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कॉग्निजेंट: प्रतिभाओं को बनाए रखने की चुनौती

Last Updated- December 12, 2022 | 5:06 AM IST

प्रमुख आईटी कंपनी कॉग्निजेंट ने कैलेंडर वर्ष 2021 की पहली तिमाही में अपने कर्मचारियों के कंपनी छोडऩे की दर 21 फीसदी दर्ज की है जो उद्योग में सर्वाधिक है। कंपनी ने कहा कि तिमाही के दौरान स्वैच्छिक तौर पर कंपनी छोडऩे की दर 18 फीसदी रही। कंपनी ने स्वीकार किया कि तिमाही के दौरान कर्मचारियों के छोडऩे की अधिक दर के कारण उसका प्रदर्शन सीमित रहा। कॉग्निजेंट के मुख्य कार्याधिकारी ब्रायन हंफ्रीज ने वित्तीय नतीजे जारी करने के बाद विश्लेषकों से बातचीत में भी कहा कि डिजिटल प्रौद्योगिकी में कुशल प्रतिभा वाले कर्मचारियों को बरकरार रखने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा, ‘इससे वेतन पर कुछ दबाव बढ़ गया है क्योंकि खाली पदों को आकस्मिक नियुक्तियों के जरिये भरा जा रहा है। कुछ मामलों में तो प्रतिभाओं को हासिल करने में असमर्थता के कारण वाणिज्यिक अवसर भी गंवाने पड़े हैं।’
 
हंफ्रीज ने यह भी कहा कि भारत में नोटिस अवधि अधिक होने के कारण अप्रैल में इस्तीफों की संख्या में कमी आई है और मई में उसकी रफ्तार सुस्त बनी हुई है लेकिन कर्मचारियों के कंपनी छोडऩे का प्रभाव कैलेंडर वर्ष 2021 की दूसरी तिमाही पर दिखेगा। कर्मचारियों के कंपनी छोडऩे के ये आंकड़े उद्योग की अन्य प्रतिस्पर्धी कंपनियों के मुकाबले अधिक हैं। उदाहरण के लिए, इन्फोसिस के मामले में यह आंकड़ा 15.2 फीसदी है जबकि विप्रो ने 12.1 फीसदी का आंकड़ा दर्ज किया है। ऐक्सेंचर ने भी लगभग यही आंकड़े दिए हैं। केवल टीसीएस ने कर्मचारियों के कंपनी छोडऩे की दर को 7.2 फीसदी तक सीमित रखने में सफलता हासिल की है।
 
कंपनी ने कहा कि कर्मचारियों के कंपनी छोडऩे की बढ़ती प्रवृत्ति को नियंत्रित करने के लिए वह कई मोर्चे पर काम कर रही है। हंफ्रीज ने कहा, ‘कॉग्निजेंट कई भाग वाली एक योजना पर काम कर रही है। इसमें हमारे आंतरिक जुड़ाव के स्तर को बढ़ाना और लोगों में निवेश को बढ़ाना शामिल है। साथ ही हम प्रशिक्षण एवं रोजगार में बदलाव के जरिये उन्हें करियर में विकास का अवसर भी प्रदान करेंगे।’ कंपनी योग्य सहयोगियों के लिए एक तिमाही पदोन्नति चक्र भी शुरू कर रही है। इसके अलावा उच्च मांग वाले कौशल एवं महत्त्वपूर्ण पदों के लिए वेतन वृद्धि एवं पदोन्नति पर भी विचार कर रही है। साथ ही कंपनी सौकड़ों भर्ती करने वालों को जोडऩे और 2021 के दौरान भारत में 28,000 से अधिक नए स्नातकों को रोजगार की पेशकश भी करने जा रही है।
 
कॉग्निजेंट इंडिया के सीएमडी राजेश नाम्बियार ने कहा, ‘हमने शुरुआत में परिसरों से 24,000 नियुक्तियां की थी लेकिन हमने उस संख्या को बढ़ाकर 28,000 कर दिया है। अच्छी खबर यह है कि एक कंपनी के तौर पर नियुक्ति की पसंद के तौर पर उभरने में कामयाब रहे हैं।’ नांबियार ने यह भी कहा कि पहली तिमाही में कर्मचारियों के कंपनी छोडऩे की दर ऐतिहासिक दायरे में रही। नैसकॉम ने कहा है कि भारत  में डिजिटल कौशल आठ गुना उपलब्ध है और 2024 तक उसमें 20 गुना बढ़ोतरी होगी।

First Published - May 7, 2021 | 3:42 PM IST

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