facebookmetapixel
Advertisement
Bharat PET IPO: ₹760 करोड़ जुटाने की तैयारी, सेबी में DRHP फाइल; जुटाई रकम का क्या करेगी कंपनीतेल, रुपये और यील्ड का दबाव: पश्चिम एशिया संकट से बढ़ी अस्थिरता, लंबी अनिश्चितता के संकेतवैश्विक चुनातियों के बावजूद भारतीय ऑफिस मार्केट ने पकड़ी रफ्तार, पहली तिमाही में 15% इजाफाJio IPO: DRHP दाखिल करने की तैयारी तेज, OFS के जरिए 2.5% हिस्सेदारी बिकने की संभावनाडेटा सेंटर कारोबार में अदाणी का बड़ा दांव, Meta और Google से बातचीतभारत में माइक्रो ड्रामा बाजार का तेजी से विस्तार, 2030 तक 4.5 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमानआध्यात्मिक पर्यटन में भारत सबसे आगे, एशिया में भारतीय यात्रियों की रुचि सबसे अधिकबांग्लादेश: चुनौतियों के बीच आजादी का जश्न, अर्थव्यवस्था और महंगाई बनी बड़ी चुनौतीपश्चिम एशिया संकट के बीच भारत सतर्क, रणनीतिक तेल भंडार विस्तार प्रक्रिया तेजGST कटौती से बढ़ी मांग, ऑटो और ट्रैक्टर बिक्री में उछाल: सीतारमण

मोदी ने ट्रंप को फोन नहीं किया, इसलिए अटक गई भारत-अमेरिका ट्रेड डील

Advertisement

अमेरिका के वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लटनिक का दावा, भारत से समझौता पहले होना था, लेकिन देर के कारण दूसरे देशों से डील आगे निकल गई

Last Updated- January 09, 2026 | 12:40 PM IST
India US Trade Deal
File Image

India US Trade Deal: अमेरिका के वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लटनिक (Howard Lutnick) ने दावा किया है कि भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील इसलिए टूट गया क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप को फोन नहीं किया।

ऑल-इन पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान लटनिक ने कहा कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील लगभग तैयार थी, लेकिन अंतिम मंजूरी के लिए प्रधानमंत्री मोदी को राष्ट्रपति ट्रंप से बात करनी थी। उन्होंने कहा कि भारत इस कॉल को लेकर असहज था और इसलिए यह कॉल नहीं हो पाई। लटनिक के मुताबिक, ट्रंप ही किसी भी डील को अंतिम रूप देते हैं।

भारत से पहले अन्य देशों से पूरी हुई डील

लटनिक ने बताया कि अमेरिका को उम्मीद थी कि भारत के साथ ट्रेड डील सबसे पहले पूरी हो जाएगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ और इसी बीच अमेरिका ने इंडोनेशिया, फिलीपींस और वियतनाम जैसे देशों के साथ समझौते कर लिए। उन्होंने कहा कि जब भारत बाद में तैयार होकर आया, तब तक “वह ट्रेन स्टेशन से निकल चुकी थी।”

रूस से तेल खरीदने पर 500% टैरिफ की धमकी

इस बीच राष्ट्रपति ट्रंप ने एक ऐसे बिल का समर्थन किया है, जिसमें रूस से तेल और ऊर्जा उत्पाद खरीदने वाले देशों पर 500 फीसदी तक टैरिफ लगाने का प्रस्ताव है। इससे भारत, चीन और ब्राजील जैसे देशों पर दबाव बढ़ सकता है, जो अब भी रूस से तेल खरीद रहे हैं। अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने कहा कि ट्रंप ने ‘Sanctioning of Russia Act 2025’ नाम के इस बिल को मंजूरी दे दी है। यह बिल अगले हफ्ते संसद में वोटिंग के लिए आ सकता है।

India US Trade Deal: रिश्तों में तनाव बरकरार

भारत और अमेरिका के संबंधों में अगस्त 2025 से तनाव की ​स्थिति हैं, जब अमेरिका ने भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगाया था। इसमें रूस से कच्चा तेल खरीदने पर 25 फीसदी का अतिरिक्त जुर्माना भी शामिल था। हालांकि तनाव के बावजूद, ट्रंप और मोदी दोनों सार्वजनिक रूप से कहते रहे हैं कि उनके बीच दोस्ती मजबूत है। लेकिन अब तक दोनों देशों के बीच कोई व्यापार समझौता नहीं हो पाया है।

Advertisement
First Published - January 9, 2026 | 11:29 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement