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मुंबई, ठाणे में बिजली गुल उजागर हुआ संकट

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Last Updated- December 11, 2022 | 7:31 PM IST

पारेषण की दिक्कत के बाद मंगलवार को मुंबई और ठाणे जैसे आसपास के हिस्सों में बिजली गुल हो गई। तेज गर्मी और औद्योगिक गतिविधियों में इजाफे के बीच राज्य में बिजली संकट गहराता जा रहा है। इस क्षेत्र पर नजर रखने वाले विश्लेषकों के अनुसार हालांकि बिजली गुल होने के एक घंटे के भीतर ही बिजली आपूर्ति  बहाल कर दी गई, लेकिन महाराष्ट्र को प्रतिदिन 3,500 मेगावाट बिजली की कमी का सामना करना पड़ रहा है। टाटा पावर के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा कि महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी ट्रांसमिशन कंपनी की एक पारेषण लाइन 400 किलोवोल्ट (केवी) कलवा ग्रिड पर ट्रिप हो गई थी, जो मुंबई और उपनगरीय क्षेत्रों को बिजली की आपूर्ति करती है।
टाटा पावर ने कहा कि यह एक ज्ञात तथ्य है कि किसी भी बड़ी ट्रिपिंग के मामले में शहर की व्यवस्था को व्यापक बिजली गुल होने से सुरक्षित रखने के लिए मुंबई के बिजली नेटवर्क को जोड़ा हुआ है। ऐसे परिदृश्य में स्वचालित बिजली आपूर्ति ट्रिमिंग सक्रिय हो जाती है, जैसा कि आज हुआ है जिसके परिणामस्वरूप समस्या को प्रभावी रूप से प्रबंधित करने के लिए लोड ट्रिमिंग होती है।
अदाणी इलेक्ट्रिसिटी के प्रवक्ता ने कहा कि पारेषण लाइन की ट्रिपिंग से मुंबई के चेंबूर, बांद्रा और सांताक्रूज जैसे इलाकों में उसके ग्राहक प्रभावित हुए हैं। प्रवक्ता ने कहा कि हालांकि सक्रिय नेटवर्क पुनव्र्यवस्था के जरिये अदाणी इलेक्ट्रिसिटी इस घटना के 40 मिनट के भीतर ही संपूर्ण बिजली आपूर्ति बहाल कर पाई।
हालांकि मुंबई को नियमित रूप से बिजली कटौती का सामना नहीं करना पड़ता है, लेकिन इसने पहले व्यवधान देखे हैं, जैसा 12 अक्टूबर, 2020 को ग्रिड की विफलता के कारण लगभग 18 घंटे तक रहा था। हालांकि इस साल इस क्षेत्र के विशेषज्ञों का कहना है कि इस महानगर में बिजली कटौती के कुछ और दौर देखने को मिल सकते हैं, क्योंकि बढ़ते तापमान और कोविड-19 के प्रतिबंध हटाए जाने के बाद सामान्य स्थिति की वापसी होने की वजह से मांग चरम पर है।
सूत्रों के अनुसार वर्तमान में मुंबई की बिजली मांग लगभग 3,500 मेगावाट प्रतिदिन है, जिसे वितरक अदाणी इलेक्ट्रिसिटी और टाटा पावर पूरा कर रहे हैं।

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First Published - April 27, 2022 | 1:47 AM IST

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