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FMCG फर्मों की राजस्व वृद्धि के अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में मजबूत रहने की उम्मीद

Last Updated- January 11, 2023 | 12:32 AM IST
FMCG

पिछले साल की कीमत बढ़ोतरी के असर से वित वर्ष 2022-23 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही (तीसरी तिमाही) में दैनिक उपभोक्ता वस्तुओं (FMCG) वाली कंपनियों की राजस्व वृद्धि बढ़ने के आसार हैं।

वजन में कमी, महंगाई और ग्रामीण मांग में कमी की वजह से वॉल्यूम में निचले स्तर पर एक अंक की बढ़ोतरी के आसार हैं। एफएमसीजी कंपनियों और विश्लेषकों ने परिणामों से पहले इस रुख पर प्रकाश डाला था।

अपनी तिमाही रिपोर्ट में गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स ने कहा कि कमजोर ग्रामीण खपत और त्योहारी सीजन के बाद मंदी की वजह से एफएमसीजी क्षेत्र में सुस्त वृद्धि नजर आ रही है। इसमें कहा गया कि निम्न स्तर वाली एक अंक की वॉल्यूम वृद्धि के दम पर हमें दो अंक की बिक्री वृद्धि की उम्मीद है।

डाबर इंडिया ने भी इसी बात पर जोर देते हुए कहा कि मांग कमजोर रही क्योंकि ग्रामीण बाजार दबाव में रहा। उसने कहा कि इसके अलावा उत्तर भारत में सर्दी की देर से शुरुआत होने से भी मांग कमजोर रही है। हालांकि फर्म ने कहा कि महंगाई में कमी के साथ तिमाही के उत्तरार्ध में सुधार के संकेत मिले हैं।

मैरिको ने भी अपनी रिपोर्ट में ग्रामीण खपत में सुस्ती की बात कही है। इसने कहा ‘ग्रामीण मांग में सुधार उतना स्पष्ट नहीं था, जितना कि खुदरा मुद्रास्फीति अधिक स्तर पर बनी हुई थी।’

हालांकि पैराशूट कोकोनट ऑयल बनाने वाली कंपनी ने कहा कि त्योहारी सीजन और सर्दी की शुरुआत होने की वजह से कुछ खंडों में मांग में कुछ सुधार हुआ है।

मोतीलाल ओसवाल ने इस क्षेत्र की अपनी समीक्षा में कहा था कि तीसरी तिमाही में वॉल्यूम और राजस्व कम रहने की संभावना है, लेकिन बिस्कुट और सिगरेट जैसे कुछ खंड मजबूत मांग के संकेत दे रहे हैं। इसने कहा कि हालांकि ग्रामीण मांग में सुधार के कोई स्पष्ट संकेत नहीं हैं।

कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने कहा कि उसे प्रमुख खाद्य के राजस्व में स्थिर चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर की उम्मीद है क्योंकि ग्रामीण और शहरी दोनों ही क्षेत्रों में मांग में कोई वृद्धिशील सुधार या गिरावट नहीं हुई है।

नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज का कहना है कि ग्रामीण नौकरी बाजार के निचले स्तर पर कुछ सुधार देखा गया था, लेकिन यह अभी शुरुआती ही थी। ब्रोकर ने कहा कि उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और झारखंड जैसे अधिक आबादी वाले राज्यों में सामान्य मुद्रास्फीति और बारिश की कमी प्रमुख चुनौतियां रही हैं।

दौलत कैपिटल को उम्मीद है कि हिंदुस्तान यूनिलीवर होम केयर में 25 प्रतिशत, निजी देखभाल में 10 प्रतिशत और भोजन एवं अल्पाहार खंड में छह प्रतिशत की राजस्व वृद्धि दर्ज करेगी।

First Published - January 10, 2023 | 11:28 PM IST

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