facebookmetapixel
Advertisement
Infosys Q1 Results: अनिश्चित वैश्विक माहौल से इन्फोसिस ने घटाया ग्रोथ आउटलुक, मुनाफा 12.2% बढ़ासुधारों में देरी से अधर में लटक जाएगा हमारे युवाओं का भविष्य: मोंटेक सिंह आहलुवालिया1991 के आर्थिक सुधारों के 35 साल: उपलब्धियां बड़ी, लेकिन अधूरे एजेंडे अब भी भारत के सामनेफूड डिलिवरी बाजार में उतरेगी फ्लिपकार्ट, अगस्त-सितंबर में ONDC के जरिए होगी शुरुआतसरकार ने ई-कॉमर्स FDI नियमों में दी बड़ी राहत, निर्यात के लिए इन्वेंटरी मॉडल को मंजूरीInfosys में नेतृत्व परिवर्तन: आशिष कुमार दास होंगे नए सीईओ, 1 अप्रैल 2027 से संभालेंगे कमानतेल में तेजी से महंगाई बढ़ने की आशंका, सोना 2 फीसदी टूटाहूती हमलों से तेल बाजार में उथल-पुथल, ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंचाकच्चे तेल में उछाल से शेयर बाजार की बिगड़ी चाल, सेंसेक्स 364 अंक टूटाSEBI का बड़ा प्रस्ताव: ऑनलाइन विवाद निपटान प्रणाली होगी तेज, MII संभालेंगे ओडीआर की जिम्मेदारी

सोना-चांदी में फिर तेजी: बिकवाली के बाद लौटी चमक, 1979 के बाद सबसे अच्छे वर्ष की राह पर

Advertisement

मौद्रिक नीति में ढील, भू-राजनीतिक तनाव, केंद्रीय बैंकों की खरीदारी और ईटीएफ में बढ़ती हिस्सेदारी के कारण इस वर्ष सोने की कीमतों में 66 फीसदी की वृद्धि हुई है

Last Updated- December 30, 2025 | 9:18 PM IST
Gold and Silver Price today

पिछले सत्र में हुई भारी बिकवाली से उबरते हुए सोने और अन्य कीमती धातुओं की कीमतों में मंगलवार को उछाल आई क्योंकि ध्यान एक बार फिर लगातार बने रहने वाले वैश्विक जोखिमों पर केंद्रित हो गया, जिन्होंने सोने को चार दशकों से अधिक समय में अपने सबसे मजबूत सालाना प्रदर्शन तक पहुंचाया है।

हाजिर सोना 11.27 बजे (जीएमटी) पर 1.3 फीसदी बढ़कर 4,387.29 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। सोमवार को इसमें दो महीने से अधिक समय में सबसे बड़ी दैनिक गिरावट दर्ज की गई। यह शुक्रवार के रिकॉर्ड उच्च स्तर 4,549.71 डॉलर से नीचे आ गई। विश्लेषकों ने इसका कारण मुनाफावसूली बताया। अमेरिकी सोना वायदा 1.3 फीसदी की बढ़त के साथ 4,401.90 डॉलर पर रहा।

ओएंडा के मार्केटपल्स के विश्लेषक जेन वावडा ने कहा, सोमवार की बिकवाली में नए साल से पहले मुनाफावसूली के लक्षण दिखाई दिए। खरीदार संभवतः वापस लौट रहे हैं क्योंकि इस तेजी के संरचनात्मक हालात (कमजोर अमेरिकी डॉलर और भू-राजनीतिक अनिश्चितता) अभी भी बनी हुई हैं।

मौद्रिक नीति में ढील, भू-राजनीतिक तनाव, केंद्रीय बैंकों की खरीदारी और ईटीएफ में बढ़ती हिस्सेदारी के कारण इस वर्ष सोने की कीमतों में 66 फीसदी की वृद्धि हुई है जो 1979 के बाद से इसमें सालाना सबसे बड़ी वृद्धि है। फेडरल रिजर्व मंगलवार को दिसंबर की बैठक की कार्यवाही जारी करेगा। कारोबारी फिलहाल अगले साल दो बार ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कर रहे हैं। कम ब्याज दर वाले माहौल में नॉन यील्डिंग संपत्तियों का प्रदर्शन अच्छा रहता है।

भू-राजनीतिक मोर्चे की बात करें तो रूस ने यूक्रेन पर राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन के आवास पर हमले की कोशिश का आरोप लगाया और जवाबी कार्रवाई की कसम खाई, जिससे शांति समझौते की संभावनाओं को झटका लगा।

उधर, चांदी की कीमत 3.5 फीसदी बढ़कर 74.78 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। सोमवार को यह 83.62 डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गई थी। लेकिन उसके बाद इसमें अगस्त 2020 के बाद की सबसे बड़ी दैनिक गिरावट दर्ज की गई। सोसियाते जेनराली के विश्लेषकों ने शुक्रवार को सीएमई समूह द्वारा चांदी वायदा के लिए प्रारंभिक मार्जिन जरूरत बढ़ाने के कदम की ओर भी इशारा किया।

सीएमई ग्रुप ने कॉमेक्स सिल्वर फ्यूचर्स के लिए ट्रेडरों द्वारा एक्सचेंज के पास रखी जाने वाली सिक्योरिटी रकम को 13.6 फीसदी बढ़ाकर 22,000 डॉलर प्रति अनुबंध से 25,000 डॉलर कर दिया है।

अमेरिकी महत्त्वपूर्ण खनिजों की सूची में शामिल होने, आपूर्ति में कमी और औद्योगिक और निवेशकों की रुचि में वृद्धि के कारण चांदी की कीमतों में इस वर्ष 159 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।

Advertisement
First Published - December 30, 2025 | 9:13 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement