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नागर विमानन मंत्री नायडू बोले: भारत अब उभरती नहीं, वैश्विक आर्थिक शक्ति है

डिजिटल ढांचे और तेज विकास ने बदली भारत की वैश्विक पहचान

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एजेंसियां   
Last Updated- January 23, 2026 | 9:03 AM IST

भारत ने पिछले दशक में एक ‘उभरती’ अर्थव्यवस्था की अपनी से छवि से बाहर निकल कर खुद को ‘महत्त्वपूर्ण’ वैश्विक आर्थिक शक्ति के रूप में तब्दील किया है जिसकी नींव मजबूत वृद्धि एवं व्यापक डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचा है। केंद्रीय नागर विमानन मंत्री के. राममोहन नायडू और गुजरात के उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने यहां आयोजित एक सत्र में यह बात कही। सीआईआई और केपीएमजी द्वारा आयोजित सत्र में नायडू ने बुधवार को कहा कि भारत आज विश्वास, पैमाने एवं नवाचार के संगम पर खड़ा है।

भारत अपने स्थिर लोकतांत्रिक संस्थानों के जरिये भरोसेमंद व्यवस्था, अपनी विविधता एवं आकार के जरिये मजबूती और किफायती एवं मूल्यवर्धित समाधान देकर प्रासंगिकता प्रदान करता है। संघवी ने इस बात पर जोर दिया कि दशकों तक भारत को उभरती अर्थव्यवस्था के रूप में देखा जाता रहा लेकिन आज की सच्चाई कुछ और है। उन्होंने कहा, ‘भारत अब केवल उभरता हुआ देश नहीं रहा बल्कि वैश्विक वृद्धि के लिए मजबूत आपूर्ति श्रृंखलाओं के लिए, लोकतांत्रिक स्थिरता के लिए तथा नवाचार, निरंतरता एवं समावेशी विकास के भविष्य के लिए निर्णायक भूमिका निभा रहा है।’

इसी भावना को दोहराते हुए नायडू ने कहा, ‘भारत को अब केवल एक उभरती हुई अर्थव्यवस्था के रूप में परिभाषित नहीं किया जा सकता। भारत वैश्विक आर्थिक व्यवस्था के लिए अनिवार्य बनता जा रहा है।’ नायडू ने कहा कि भारत की वर्तमान वृद्धि व्यापक है, डिजिटल रूप से सक्षम है, मजबूत अवसंरचना से समर्थित एवं समावेशी है। उन्होंने कहा, ‘ यह वही वास्तविक बदलाव है जो भारत ने पिछले एक दशक में देखा है। भारत के विकास मॉडल में सबसे महत्त्वपूर्ण बदलावों में से एक डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना का निर्माण रहा है।

डिजिटल पहचान, वास्तविक समय (रीयल-टाइम) में भुगतान और सहमति-आधारित डेटा साझाकरण जैसे मंचों ने भारतीय अर्थव्यवस्था को एक विशेष लाभ प्रदान किया है।’ केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इससे लेनदेन लागत घटी, लाखों उद्यमियों एवं उद्यमों को औपचारिक स्वरूप मिला, स्टार्टअप को भारी पूंजी के बिना नवाचार करने का अवसर मिला। उन्होंने कहा, ‘इसी कारण भारत अब केवल एक उपभोक्ता बाजार नहीं बल्कि एक डिजिटल वैश्विक प्रयोगशाला बन चुका है।’ केपीएमजी इंटरनैशनल के वैश्विक चेयरमैन एवं सीईओ बिल थॉमस ने कहा कि पिछले कुछ वर्ष में भारत का विकास भौतिक और डिजिटल अवसंरचना के इर्द-गिर्द बन रही जबरदस्त गति को दर्शाता है।

First Published : January 23, 2026 | 9:03 AM IST