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चिह्नित होंगी अहम परियोजनाएं

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Last Updated- December 11, 2022 | 10:23 PM IST

आगामी बजट 2022-23 में बुनियादी ढांचे के निर्माण और विभिन्न आर्थिक क्षेत्रों में संपर्क परियोजनाओं को तेज करने पर अत्यधिक जोर दिए जाने की उम्मीद है। 
गति शक्ति के लिए कैबिनेट सचिव की अगुआई वाले समूह ने उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवद्र्घन विभाग (डीपीआईआईटी) से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि उच्च प्रभाव वाली अवसंरचना परियोजनाओं को तेज गति से आगे बढ़ाया जाए। विभाग को यह भी कहा गया है कि वह वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से 1 फरवरी को पेश किए जाने वाले केंद्रीय बजट में शामिल किए जाने वाली परियोजनाओं को चिह्निïत करने की कवायद शुरू करे।  

ऐसी परियोजनाओं में देश के पश्चिमी हिस्से में गुजरात में अहमदाबाद-धोलेरा क्षेत्र और दक्षिण में कर्नाटक के तुमकुरु औद्योगिक क्षेत्र के साथ साथ चुनावी राज्य उत्तर प्रदेश के दादरी क्षेत्र में सड़क, रेल और हवाईअड्ïडे का कार्य शामिल है।पिछले वर्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गति शक्ति योजना शुरू की थी जिसमें रेल और सड़क मंत्रालयों सहित 16 मंत्रालयों को शामिल किया गया था। इन मंत्रालयों को एक साथ लाने का उद्देश्य बुनियादी ढांचा संपर्क परियोजनाओं की एकीकृत योजना बनाना और उनका समन्वित क्रियान्वयन करना था।
इस मामले से अवगत एक अधिकारी ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया, ‘उद्योग विभाग को यह सुनिश्चित करना होगा कि इन उच्च प्रभाव वाली परियोजनाओं को समयबद्घ तरीके से पूरा किया जाए। इसके अलावा डीपीआईआईटी को प्रत्येक अवसंरचना मंत्रालय की दीर्घकालीन जरूरतों का एक व्यापक बुनियादी ढांचा अंतर विश्लेषण करने के लिए भी कहा गया है।’ 

उदाहरण के लिए अहमदाबाद-धोलेरा क्षेत्र में रेल और सड़क संपर्क परियोजनाएं लंबित हैं। धोलेरा में एक नए हवाईअड्ïडे के निर्माण पर भी काम चल रहा है। इसी तरह से उत्तर प्रदेश के दादरी में मल्टीमोडल लॉजिस्टिक हब (एमएमएलएच) और ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के बोराकी में एक मल्टीमोडल परिवहन हब (एमएमटीएस) पर काम प्रगति में है। चेन्नई-बेंगलूरु औद्योगिक गलियारे में पडऩे वाले तुमकुरु औद्योगिक क्षेत्र में दो रेल और एक सड़क परियोजना प्रस्तावित है।
उक्त अधिकारी ने कहा, ‘सरकारी समूह ने सभी सरकारी विभागों से परियोजनाओं के क्रियान्वयन की दिशा में एकीकृत सोच रखने और लॉजिस्टिक लागतों में कटौती करने के लिए कहा है।’ उन्होंने कहा कि मल्टीमोडल संपर्क के लिए आर्थिक क्षेत्रों का अंतर विश्लेषण भी किया जाना है।

ये कदम मल्टीमोडल संपर्क के लिए राष्ट्रीय मास्टर प्लान बनाने यानी कि गति शक्ति की दिशा में प्रधानमंत्री की ताजा पहल के अनुरूप उठाए जा रहे हैं। इसे सभी मल्टीमोडल संपर्क परियोजनाओं को एकीकृत कर और लोग, सामान तथा सेवाओं की बाधारहित आवाजाही को सक्षम कर अंजाम दिया जाएगा। गति शक्ति को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म में विकसित किया जा रहा है।

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First Published - January 5, 2022 | 11:39 PM IST

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