facebookmetapixel
Advertisement
पश्चिम ए​​शिया संकट से छोटी-मझोली दवा कंपनियों के मुनाफे पर दबाव, लागत और सप्लाई बाधाओं से बढ़ी चिंता भू-राजनीतिक, आ​र्थिक जो​खिमों पर रिलायंस ने किया आगाह; जियो आईपीओ पर चुप्पीप्ला​स्टिक नोटों की ओर RBI का कदम, नोट छपाई लागत घटाने और टिकाऊ करेंसी पर जोरEditorial: IIP का नया रूप, 2022-23 आधार वर्ष के साथ औद्योगिक माप प्रणाली में बड़ा बदलावलोन लेने वाली महिलाओं की बढ़ी तादाद मगर नहीं बनेगी बात, दो-तिहाई अब भी फॉर्मल सिस्टम से बाहरबचाव, पुनरुद्धार और सुधार: IBC के पहले दशक ने भारत की क्रेडिट संस्कृति को बदलाउतार-चढ़ाव भरे बाजारों में हॉस्पिटल शेयरों को दम, हेल्थकेयर इंडेक्स में 7% की बढ़तबाजार में बढ़त के लिए पूंजीगत खर्च की बहाली, युद्धविराम अहम: निमेश चंदनईरान-अमेरिका के हमलों के बाद कच्चे तेल में उछाल,  ब्रेंट और WTI दोनों की कीमतें में तेज बढ़तQ4 में पूंजी बाजार की फर्मों का दमदार प्रदर्शन, AMC और ब्रोकर्स की ग्रोथ पर ब्रोकरेज का पॉजिटिव रुख

RBI का राज्यों को संकेत, बढ़ती बॉन्ड यील्ड के बीच बाजार उधारी को टालने की दी सलाह

Advertisement

केंद्रीय बैंक ने राज्यों को सलाह दी है कि  जब यील्ड कम हो, उस दौरान ऋण जारी करने को स्थगित रखें

Last Updated- November 09, 2025 | 9:55 PM IST
RBI
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

भारतीय रिजर्व बैंक ने राज्य सरकारों को अपनी बाजार उधारी को पुनर्निर्धारित करने का संकेत दिया है। इस मामले के कई जानकार सूत्रों ने बताया कि रिजर्व बैंक ने यह संकेत बॉन्ड यील्ड में हालिया वृद्धि के मद्देनजर आपूर्ति के दबाव को कम करने के लिए दिया है। केंद्रीय बैंक ने राज्यों को सलाह दी है कि  जब यील्ड कम हो, उस दौरान ऋण जारी करने को स्थगित रखें।

बॉन्ड बाजार को अब उम्मीद है कि अगर दूसरी तिमाही की जीडीपी वृद्धि मजबूत होने साथ दर में कटौती की उम्मीद भी कम हो गई है तो केंद्रीय बैंक 5 दिसंबर को अगली नीति समीक्षा में जनवरी-मार्च की अवधि के दौरान बॉन्ड खरीद के लिए ओपन मार्केट ऑपरेशन (ओएमओ) कैलेंडर की घोषणा करेगा। ओएमओ राज्य उधारी में भी सहायता करेगा। ओएमओ कैलेंडर की घोषणा का बॉन्ड यील्ड पर प्रभाव पड़ेगा। दूसरी तिमाही के विकास के आंकड़े महीने के अंत तक जारी किए जाएंगे।

बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘बाजार अभी सतर्क है।  हमने देखा कि सात वर्षीय  पेपर के साथ क्या हुआ। यही सटीक कारण है कि आरबीआई ने राज्यों को अपनी कुछ उधारों को पुनर्निर्धारित करने और यील्ड बढ़ने पर जारी करने से बचने की सलाह दी है।’

रिजर्व बैंक ने सात वर्ष के केंद्रीय सरकार के बॉन्ड की बिक्री को रद्द कर दिया था। इसका कारण यह था कि निवेशकों ने नए 10-वर्षीय बॉन्ड की तुलना में अधिक यील्ड की मांग की थी, जो केंद्रीय बैंक को अस्वीकार्य लगी।

राज्य पहले से ही उधार लेने में सावधानी बरत रहे हैं। नवीनतम साप्ताहिक राज्य वृद्धि ऋण की नीलामी में सात राज्यों ने 13,600 करोड़ रुपये की अधिसूचित राशि से कम 11,600 करोड़ रुपये जुटाए थे। महाराष्ट्र ने अपने 2050 और 2055 के बॉन्ड के पुन: जारी करने के लिए सभी बोलियों को अस्वीकार कर दिया जिनमें से प्रत्येक की कीमत 1,000 करोड़ रुपये थी। जुटाई गई कुल राशि भी उधार कैलेंडर में इंगित 19,450 करोड़ रुपये से काफी कम थी। तीसरी तिमाही के लिए राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों ने एसडीएल के माध्यम से 2.81 लाख करोड़ रुपये तक उधार लेने की योजना बनाई है।

Advertisement
First Published - November 9, 2025 | 9:55 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement