Axis Direct Top Stocks Picks: आईटी सर्विसेज सेक्टर में वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में ज्यादा तेज बढ़त होने की उम्मीद नहीं है। एक्सिस डायरेक्ट की रिपोर्ट कहती है कि इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि काम की मांग अभी ठीक से नहीं बढ़ी है। अमेरिका और यूरोप में आर्थिक हालात साफ नहीं हैं, इसलिए वहां की कंपनियां आईटी पर कम पैसा खर्च कर रही हैं। इसके अलावा अमेरिका के टैरिफ और दुनिया में चल रहे व्यापार के तनाव की वजह से भी आईटी सेक्टर पर दबाव है। पिछले कुछ समय से कई कंपनियां आईटी बजट घटा रही हैं और खर्च बचाने की कोशिश कर रही हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि बड़ी कंपनियां फिलहाल नए प्रोजेक्ट शुरू करने के बजाय खर्च घटाने पर ज्यादा ध्यान दे रही हैं। इसी वजह से वे खर्च कम करने वाली डील कर रही हैं, कम कंपनियों से काम ले रही हैं और कर्मचारियों से जुड़े खर्च भी घटा रही हैं। इसका असर आईटी कंपनियों की कमाई पर पड़ रहा है और उनकी बढ़त धीमी बनी हुई है। हालांकि नए काम की बातचीत चल रही है, लेकिन उससे तुरंत ज्यादा फायदा मिलने की उम्मीद कम है।
एक्सिस डायरेक्ट के अनुसार, बीएफएसआई, हाई-टेक और हेल्थकेयर जैसे सेक्टरों में आईटी कंपनियों को तिमाही आधार पर ठीक-ठाक ग्रोथ मिल सकती है। वहीं मैन्युफैक्चरिंग, रिटेल और अन्य सेक्टरों में ग्रोथ मध्यम रहने की संभावना है। अच्छी बात यह है कि इन सेक्टरों में डील जीतने की रफ्तार बनी हुई है, जिससे आईटी कंपनियों को सपोर्ट मिल रहा है। इन डील्स का असर धीरे-धीरे दिखेगा और यह मौसमी कमजोरी के असर को कुछ हद तक कम कर सकता है।
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रिपोर्ट का मानना है कि वित्त वर्ष 2026-27 में आईटी सेक्टर की स्थिति बेहतर हो सकती है। मांग में सुधार, वैश्विक हालात का स्थिर होना, आईटी बजट में बढ़ोतरी और डील्स का पूरा असर दिखना इसकी बड़ी वजह हो सकती है। इसके साथ ही प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन और संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल से भी कंपनियों को फायदा मिल सकता है। खासतौर पर जेनरेटिव एआई, क्लाउड, आईटी मॉडर्नाइजेशन और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन जैसी नई तकनीकों की मांग तेजी से बढ़ रही है, जो आगे ग्रोथ का बड़ा जरिया बन सकती है।
एक्सिस डायरेक्ट का कहना है कि Q3FY26 में आईटी कंपनियों की कमाई में ज्यादा तेजी नहीं आएगी। डॉलर के हिसाब से कमाई 0 से 2 फीसदी तक बढ़ सकती है। रुपये में देखें तो यह बढ़त 1 से 4 फीसदी तक हो सकती है। रुपये की कीमत और कुछ पुराने सौदों से कंपनियों को थोड़ी मदद मिलेगी। मुनाफे की बात करें तो कर्मचारियों की सैलरी बढ़ने और छुट्टियों जैसी दिक्कतों के बावजूद कंपनियों का मुनाफा लगभग पहले जैसा ही रहने की उम्मीद है।
रिपोर्ट के अनुसार, बड़ी यानी टियर-1 आईटी कंपनियों में इस तिमाही कुछ बढ़त देखने को मिल सकती है। वहीं छोटी और मझोली यानी टियर-2 आईटी कंपनियां इस बार भी बड़ी कंपनियों से बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं। इस समय आईटी शेयरों के दाम पहले के मुकाबले ठीक लग रहे हैं, इसलिए कुछ अच्छी कंपनियों में निवेश के मौके बन सकते हैं।
Axis Direct ने आईटी के साथ-साथ टेलीकॉम सेक्टर पर भी बात की है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारती एयरटेल और रिलायंस जियो लगातार ज्यादा ग्राहक जोड़ रहे हैं और उनका बाजार हिस्सा बढ़ रहा है। 5G नेटवर्क फैलने, मोबाइल प्लान महंगे होने, दूसरी कंपनियों से समझौते और मजबूत कमाई से इन दोनों कंपनियों को फायदा हो रहा है। हालांकि कुछ कमजोर टेलीकॉम कंपनियों पर कर्ज और सरकारी नियमों का दबाव बना हुआ है, लेकिन आने वाले समय में पूरे टेलीकॉम सेक्टर की स्थिति ठीक रहने की उम्मीद है।
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एक्सिस डायरेक्ट का अनुमान है कि Q3FY26 में भारती एयरटेल की कमाई पिछली तिमाही के मुकाबले करीब 3.5 फीसदी बढ़ सकती है। साल भर के हिसाब से देखें तो कंपनी की आय में लगभग 20 फीसदी की बढ़त हो सकती है। मुनाफे की बात करें तो कंपनी का मार्जिन ज्यादा बदले बिना लगभग पहले जैसा ही रहने की उम्मीद है।
रिपोर्ट में निवेशकों से कहा गया है कि आईटी और टेलीकॉम कंपनियों के नतीजों को देखते समय कुछ जरूरी बातों पर ध्यान दें। जैसे ग्राहक आगे कितना खर्च करेंगे, अलग-अलग सेक्टरों की हालत कैसी है, नए काम कितनी तेजी से मिल रहे हैं, एआई से जुड़े प्रोजेक्ट कैसे बढ़ रहे हैं, रुपये-डॉलर का असर क्या है, काम करने का तरीका बदल रहा है या नहीं, मोबाइल प्लान के दाम बढ़े हैं या नहीं और नए ग्राहक कितनी संख्या में जुड़ रहे हैं।
एक्सिस डायरेक्ट की रिपोर्ट कहती है कि LTIMindtree, HCL Tech, Affle 3i, Persistent Systems, Coforge और Bharti Airtel जैसे शेयरों के नतीजे अच्छे रह सकते हैं। वहीं Zensar Technologies, Wipro और Cyient के नतीजों को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।