facebookmetapixel
Artemis 2 Mission: 1972 के बाद पहली बार फरवरी में अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा के चारों ओर चक्कर लगाएंगेBMC Election 2026: जीत के बाद भाजपा के सामने शहर का नए सिरे से विकास और निवेश की चुनौती‘स्वामित्व योजना’ के तहत 3 लाख से अधिक गांवों का ड्रोन से हुआ सर्वे, 1.5 लाख गांवों में कार्ड भी वितरितनिजी इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने में केरल देश में अव्वल, चारपहिया सेगमेंट में भी बढ़तBudget 2026 से पहले नॉमिनल GDP ग्रोथ को रफ्तार, 10.5 फीसदी तक रहने का अनुमानअब एक ही मासिक स्टेटमेंट में दिखेगा फाइनेंस का पूरा हिसाब-किताब, SEBI-RBI करने जा रही बड़ी पहलJIO की लिस्टिंग और रिटेल कारोबार की तेज रफ्तार से रिलायंस की ग्रोथ को मिलेगा नया बूस्टस्मॉलकैप फंडों ने माइक्रोकैप शेयरों से बनाई दूरी, निवेश 2 फीसदी पर सिमटा; वेंचुरा की स्टडी में खुलासाCII सर्वे: उद्योगों का भरोसा पांच तिमाही के उच्च स्तर पर, मांग और निवेश को मिला बलविश्व आर्थिक मंच की 56वीं वार्षिक बैठक में चमकेगी भारत की विकास गाथा, दुनिया देखेगी ग्रोथ इंजन का दम

Tata Power ने रचा इतिहास, राजस्थान में 1 गीगावॉट सौर परियोजना की सफल शुरुआत

टाटा पावर की सहायक कंपनी टीपीआरईएल की यह अब तक चालू की गई सबसे बड़ी सौर परियोजना और भारत में सबसे बड़े अक्षय ऊर्जा विकास कार्यों में से एक है

Last Updated- December 30, 2025 | 10:25 PM IST
Tata Power
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

टाटा पावर रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड (टीपीआरईएल) ने राजस्थान में एसजेवीएन की 1 गीगावॉट (जीडब्ल्यू) सौर विद्युत परियोजना को सफलतापूर्वक चालू कर दिया है। यह परियोजना डोमेस्टिक कंटेंट रिक्वायरमेंट पॉलिसी के मुताबिक बनाई गई है। टाटा पावर की सहायक कंपनी टीपीआरईएल की यह अब तक चालू की गई सबसे बड़ी सौर परियोजना और भारत में सबसे बड़े अक्षय ऊर्जा विकास कार्यों में से एक है। इससे कंपनी की काम करने की बेहतर क्षमता का पता चलता है। परियोजना चालू होने से टीपीआरईएल की कुल रिन्यूएबल यूटिलिटी-स्केल क्षमता 11.6 गीगावॉट हो गई है। इसमें 4.9 गीगावॉट थर्ड-पार्टी ईपीसी के तौर पर तैयार की गई है।

परियोजना में इस्तेमाल सभी 24 लाख मॉड्यूल टाटा पावर की टीपी सोलर लिमिटेड की तिरुनेलवेली में सोलर सेल और मॉड्यूल निर्माण इकाई में बनाए गए हैं, जो ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत घरेलू निर्माण के प्रति कंपनी की मजबूत कटिबद्धता को दर्शाता है और इससे स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता को बढ़ाने में मदद मिलेगी। राजस्थान के बीकानेर में बंदरवाला और करणीसर भाटियान क्षेत्रों में फैली यह परियोजना विकास के बड़े विस्तार को दर्शाती है ।

First Published - December 30, 2025 | 10:25 PM IST

संबंधित पोस्ट