उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु उद्योग के लिए 2025 की शुरुआत धीमी रही और मॉनसून के लंबे समय तक रहने के कारण ग्रीष्म ऋतु की अवधि कम हो गई जिससे बिक्री पर असर पड़ा, लेकिन माल एवं सेवा कर (जीएसटी) की दरों में कटौती से उद्योग को बहुत जरूरी राहत मिली। कूलिंग उपकरण निर्माताओं ने साल की शुरुआत बड़ी उम्मीदों के साथ की थी, लेकिन मॉनसून के जल्दी आने से उनका उत्साह धूमिल हो गया।
वोल्टास के लिए 2024 की गर्मियों के उच्च आधार के बावजूद वर्ष की शुरुआत सकारात्मक रही। हालांकि, देश के कई हिस्सों में तापमान चरम पर नहीं पहुंचा। इससे पीक सीजन में मांग प्रभावित हुई। वोल्टास के प्रबंध निदेशक मुकुंदन मेनन ने बिज़नेस स्टैंडर्ड को बताया, ‘वर्ष 2025 की शुरुआत हमारे लिए काफी आशावाद के साथ हुई थी। कूलिंग श्रेणी की एक प्रमुख कंपनी के रूप में हमने 2024 में असाधारण रूप से मजबूत प्रदर्शन किया था, इसलिए उम्मीदें बहुत अधिक थीं। हालांकि, अप्रैल और मई आते-आते स्थिति में काफी बदलाव आ गया। गर्मी का मौसम बेहद अनिश्चित रहा, रुक-रुक कर बारिश होती रही।’
ब्लूस्टार के लिए खराब मौसम के कारण जून तिमाही में वृद्धि दर में गिरावट आई। कंपनी के एमडी बी त्यागराजन ने कहा, ‘हमने पिछले साल की पहली तिमाही में 51 प्रतिशत की वृद्धि देखी थी और उस आधार पर 20-25 प्रतिशत की वृद्धि की उम्मीद कर रहे थे। हालांकि, बाजार में लगभग 20 लाख एयर कंडीशनर यूनिट का अतिरिक्त स्टॉक है क्योंकि डीलरों ने कमी की आशंका में अधिक खरीदारी कर ली थी। स्टॉक का ढेर लग गया है और हम इस तिमाही में 25-30 प्रतिशत की गिरावट की उम्मीद कर सकते हैं।’
सितंबर में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नई जीएसटी दरों की घोषणा की। नई व्यवस्था के तहत 32 इंच से बड़े एलसीडी और एलईडी टेलीविजन सेट, एसी और डिशवॉशर पहले के 28 प्रतिशत के बजाय 18 प्रतिशत के दायरे में आ गए। हालांकि नए स्लैब में बदलाव में समय लगा, लेकिन उपकरण निर्माताओं और खुदरा विक्रेताओं ने कहा कि इस कदम से मांग को बढ़ाने में मदद मिली है।
सैमसंग, दक्षिण-पश्चिम एशिया के अध्यक्ष और मुख्य कार्याधिकारी (सीईओ) जेबी पार्क ने हाल ही में कहा, ‘अमेरिका द्वारा लगाए गए पारस्परिक टैरिफ के कारण उद्योग का दृष्टिकोण नकारात्मक था। भारत सबसे अधिक प्रभावित एशियाई देशों में से एक था। जीएसटी दरों में कटौती से उपभोक्ता खर्च को पुनर्जीवित करने में मदद मिली, विशेष रूप से टीवी और एसी पर, जिन्हें अभी भी विलासिता की वस्तु माना जाता है, जिससे वे अधिक सुलभ हो गए हैं।’
बीएसएच होम अप्लायंसेज के एमडी और सीईओ सैफ खान ने कहा, ‘वर्ष 2025 भारत में प्रीमियम घरेलू उपकरणों के लिए एक निर्णायक वर्ष रहा है, जो नई श्रेणियों के निर्माण और आकांक्षा-आधारित उपभोग में आए बदलाव से प्रेरित है। डिशवॉशर एक उभरती हुई श्रेणी के रूप में सामने आए, जिसमें अखिल भारतीय स्तर पर 40 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई और त्योहारी सीजन में हमारी अब तक की सबसे अधिक बिक्री दर्ज की गई।’
गोदरेज एंटरप्राइजेज ग्रुप के उपकरण व्यवसाय के प्रमुख और कार्यकारी उपाध्यक्ष कमल नंदी ने कहा, ‘इस वर्ष, पर्यावरण और व्यापक आर्थिक कारकों के कारण, टिकाऊ वस्तुओं के उद्योग में समग्र रूप से खपत में सापेक्ष मंदी देखी जा रही है।’
(साथ में मुंबई से शार्लीन डिसूजा)