का उल्लेख करते हुए सिन्हा ने कहा कि कोल इंडिया लिमिटेड के आइपीओ में राज्य में 12700 आवेदन आये।