facebookmetapixel
मजबूत फंडामेंटल के साथ शेयर बाजार में बढ़त की उम्मीद, BFSI क्षेत्र सबसे आगे: रमेश मंत्रीअमेरिकी प्रतिबंधों से वेनेजुएला की तेल अर्थव्यवस्था झुलसी, निर्यात पर गहरा असर; भारत का आयात भी घटाबांग्लादेश ने IPL के प्रसारण पर लगाया प्रतिबंध, एक्सपर्ट बोले: इस फैसले से कुछ ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगादिल्ली दंगा साजिश केस में उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से सुप्रीम कोर्ट ने किया इनकारGrok विवाद में X को सरकार ने दी 72 घंटे की और मोहलत, महिलाओं व बच्चों की तस्वीरों पर केंद्र सख्तकेंद्रीय बजट से पहले IVCA की मांग: AIF ने प्राइवेट क्रेडिट फंड्स के लिए टैक्स में समानता की मांग कीSMC बिल पर एम. दामोदरन की चेतावनी: सेबी का निवेशकों की सुरक्षा पर फोकस कमजोरविश्व आर्थिक मंच की सलाना बैठक में दावोस जाएंगे भारतीय नेतागण, चौहान और वैष्णव करेंगे अगुआईभारत कोकिंग कोल का आईपीओ शुक्रवार को पेश होगा, ₹1,069 करोड़ जुटाने की तैयारीAI इम्पैक्ट समिट में ग्लोबल साउथ पर फोकस, खुद को AI सर्विस सप्लायर के रूप में पेश करेगा भारत

PLI की पात्र कंपनियों की पहली सूची एक माह में

इस योजना का लंबे समय से इंतजार हो रहा था। सरकार ने इसके तहत 6 साल में 22.919 करोड़ रुपये देने की घोषणा की है।

Last Updated- May 15, 2025 | 11:24 PM IST
Electronics Manufacturing
प्रतीकात्मक तस्वीर

इलेक्ट्रॉनिक कल-पुर्जों के लिए उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना में पात्र कंपनियों की पहली सूची एक महीने में आ सकती है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना तकनीक मंत्रालय महीने भर के भीतर इस सूची को मंजूरी देने की योजना बना रहा है।

इस योजना का लंबे समय से इंतजार हो रहा था। सरकार ने इसके तहत 6 साल में 22.919 करोड़ रुपये देने की घोषणा की है।

मंत्रालय को उम्मीद है कि पीसीबी, मशीन और डिस्प्ले से लेकर कैमरा मॉड्यूल व अन्य इलेक्ट्रॉनिक कल-पुर्जों की 150 से ज्यादा कंपनियां इस योजना के लिए पात्र होंगी। इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि करते हुए कहा, ‘हम योजना के पहले चरण में इस महीने पात्र कंपनियों की घोषणा शुरू कर देंगे। हमें उम्मीद है कि 150 से ज्यादा कंपनियां इस योजना में शामिल होंगी।’

यह भी पढ़ें…नई तकनीक अपनाएं सीपीएसई : सरकार

मंत्रालय डिजाइन से जुड़ी प्रोत्साहन (डीएलआई) योजना में भी बदलाव पर काम कर रही है, जो सेमीकंडक्टर मिशन का हिस्सा है। इस योजना को अब तक सुस्त प्रतिक्रिया मिली है। अधिकारी ने कहा, ‘हम लगभग 1,000 करोड़ रुपये के प्रोत्साहन कोष पर विचार कर रहे हैं। हमने 25 चिपसेट की पहचान की है, जिनकी बौद्धिक संपदा (आईपी) भारत में ही रहेगी। पात्र कंपनियों को वित्तीय सहायता दी जाएगी, क्योंकि उन्हें इन चिपसेट को डिजाइन करने के लिए अतिरिक्त समय की जरूरत होती है और हमें नहीं लगता कि उन्हें कहीं और से निवेश मिलेगा।’

First Published - May 15, 2025 | 10:59 PM IST

संबंधित पोस्ट