संयुक्त राष्ट्र ने गुरुवार को कहा कि वित्त वर्ष 2027 में भारत की अर्थव्यवस्था के 6.6 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है। इसे बेहतर खपत और मजबूत सार्वजनिक निवेश का समर्थन मिलेगा और इससे अमेरिका द्वारा लगाए गए भारी भरकम शुल्क का प्रतिकूल असर कम हो जाएगा।
संयुक्त राष्ट्र ने ‘वर्ल्ड इकनॉमिक सिचुएशन ऐंड प्रॉस्पेक्ट्स 2026’ रिपोर्ट में कहा, ‘लचीली निजी खपत, मजबूत सार्वजनिक निवेश, हालिया कर सुधार और कम ब्याज दरों से निकट अवधि में वृद्धि को समर्थन मिलने की उम्मीद है। हालांकि अगर मौजूदा दरें बनी रहती हैं, तो अमेरिका के उच्च शुल्क का 2026 में निर्यात पर असर पड़ सकता है, क्योंकि भारत के कुल निर्यात का 18 प्रतिशत अमेरिका भेजा जाता है।’
सांख्यिकी मंत्रालय ने बुधवार को वित्त वर्ष 2026 में अर्थव्यवस्था में 7.4 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान लगाया था। अंतर्राष्ट्रीय संगठन ने उल्लेख किया है कि अमेरिका का शुल्क अगर यथावत रहता है तो 2026 में भारत के निर्यात पर असर पड़ सकता है, लेकिन इलेक्ट्रॉनिक्स और स्मार्टफोन जैसे प्रमुख निर्यात को छूट मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा यूरोप और पश्चिम एशिया सहित अन्य प्रमुख बाजारों से मजबूत मांग से आंशिक रूप से प्रभाव को कम रहने का अनुमान है। विनिर्माण और सेवा क्षेत्र में निरंतर विस्तार, वृद्धि का प्रमुख चालक बना रहेगा।