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RBI Annual Report: रिटेल में लोकप्रियता बढ़ी, होलसेल डिजिटल करेंसी का चलन घटा

सीडीबीडी भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी करेंसी नोटों का डिजिटल फॉर्म है। केंद्रीय बैंक द्वारा डिजिटल फॉर्म में जारी ई-रुपये को कानूनी रूप से वैध माना जाता है।

Last Updated- May 30, 2024 | 10:43 PM IST
ई-रुपये को लोकप्रिय बनाने के लिए RBI का नया प्लान! जल्द शुरू होगा ऑफलाइन ट्रांजेक्शन , RBI's new plan to popularize E-Rupee! Offline transactions will start soon

वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान होलसेल सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) सर्कुलेशन या होलसेल ई-रुपये का सर्कुलेशन गिरकर 0.88 करोड़ रुपये रह गया है, जो वित्त वर्ष 2022-23 में 10.69 करोड़ रुपये था।

बहरहाल इस दौरान रिटेल CBDC सर्कुलेशन बढ़कर 234.04 करोड़ रुपये हो गया है, जो इसके पिछले वित्त वर्ष में 5.70 करोड़ रुपये था।

सीडीबीडी भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी करेंसी नोटों का डिजिटल फॉर्म है। केंद्रीय बैंक द्वारा डिजिटल फॉर्म में जारी ई-रुपये को कानूनी रूप से वैध माना जाता है।

केंद्रीय बैंक ने CBDC की प्रायोगिक परियोजना होलसेल में 1 नवंबर 2022 को शुरू की थी, जबकि रिटेल CBDC का परीक्षण 1 दिसंबर को शुरू किया गया। रिजर्व बैंक ने CBDC रिटेल की लेनदेन की रोजाना की संख्या बढ़ाकर 2023 के अंत तक 10 लाख करने का लक्ष्य रखा है।

इस साल अप्रैल में हुई मौद्रिक नीति समिति की बैठक में रिजर्व बैंक ने CBDC-आर (CBDC रिटेल) की पहुंच व्यापक आबादी तक करने का प्रस्ताव रखा था। गैर बैंक भुगतान व्यवस्था ऑपरेटरों द्वारा CBDC वॉलेट की पेशकश के माध्यम से इसे विस्तार देने का प्रस्ताव है।

गैर बैंक भुगतान व्यवस्था ऑपरेटरों में थर्ड पार्टी भुगतान ऐप जैसे फोन पे, गूगल पे आदि शामिल हैं। रिजर्व बैंक के मुताबिक इस कदम से पहुंच बढ़ेगी और उपभोक्ताओं के लिए उपलब्ध विकल्पों का विस्तार होगा।

First Published - May 30, 2024 | 10:43 PM IST

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