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विश्व बैंक का भारत को बड़ा समर्थन: अगले 5 वर्षों में रोजगार के लिए मिलेगा $10 अरब तक सालाना लोन

यह समझौता वित्त वर्ष 2018- 2025 से लागू ऐसे ही एक समझौते के बाद हुआ है जिसके तहत विश्व बैंक ने उस अवधि में 6-7 अरब डॉलर का सालाना ऋण देने की प्रतिबद्धता जताई थी

Last Updated- January 30, 2026 | 10:11 PM IST
World Bank
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

विश्व बैंक समूह (डब्ल्यूबीजी) ने भारत के साथ एक नया देशीय साझेदारी ढांचा (कंट्री पार्टनरशिप फ्रेमवर्क) समझौता किया है। डब्ल्यूबीजी ने शुक्रवार को इसकी घोषणा की। इस समझौते का मकसद भारत के विकास के अगले चरण को गति देना है। इस समझौते के तहत अगले पांच वर्षों (वित्त वर्ष 2026 से 2031) की अवधि में 8 से 10 अरब डॉलर के सालाना ऋण के साथ निजी क्षेत्र की अगुआई में नौकरी सृजन पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

यह समझौता वित्त वर्ष 2018- 2025 से लागू ऐसे ही एक समझौते के बाद हुआ है जिसके तहत विश्व बैंक ने उस अवधि में 6-7 अरब डॉलर का सालाना ऋण देने की प्रतिबद्धता जताई थी। विश्व बैंक ने एक बयान में कहा कि भारत के श्रम बाजार में हर साल लगभग 1.2 करोड़ युवा कदम रख रहे हैं। बयान के अनुसार नौकरी-समृद्ध क्षेत्रों में निजी निवेश को बढ़ावा देकर देश के आर्थिक विकास का अगला चरण प्रमुख प्राथमिकता है।

बयान में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के हवाले से कहा गया है, ‘निजी पूंजी के साथ सार्वजनिक धन का लाभ उठाना, ग्रामीण एवं शहरी भारत में अधिक नौकरियां सृजित करना और बीडब्ल्यूजी के वैश्विक अनुभव के साथ परियोजनाओं को समृद्ध बनाना इस समझौते का मकसद है। इनकी मदद से रफ्तार और व्यापकता दोनों के लिहाज से स्थायी प्रभाव हासिल करने में मदद मिलेगी।’

भौतिक और मानव बुनियादी ढांचे में निवेश करना, एक व्यवसाय-अनुकूल वातावरण बनाना और निजी निवेश में सहायता के लिए जोखिम-प्रबंधन उपकरणों को तैनात करना,विश्व बैंक की वैश्विक नौकरी रणनीति के तीन स्तंभ हैं।

बयान में कहा गया है,‘यह दृष्टिकोण पांच क्षेत्रों पर केंद्रित है जो स्थानीय रूप से प्रासंगिक नौकरियां बड़े पैमाने पर पैदा करते हैं। इनमें बुनियादी ढांचा एवं ऊर्जा, कृषि व्यवसाय, स्वास्थ्य सेवा, पर्यटन और मूल्य वर्धित विनिर्माण शामिल हैं।’ इस नए समझौते पर विश्व बैंक की एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार भारत सरकार ने उसे निजी पूंजी के साथ सार्वजनिक धन का लाभ उठाकर देशीय साझेदारी ढांचा तैयार करने के लिए कहा।

इस साझेदारी का उद्देश्य कौशल को उन्नत बनाकर, छोटे व्यवसायों के लिए बाधाएं कम कर और युवाओं एवं महिलाओं के लिए अधिक नौकरियां सृजित कर निजी क्षेत्र में नियुक्तियों को बढ़ावा देना है। यह ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि क्षेत्र से बाहर रोजगार तैयार करने, शहरी बुनियादी ढांचे एवं मानव पूंजी में निवेश करने और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करेगा।

First Published - January 30, 2026 | 10:11 PM IST

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