उत्तरी भारत में कोहरे का कहर जारी है। मंगलवार को भी दिल्ली समेत पूरे उतरी क्षेत्र में 180 से अधिक उड़ान कोहरे के कारण रद्द कर दी गईं, जबकि सैकड़ों देरी से संचालित हुईं। इससे पहले, सोमवार को भी घने कोहरे की वजह से लगभग 200 विमान अपने गंतव्यों के लिए उड़ान नहीं भर पाए थे।
नई दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (आईजीआई) पर खराब मौसम का सबसे अधिक असर पड़ा। सोमवार सुबह 9:35 बजे तक यहां 118 उड़ान रद्द करनी पड़ी थीं, जबकि कम से कम 16 विमानों को अन्य हवाई अड्डों की ओर मोड़ा गया। उद्योग से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि कम दृश्यता के कारण सोमवार रात 12 बजे से मंगलवार सुबह 9:35 बजे के बीच 58 जाने वाले और 60 आने वाले विमान उड़ान नहीं भर सके। आईजीआई पर प्रतिदिन लगभग 1,360 उड़ान का संचालन होता है।
देश की सबसे बड़ी विमानन कंपनी इंडिगो ने अपनी वेबसाइट पर जानकारी दी कि उत्तर भारत में प्रतिकूल मौसम की स्थिति के कारण मंगलवार को उसके 72 विमान खड़े रह गए। इसके अलावा बुधवार के लिए निर्धारित 13 उड़ान को भी मंगलवार को ही रद्द करने की घोषणा कर दी गई है।
विमानन विश्लेषण फर्म सिरियम के अनुसार वर्तमान में भारत भर में हर रोज लगभग 3,320 घरेलू उड़ानें संचालित होती हैं, जबकि यहां से विदेशों को जाने और आने वाली उड़ानों की संख्या करीब 1,315 है।
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने इस वित्त वर्ष के लिए 10 दिसंबर से 10 फरवरी तक की अवधि को विमानन संचालन के लिए शीतकालीन कोहरे का मौसम घोषित किया है। इस दौरान एयरलाइनों को कम दृश्यता में संचालन से संबंधित कैट-थ्री-बी प्रक्रियाओं का पालन करना अनिवार्य होता है। इन परिस्थितियों में उड़ान भरने के लिए विशेष रूप से विमान तैयार किए जाते हैं। साथ केवल ऐसे पायलटों को ही ड्यूटी पर लगाया जाता है जिनके पास कम दृश्यता में लैंडिंग का अनुभव होता है।