facebookmetapixel
जीप इंडिया का मास्टरप्लान: ‘Jeep 2.0’ रणनीति के साथ भारत बनेगा ग्लोबल एक्सपोर्ट हब बनाने की तैयारीGold-Silver ETF में सबसे बड़ी एकदिवसीय गिरावट, डॉलर मजबूत होने से निवेशकों में घबराहटमेटल शेयरों की भारी बिकवाली से बाजार लुढ़का, बजट से पहले सेंसेक्स-निफ्टी पर दबावITC का बड़ा दांव: प्रीमियम प्रोडक्ट्स में शामिल हुआ ‘ताजा जायका’, अब सीधे क्लाउड किचन से होगी डिलीवरीPaytm UPI मार्केट में दबदबे के जोखिम की करेगी कम, विजय शेखर शर्मा ने बताया कंपनी का अगला प्लानअमेरिका की नई रक्षा रणनीति पर बढ़ी चिंता, सहयोगियों से दूरी के मायनेApple के लिए भारत बना ‘बड़ा अवसर’, आईफोन-मैक की रिकॉर्ड बिक्री से वैश्विक राजस्व में भारी उछालशरद पवार फिर केंद्र में: अजित पवार की मृत्यु के बाद राकांपा के सामने तीन रास्ते Q3 Results: बजाज और नेस्ले के मुनाफे में जबरदस्त उछाल, अंबुजा सीमेंट के लाभ में बड़ी गिरावटबजट 2026: प्राइवेट कैपेक्स बढ़ाने पर जोर, कई अनजाने सवाल अभी बाकी

Stock Market: दर कटौती की उम्मीद घटी, 1 फीसदी टूटे शेयर बाजार

Share Market: RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि जब तक यह सबूत नहीं मिल जाता कि महंगाई को लक्षित स्तर के करीब मजबूती से रखा जाएगा, दरों में कटौती पर बात करना जल्दबाजी होगा।

Last Updated- February 08, 2024 | 9:54 PM IST
Stock Market

Stock Market: बेंचमार्क सूचकांकों में गुरुवार को एक फीसदी की गिरावट आई। इसका कारण दरों के प्रति संवेदनशील वित्तीय शेयरों में गिरावट रही। आरबीआई ने लगातार छठी मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक में ब्याज दरों में बदलाव नहीं किया और संकेत दिया कि ब्याज दरें हड़बड़ी में शायद ही घटाई जाएं।

ब्याज दरें अपरिवर्तित रखने का फैसला मोटे तौर पर अनुमान के मुताबिक ही रहा लेकिन आरबीआई के अपना पुराना रुख बरकरार रखने के फैसले ने ब्याज दरों में जल्द कटौती की उम्मीद धूमिल कर दी। बाजार इस मामले में आरबीआई से तटस्थ रुख अपनाने की उम्मीद कर रहा था।  

सेंसेक्स 724 अंक यानी 1 फीसदी टूटकर 71,428 पर बंद हुआ, वहीं निफ्टी 213 अंकों की फिसलन के सात 21,718 पर टिका। निफ्टी बैंक इंडेक्स 1.76 फीसदी जबकि निफ्टी फाइनैंशियल सर्विसेज इंडेक्स 1.85 फीसदी फिसला। इंडिया वीआईएक्स इंडेक्स 2.1 फीसदी चढ़कर 15.83 पर पहुंच गया।

आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि जब तक यह सबूत नहीं मिल जाता कि महंगाई को लक्षित स्तर के करीब मजबूती से रखा जाएगा, दरों में कटौती पर बात करना जल्दबाजी होगा। 

मोतीलाल ओसवाल फाइनैंशियल सर्विसेज के खुदरा शोध प्रमुख सिद्धार्थ खेमका ने कहा कि जब आरबीआई ने लगातार छठी बार यथास्थिति बरकरार रखी और दर कटौती को लेकर कोई समयसीमा नहीं दी तो ब्याज दरों से जुड़े शेयर लाल निशान के साथ बंद हुए । आरबीआई के इस कदम के बाद हम उम्मीद करते हैं कि बाजार ढुलमुल बना रहेगा और अल्पावधि में एकीकृत होगा।

विशेषज्ञों ने कहा कि आरबीआई शायद अमेरिकी फेडरल रिजर्व से संकेत ले रहा है, जिसने मार्च में ब्याज कटौती की उम्मीद को बहुत ज्यादा अहमियत नहीं दी है। बुधवार को फेड के चार अधिकारियों के बयान से पता चलता है कि वे ब्याज दरें कम करने का कोई आपात मामला नहीं देखते और एक तरह से उन्होंने मौद्रिक नीति निर्माताओं की वही बात दोहराई है कि मई से पहले दरों में शायद ही कटौती हो।

बाजार में चढ़ने व गिरने वाले शेयरों का अनुपात कमजोर रहा और 2,274 शेयर गिरे जबकि 1,575 में बढ़त रही। सेंसेक्स में शामिल दो तिहाई से ज्यादा शेयर फिसले। आईसीआईसीआई बैंक में 3.3 फीसदी की गिरावट आई जबकि एचडीएफसी बैंक 4.04 फीसदी टूटा और ये दोनों सेंसेक्स की गिरावट में सबसे ज्यादा योगदान करने वाले रहे। 

आईटीसी की सबसे बड़ी शेयरधारक ब्रिटिश अमेरिकन टोबैको (बीएटी) ने कहा कि वह अपने हिस्सेदारी का एक भाग बेचने की के लिए नियामकीय बाधाओं को दूक करने की कोशिश कर रही है। 

First Published - February 8, 2024 | 9:54 PM IST

संबंधित पोस्ट