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6.1 फीसदी बढ़ेगी भारत की जीडीपी: मूडीज एनालिटिक्स

यह एजेंसी द्वारा इस साल मार्च में लगाए गए 6 फीसदी वृद्धि के अनुमान से ज्यादा है।

Last Updated- April 12, 2024 | 11:13 PM IST
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मूडीज एनालिटिक्स ने कैलेंडर वर्ष 2024 के लिए भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 6.1 फीसदी वृद्धि का अनुमान लगाया है। यह एजेंसी द्वारा इस साल मार्च में लगाए गए 6 फीसदी वृद्धि के अनुमान से ज्यादा है।

मूडीज एनालिटिक्स ने शुक्रवार को जारी ‘एपीएसी आउटलुक: लिसनिंग थ्रू द नॉइज’ शीर्षक वाली अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा, ‘हमें उम्मीद है कि भारत की जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) पिछले साल 7.7 फीसदी बढ़ने के बाद 2024 में 6.1 फीसदी बढ़ेगी।’

रेटिंग एजेंसी की इकाई ने कहा कि हाल में भारत की उपभोक्ता मूल्य सूचकांक पर आधारित महंगाई दर करीब 5 फीसदी थी। इससे महंगाई के कीमतों पर दबाव का साफ संकेत नहीं मिलता। मूडीज एनालिटिक्स ने कहा, ‘पूरे एपीएसी में महंगाई दर घट रही है, लेकिन रफ्तार धीमी है। साथ ही महंगाई दर बढ़ने का जोखिम भी है।’

इस महीने की शुरुआत में भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा था कि खाद्य की कीमतों में अनिश्चितता महंगाई दर के परिदृश्य पर असर डाल रही है। रिजर्व बैंक ने 2024-25 के लिए खुदरा महंगाई का अनुमान 4.5 फीसदी बरकरार रखा है। रिजर्व बैंक ने कहा है कि भू-राजनीतिक तनाव के कारण जिंस की कीमतों और आपूर्ति श्रृंखला पर जोखिम बना हुआ है।

केंद्रीय बैंक ने जून तिमाही में महंगाई दर 4.9 फीसदी, सितंबर तिमाही में 3.8 फीसदी और दिसंबर व मार्च तिमाहियों में महंगाई दर क्रमशः4.6 फीसदी और 4.7 फीसदी रहने का अनुमान लगाया है। मूडीज रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि चीन और जापान सुस्त घरेलू मांग के कारण पीछे रह गए हैं, वहीं भारत और आसियान की अर्थव्यवस्थाओं का प्रदर्शन महामारी के बाद की देरी के कारण धीमा हो गया है।

मूडीज ने कहा कि महामारी और इसके विभिन्न झटकों के बिना जो उत्पादन होता, उसकी तुलना में आउटपुट 4 फीसदी कम है। इस दौरान आपूर्ति में व्यवधान से लेकर सैन्य संघर्षों के कारण व्यवधान आया।

मूडीज एनालिटिक्स ने कहा, वैश्विक महामारी से पहले के प्रक्षेप पथ के सापेक्ष जीडीपी को देखने से पता चलता है कि भारत तथा दक्षिण पूर्व एशिया ने दुनिया भर में सबसे बड़े उत्पादन घाटे को देखा है और यह महज ठीक होने की शुरुआत हुई है।

एशिया प्रशांत क्षेत्र (एपीएसी) का प्रदर्शन शेष विश्व की तुलना में बेहतर है। कुल मिलाकर यह क्षेत्र दुनिया के अन्य हिस्सों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन कर रहा है।

First Published - April 12, 2024 | 11:13 PM IST

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