facebookmetapixel
Advertisement
सोने पर 15% ड्यूटी से क्या घटेगा भारत का ट्रेड डेफिसिट? जानिए क्यों इतना आसान नहीं है यह गणिततेल संकट के बीच सरकार का बड़ा दावा! 4 साल से नहीं बढ़े पेट्रोल-डीजल के दामMSCI Index में बड़ा फेरबदल! Adani Energy और MCX की एंट्री, RVNL बाहरAirtel Q4 Results: मुनाफे में 33.5% की भारी गिरावट, ₹7,325 करोड़ पर आया नेट प्रॉफिटDA Hike: सरकार का बड़ा तोहफा! रेलवे कर्मचारियों और पेंशनर्स का DA बढ़ा, सैलरी में होगा सीधा असरस्मार्ट लाइटिंग से चमकेगा भारत! 2031 तक 24 अरब डॉलर पार करेगा स्मार्ट होम मार्केटकैबिनेट का बड़ा फैसला, नागपुर एयरपोर्ट बनेगा वर्ल्ड क्लास हब; यात्रियों को मिलेंगी नई सुविधाएंKharif MSP 2026: खरीफ फसलों की MSP में इजाफा, धान का समर्थन मूल्य ₹72 बढ़ाFMCG कंपनियों में निवेश का मौका, DSP म्युचुअल फंड के नए ETF की पूरी डीटेलUS-Iran War: चीन यात्रा से पहले ट्रंप की ईरान को खुली चेतावनी, बोले- ‘डील करो वरना तबाही तय’

NCDEX को मिली ₹500 करोड़ की फंडिंग, नए निवेशकों की एंट्री

Advertisement

NCDEX अगले साल अगस्त तक इक्विटी सेगमेंट लॉन्च करने की योजना बना रहा है, जिसमें शुरुआती फोकस कैश मार्केट पर होगा।

Last Updated- August 30, 2025 | 12:04 PM IST
NCDEX
Representative Image

नैशनल कमोडिटी ऐंड डेरिवेटिव्स एक्सचेंज (एनसीडीईएक्स) ने 500 करोड़ रुपये से अधिक की फंडिंग पक्की कर ली है। इस फंडिंग में मार्केट मेकर सिटाडेल सिक्योरिटीज, हाई फ्रीक्वेंसी ट्रेडिंग फर्म टावर रिसर्च और अमेरिका की निवेश फर्म अकेशिया पार्टनर्स जैसी कंपनियां शामिल हुईं।

जानकार सूत्रों ने बताया कि इसमें शामिल होने की पुष्टि करने वाले प्रमुख संस्थागत निवेशकों में ग्रो, कोटक लाइफ इंश्योरेंस और जेएम फाइनैंशियल शामिल हैं। उन्होंने बताया कि उसने विभिन्न ब्रोकरों, अमीर निवेशकों, निजी इक्विटी फंडों और अन्य निवेशकों से प्रतिबद्धताएं हासिल की हैं। इक्विटी बाजार में उतरने के लिए एनसीडीईएक्स का इरादा 750 करोड़ रुपये जुटाने का है।

सिटाडेल सिक्योरिटीज और टावर रिसर्च ने एक्सचेंज में अल्पमत हिस्सेदारी के लिए क्रमशः 17 करोड़ रुपये और 34 करोड़ रुपये के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है। यह रकम विशेष रूप से एनसीडीईएक्स के इक्विटी कारोबार के निर्माण के लिए निर्धारित की गई है।

Also Read: अगस्त में निवेशकों को झटका, एफपीआई ने निकाले 22,751 करोड़ रुपये

इन प्रतिबद्धताओं पर गुरुवार को एनसीडीईएक्स की निदेशक मंडल की बैठक के दौरान चर्चा की गई और इन्हें 1 सितंबर को शेयरधारकों की मंजूरी के लिए पेश किया जाएगा। इस बारे में जानकारी के लिए एनसीडीईएक्स को ईमेल किए गए प्रश्नों का जवाब नहीं मिला।

बाजार विशेषज्ञों ने कहा कि सक्रिय भागीदारी और मजबूत लाभप्रदता के कारण भारतीय स्टॉक एक्सचेंज आकर्षक निवेश स्थल बने हुए हैं, भले ही नियामकों ने अत्यधिक सटोरिया गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए अभियान शुरू कर रखा है।

रकम जुटाने के नए दौर के साथ एलआईसी, नाबार्ड और पंजाब नैशनल बैंक जैसे मौजूदा संस्थागत निवेशकों की शेयरधारिता आनुपातिक रूप से कम हो जाएगी। एनसीडीईएक्स को इक्विटी सेगमेंट में प्रवेश के लिए भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) से सैद्धांतिक मंजूरी पहले ही मिल चुकी है।

बिजनेस स्टैंडर्ड को दिए हालिया साक्षात्कार में एनसीडीईएक्स के प्रबंध निदेशक और सीईओ अरुण रस्ते ने संकेत दिया था कि एक्सचेंज को चालू वित्त वर्ष के अंत तक सेबी की अंतिम मंजूरी मिलने की उम्मीद है और अगले साल अगस्त तक इसे लॉन्च करने की योजना है। इस लॉन्च में कैश सेगमेंट को प्राथमिकता दी जाएगी। उसके बाद डेरिवेटिव को जो डेटा-आधारित विश्लेषण के आधार पर होगा।

Advertisement
First Published - August 30, 2025 | 12:04 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement