सिगरेट से लेकर साबुन बनाने वाली कंपनी आईटीसी ने गुरुवार को अपने दिसंबर तिमाही के नतीजों की घोषणा की। 2025-26 की तीसरी तिमाही में कंपनी का समेकित शुद्ध लाभ 4,931.19 करोड़ रुपये रहा, जो नई श्रम संहिता लागू होने से जुड़े एक बार के प्रावधान और वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही के असाधारण मदों से प्रभावित था। पिछले साल इसी अवधि में कंपनी का शुद्ध लाभ 4,934.80 करोड़ रुपये था।
ब्लूमबर्ग ने शुद्ध लाभ 5,232 करोड़ रुपये रहने का अनुमान जताया था। कंपनी ने दिसंबर तिमाही में 21,706.64 करोड़ रुपये का समेकित सकल राजस्व दर्ज किया है, जो एक साल पहले के 20,349.96 करोड़ रुपये से 6.7 प्रतिशत ज्यादा है। शुद्ध राजस्व 20,047 करोड़ रुपये रहा, जो ब्लूमबर्ग के 19,030 करोड़ रुपये के अनुमान से अधिक था। पिछली तिमाही की तुलना में, शुद्ध राजस्व में 2.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और शुद्ध लाभ में 3.8 प्रतिशत की गिरावट आई। बोर्ड ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त वित्त वर्ष के लिए प्रति शेयर 6.50 रुपये के अंतरिम लाभांश की सिफारिश की है।
खनन क्षेत्र की प्रमुख कंपनी वेदांत का वित्त वर्ष 2025-26 की अक्टूबर-दिसंबर की तीसरी तिमाही में एकीकृत मुनाफा 60 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 7,807 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी ने वित्त वर्ष 2024-25 की समान तिमाही में 4,876 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा कमाया था। समीक्षाधीन तिमाही के दौरान कंपनी की एकीकृत परिचालन आय बढ़कर 45,899 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 38,526 करोड़ रुपये थी।
वेदांत के कार्यकारी निदेशक अरुण मिश्रा ने कहा, ‘वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही वेदांत के लिए ऐतिहासिक रही। इस दौरान हमने 15,171 करोड़ रुपये की अब तक की सबसे बड़ी कर पूर्व आय दर्ज की और हमारे दो व्यवसायों ने अपने सर्वश्रेष्ठ वित्तीय परिणाम हासिल किए। पांच अलग-अलग कंपनियों में विभाजन के लिए मिली मंजूरी के साथ ये परिणाम हमारी मजबूत परिचालन क्षमता और वेदांत 2.0 की यात्रा को आगे बढ़ाते हुए लंबी अवधि में मूल्य सृजन की हमारी तत्परता को भी दिखाते हैं।’
टाटा मोटर्स के वाणिज्यिक वाहन व्यवसाय का शुद्ध लाभ दिसंबर तिमाही में एक साल पहले के मुकाबले 48 प्रतिशत घटकर 705 करोड़ रुपये रह गया, जबकि कर पूर्व लाभ 65 प्रतिशत बढ़कर 2,568 करोड़ रुपये हो गया। इस पर नए लेबर कोड (603 करोड़ रुपये), डीमर्जर खर्च (962 करोड़ रुपये) और अधिग्रहण लागत (82 करोड़ रुपये) से जुड़े एक बार के खर्चों का असर पड़ा। इस तिमाही में राजस्व 16.1 प्रतिशत बढ़कर 21,847 करोड़ रुपये हो गया।कंपनी ने कहा कि स्टैंडअलोन आधार पर असाधारण खर्च 1,500 करोड़ रुपये और समेकित आधार पर 1,600 करोड़ रुपये रहे, जो मुख्य तौर पर एक बार के थे।
पेटीएम ब्रांड का संचालन करने वाली कंपनी वन97 कम्युनिकेशंस (ओसीएल) ने वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में 225 करोड़ रुपये का समेकित शुद्ध लाभ कमाया, जबकि वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही में उसे 208 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। नोएडा स्थित इस कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही में 21 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया।
कंपनी ने अपने संस्थापक विजय शेखर शर्मा को अगले पांच साल के लिए अपनी सहायक इकाई पेटीएम पेमेंट्स सर्विसेज लिमिटेड (पीपीएसएल) का प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्याधिकारी नियुक्त किया है।
चालू वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में अदाणी पावर का एकीकृत शुद्ध लाभ 15 प्रतिशत से अधिक गिरकर 2,488 करोड़ रुपये रहा। कंपनी ने मुनाफे में इस कमी का मुख्य कारण पिछली अवधि की एकमुश्त आय का कम होना बताया है। कंपनी द्वारा गुरुवार को जारी बयान के अनुसार, ‘वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में एकीकृत शुद्ध लाभ (पीएटी) 2,488 करोड़ रुपये रहा, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 की इसी अवधि में यह 2,940 करोड़ रुपये था।’
समीक्षाधीन तिमाही के दौरान कंपनी का कुल राजस्व 12,717 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 13,434 करोड़ रुपये था। कंपनी के अनुसार, कम दरों और अन्य आय में कमी के बावजूद यह प्रदर्शन रहा।
वित्त वर्ष 2025-26 की दिसंबर तिमाही में एफएमसीजी कंपनी डाबर इंडिया का एकीकृत शुद्ध मुनाफा 7.32 प्रतिशत बढ़कर 553.61 करोड़ रुपये हो गया। यह वृद्धि, विभिन्न खंडों के व्यापक प्रदर्शन के कारण संभव हुई। डाबर इंडिया ने एक नियामकीय सूचना में बताया कि कंपनी ने एक साल पहले अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में 515.82 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा अर्जित किया था।