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HDFC Bank Q3 Results: नेट प्रॉफिट 11.5% बढ़कर ₹18,654 करोड़ पर पहुंचा, NII ₹32,600 करोड़ के पार

बैंक की लोन क्वालिटी काफी स्थिर बनी रही। ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (GNPA) इस बार 35,179 करोड़ रुपये पर रुकीं, जबकि पिछले साल यह 36,019 करोड़ रुपये थीं

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ऋषभ राज   
Last Updated- January 17, 2026 | 4:20 PM IST

HDFC Bank ने शनिवार को दिसंबर 2025 तिमाही के नतीजे जारी किए, जिसमें बैंक के मुनाफे में अच्छी-खासी बढ़ोतरी दिखी है। देश के सबसे बड़े प्राइवेट सेक्टर के बैंक ने बीती तिमाही में कुल 18,654 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया। पिछले साल इसी दौरान यह आंकड़ा 16,736 करोड़ रुपये था। मतलब साल-दर-साल करीब 11.5 फीसदी का उछाल आया।

बैंक के मुख्य कारोबार से आने वाली कमाई यानी नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) भी बढ़कर 32,620 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले साल 30,650 करोड़ रुपये थी। इसमें 6.4 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। हालांकि, ब्याज मार्जिन पर कुछ दबाव दिखा। कुल एसेट्स पर नेट इंटरेस्ट मार्जिन 3.35 फीसदी और ब्याज कमाने वाली एसेट्स पर 3.51 फीसदी रहा।

एसेट क्वालिटी पर कोई बड़ा झटका नहीं

बैंक की लोन क्वालिटी काफी स्थिर बनी रही। ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (GNPA) इस बार 35,179 करोड़ रुपये पर रुकीं, जबकि पिछले साल यह 36,019 करोड़ रुपये थीं। GNPA का प्रतिशत भी सुधरकर 1.24 फीसदी पर आ गया, जो पहले 1.42 फीसदी था।

नेट NPA की बात करें तो यह 11,982 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल 11,588 करोड़ रुपये था। नेट NPA अनुपात 0.46 फीसदी से घटकर 0.42 फीसदी पर पहुंच गया। प्रोविजन और कंटिंजेंसी पर खर्च भी कम हुआ। इस तिमाही में यह 2,840 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल से 10 फीसदी कम है। इसमें एक खास राहत मिली जब 1,040 करोड़ रुपये के कंटिंजेंट प्रोविजन वापस लिए गए, जो किसी बड़े कर्जदार ग्रुप से जुड़े थे। इनको हटाकर देखें तो क्रेडिट कॉस्ट रेशियो 0.55 फीसदी रहा।

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बैंक का कुल बिजनेस बढ़कर 40.89 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल 37.59 लाख करोड़ रुपये था। डिपॉजिट में अच्छी रफ्तार दिखी। कुल डिपॉजिट 28.6 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया, यानी 11.6 फीसदी की सालाना बढ़ोतरी। CASA डिपॉजिट 10.1 फीसदी बढ़कर 9.61 लाख करोड़ रुपये हो गया और ये कुल डिपॉजिट का 33.6 फीसदी हैं। टाइम डिपॉजिट में 12.3 फीसदी की ग्रोथ रही।

लोन एरिया में बैंक का कैसा रहा हाल?

लोन की बात करें तो ग्रॉस एडवांस 28.45 लाख करोड़ रुपये हो गया, जिसमें साल-दर-साल 11.9 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। रिटेल लोन 6.9 फीसदी, छोटे और मझोले उद्यमों के लोन 17.2 फीसदी और कॉर्पोरेट व होलसेल लोन 10.3 फीसदी बढ़े।

ऑपरेटिंग खर्च इस तिमाही में 18,770 करोड़ रुपये रहा। इसमें न्यू लेबर कोड से जुड़े करीब 800 करोड़ रुपये के असर को अलग रखें तो खर्च 17,970 करोड़ रुपये था, जो पिछले साल से थोड़ा ज्यादा है। कोर कॉस्ट-टू-इनकम रेशियो 39.2 फीसदी पर रहा।

बैंक की कैपिटल पोजीशन बहुत मजबूत है। बेसल-III के तहत टोटल कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो 19.9 फीसदी रहा, जो रेगुलेटरी जरूरत से कहीं ज्यादा है। टियर-1 कैपिटल 17.8 फीसदी और कॉमन इक्विटी टियर-1 17.4 फीसदी पर है।

नतीजों से ठीक बीते शुक्रवार को बैंक का शेयर BSE पर 0.56 फीसदी की बढ़त के साथ चढ़कर 931.15 रुपये पर बंद हुआ। बीते एक महीने में बैंक के शेयरों में 1.31 फीसदी की गिरावट आई है, लेकिन पिछले एक साल में शेयर 8.47 फीसदी चढ़ा भी है।

First Published : January 17, 2026 | 4:04 PM IST