Closing Bell: भारतीय शेयर बाजारों में गुरुवार को पिछले एक महीने की सबसे बड़ी गिरावट देखने को मिली। भारत-अमेरिका व्यापार तनाव को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच बाजार लगातार चौथे सत्र में टूटे। ट्रंप प्रशासन द्वारा भारतीय वस्तुओं पर 500 फीसदी तक टैरिफ लगाए जाने की संभावना से जुड़ी खबरों ने निवेशकों को सतर्क कर दिया, जिससे बाजार में व्यापक स्तर पर जोखिम से बचने का माहौल बन गया और चौतरफा बिकवाली देखी गई। दिन के दौरान निफ्टी 1.07 फीसदी और सेंसेक्स 1 फीसदी तक टूट गए, जो पिछले साल 8 दिसंबर के बाद का सबसे खराब सत्र रहा। पिछले चार कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स करीब 1,600 अंक और निफ्टी लगभग 470 अंक गंवा चुका है।
तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 100 से ज्यादा अंक गिरकर 84,778.02 पर खुला। खुलने के बाद इसमें गिरावट देखने को मिली। बाजार बंद होने पर सेंसेक्स 780.18 अंक यानी 0.92 फीसदी की गिरावट के साथ 84,180.96 पर बंद हुआ
इसी तरह, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी -50 (Nifty-50) भी गिरावट के साथ 26,106 अंक पर खुला और बाद में 26 हजार के नीचे फिसल गया। कारोबार के अंत में निफ्टी50 263.9 अंक या 1.01 फीसदी टूटकर 25,876.85 पर बंद हुआ।
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BSE पर, टीसीएस, टेक महिंद्रा, एलएंडटी, रिलायंस इंडस्ट्रीज और टाटा स्टील प्रमुख रूप से गिरावट वाले शेयरों में शामिल रहे। वहीं, इटरनल, आईसीआईसीआई बैंक, बजाज फाइनेंस और बीईएल ही ऐसे शेयर रहे, जिनमें तेजी देखने को मिली।
व्यापक बाजारों में भी तेज बिकवाली देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप 100 में 1.96 फीसदी और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 1.99 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।
गुरुवार को सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में रहे। निफ्टी मेटल इंडेक्स 3 फीसदी से ज्यादा टूट गया। इसके अलावा निफ्टी ऑयल एंड गैस 2.8 फीसदी, निफ्टी पीएसयू बैंक 2 फीसदी और निफ्टी आईटी 1.99 फीसदी तक फिसला।
BSE, पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप घटकर 4.72 लाख करोड़ रुपये रह गया। इसी तरह से एक ही दिन में निवेशकों के 8.55 लाख करोड़ रुपये स्वाहा हो गए।
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जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर ने कहा, “अमेरिकी टैरिफ को लेकर दोबारा उभरी चिंताओं और FIIs की लगातार बिकवाली के बीच निवेशकों का रुख सतर्क होने से घरेलू बाजारों में गिरावट जारी रही। मुनाफे में वृद्धि को लेकर मौजूद पॉजिटिव रुझान पर इन कारकों का दबाव हावी रहा। व्यापक स्तर पर बिकवाली का नेतृत्व मेटल, ऑयल एंड गैस और आईटी शेयरों ने किया। वैश्विक कीमतों में नरमी के बाद मुनाफावसूली के चलते मेटल शेयरों में गिरावट आई, जबकि वेनेजुएला-अमेरिका संकट को लेकर चिंताओं के कारण ऑयल एंड गैस शेयर टूटे।”
उन्होंने आगे कहा कि इस बीच, वित्त वर्ष 2026 के लिए भारत के पहले अग्रिम जीडीपी अनुमान से मजबूत आर्थिक वृद्धि के संकेत मिलते हैं, जिसे मैन्युफैक्चरिंग में सुधार और सेवाओं की मजबूती का सहारा मिला है। यह बाहरी चुनौतियों के बावजूद कुछ उम्मीद जरूर देता है। निकट अवधि में बाजारों के सतर्क रहने और सीमित दायरे में कारोबार करने की संभावना है, जिस पर तीसरी तिमाही के नतीजों और अमेरिकी टैरिफ से जुड़े घटनाक्रम का असर रहेगा।
एशिया के शेयर बाजारों में गुरुवार को मिला-जुला कारोबार देखने को मिला। अमेरिका में बाजार गिरावट के साथ बंद हुए थे। इसका असर एशियाई बाजारों पर भी दिखा। अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के हालिया बयान और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव से निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई है।
एशिया में जापान का प्रमुख इंडेक्स निक्केई 225 करीब 0.46 प्रतिशत चढ़ा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.12 प्रतिशत की बढ़त में रहा, जबकि ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी/एएसएक्स 200 करीब 0.21 प्रतिशत ऊपर कारोबार करता दिखा। वहीं, शुरुआती एशियाई कारोबार में अमेरिकी शेयर फ्यूचर्स लगभग स्थिर रहे।
अमेरिकी शेयर बाजारों में बुधवार को गिरावट दर्ज की गई। एसएंडपी 500 और डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज ने अपनी तीन दिन की तेजी की लड़ी तोड़ दी और क्रमशः 0.3 प्रतिशत और 0.6 प्रतिशत नीचे बंद हुए। हालांकि, टेक्नोलॉजी शेयरों के दम पर नैस्डैक कंपोजिट में करीब 0.2 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।
गूगल की मूल कंपनी अल्फाबेट के शेयरों में 2.4 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली, जिससे नैस्डैक को सहारा मिला। इस तेजी के दौरान अल्फाबेट ने कुछ समय के लिए बाजार पूंजीकरण के मामले में एप्पल को पीछे छोड़ दिया, जो 2019 के बाद पहली बार हुआ।
आज वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही के नतीजे कई कंपनियां जारी करेंगी। इनमें एलेकोन इंजीनियरिंग कंपनी, ट्रांसफॉर्मर्स एंड रेक्टिफायर्स इंडिया, ईम्को एलेकोन (इंडिया), युरेनस इंफ्रास्ट्रक्चर और टोयम स्पोर्ट्स शामिल हैं।
प्राइमरी बाजार में आज मेनबोर्ड सेगमेंट में कोई गतिविधि नहीं है। हालांकि एसएमई सेगमेंट में डिफ्रेल टेक्नोलॉजीज का आईपीओ आज निवेश के लिए खुल रहा है। वहीं विक्ट्री इलेक्ट्रिक व्हीकल्स इंटरनेशनल और यजुर फाइबर्स के आईपीओ का आज दूसरा दिन है, जबकि गैबियन टेक्नोलॉजीज इंडिया के आईपीओ में आज अंतिम दिन निवेश किया जा सकता है।