facebookmetapixel
Economic Survey 2026: कॉर्पोरेट बॉन्ड बाजार को मजबूत बनाने व टैक्स ढांचे में सुधार की जोरदार वकालतआर्थिक समीक्षा की दो-टूक: वैश्विक अनिश्चितता में स्वदेशी पर फोकस अब अनिवार्यEconomic Survey 2026: ई-वे बिल को प्रवर्तन नहीं, बाधारहित लॉजिस्टिक्स सुविधा के रूप में देखने का सुझावEconomic Survey 2026: मैन्युफैक्चरिंग को राष्ट्रीय मिशन बनाने पर जोर, जीवीसी एकीकरण से बढ़ेगी प्रतिस्पर्धाभारतीय विमानन में एयरबस का बड़ा दांव: क्षेत्रीय टर्बोप्रॉप बाजार में दिखेगी जबरदस्त बढ़तEconomic Survey 2026: कमजोर रुपये से व्यापार को सहारा, हिचकिचाहट कायमAGR विवाद सुलझने के बाद VI ने बनाई नई रणनीति, बैंक फंडिंग से पूंजी जुटाकर नेटवर्क विस्तार की योजनाEditorial: विकास के मजबूत संकेत, वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच सुधारों पर जोरPiramal Pharma को CDMO कारोबार में सुधार की उंम्मीद, नेट लॉस के बावजूद भविष्य पर भरोसाबजट, सरकारी उधारी और आरबीआई: वित्त वर्ष 2027 के बढ़ते दबावों को संभालने की चुनौती

Israel-Hamas War: मीडिया स्वतंत्रता संगठन ने इजराइल-हमास युद्ध में 34 पत्रकारों की मौत होने का दावा किया

रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स नामक इस संगठन ने अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय (आईसीसी) के अभियोजकों से पत्रकारों की मौतों की जांच करने का आह्वान किया।

Last Updated- November 01, 2023 | 10:38 PM IST
Israel-Hamas attack

मीडिया की आजादी के लिए काम करने वाले एक एक अंतरराष्ट्रीय संगठन ने बुधवार को कहा कि इजराइल और हमास के बीच युद्ध में 34 पत्रकार मारे गए हैं। इसके साथ ही समूह ने दोनों पक्षों पर युद्ध अपराधों में शामिल रहने का आरोप लगाया है। रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स नामक इस संगठन ने अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय (आईसीसी) के अभियोजकों से पत्रकारों की मौतों की जांच करने का आह्वान किया।

संगठन ने कहा कि उसने पहले ही गाजा पट्टी में नागरिक क्षेत्रों पर इजराइल की बमबारी में आठ फलस्तीनी पत्रकारों और हमास के हमले में एक इजराइली पत्रकार के मारे जाने की शिकायत दर्ज कराई है।

संगठन के महानिदेशक क्रिस्टोफ डेलॉयर ने कहा कि खास कर गाजा में पत्रकारों को जिस तरह से निशाना बनाया गया है, उसकी आईसीसी के अभियोजकों द्वारा प्राथमिकता से जांच किए जाने की जरूरत है। इस संगठन का मुख्यालय फ्रांस में है।

इस बीच मीडिया की आजादी के लिए काम करने वाले एक अन्य संगठन कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट्स ने बुधवार को कहा कि उसने युद्ध में पत्रकारों के “मारे जाने, घायल होने, हिरासत में लिए जाने या लापता होने’’ की खबरों की जांच की है। संगठन ने कहा कि प्रारंभिक जांच के अनुसार इस युद्ध में कम से कम 31 पत्रकारों और मीडियाकर्मियों की मौत हुई है।

First Published - November 1, 2023 | 10:38 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट