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नई तकनीक अपनाएं सीपीएसई : सरकार

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वित्त मंत्रालय के सार्वजनिक उद्यम सर्वे के नवीनतम संस्करण के अनुसार सभी सीपीएसई में शोध व विकास (आरऐंडडी) पर खर्च वित्त वर्ष 2022-23 में 7,233 करोड़ रुपये था

Last Updated- May 15, 2025 | 11:12 PM IST
Artificial Intelligence
प्रतीकात्मक तस्वीर

वित्त मंत्रालय ने केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों (सीपीएसई) को संचालन दक्षता बढ़ाने और प्रतिस्पर्धा कायम रखने के लिए आर्टिफिशल इंटेलिजेंस सहित आधुनिकतम तकनीकों में निवेश और चरणबद्ध प्रयास करने का निर्देश दिया है। यह जानकारी वरिष्ठ अधिकारी ने दी।

अधिकारी ने बताया, ‘सीपीएसई अपने संसाधनों का इस्तेमाल पूरी समझदारी के साथ करें। हमें नियमित खर्च की जगह आधुनिकतम तकनीकों को अपनाने पर अधिक ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है।’ ऐसा दृष्टिकोण भविष्य की आर्थिक चुनौतियों से निपटने में अधिक महत्त्वपूर्ण होगा।

वित्त मंत्रालय के सार्वजनिक उद्यम सर्वे के नवीनतम संस्करण के अनुसार सभी सीपीएसई में शोध व विकास (आरऐंडडी) पर खर्च वित्त वर्ष 2022-23 में 7,233 करोड़ रुपये था और यह वित्त वर्ष 2023-24 में 49.50 प्रतिशत बढ़कर 10,813 करोड़ रुपये हो गया था। वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक पारंपरिक सोच में बदलाव का अर्थ यह है कि सीपीएसई को उद्योग 4.0 से प्रतिस्पर्धा करने के लिए अपने नियमित कार्य में एआई जैसी नई उभरती तकनीकों की बुनियादी प्रणाली अधिक विकसित करने की जरूरत है।

अधिकारी ने बताया, ‘यह पहल सीपीएसई को डिजिटल प्रौद्योगिकियों को अपनाकर अपने विनिर्माण और औद्योगिक संचालन में परिवर्तनकारी बदलाव करने में सक्षम बनाएगी। इसका उद्देश्य विनिर्माण के स्मार्ट तरीकों जैसे आर्टिफिशल इंटेलिजेंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी), रोबोटिक्स और ऑटोमेशन को अपनाना है। इसका परिणामस्वरूप अधिक इंटेलिजेंट, चुस्त और दक्ष प्रणालियां विकसित होंगी।’

वित्त वर्ष 2023-24 में कुल 272 सीपीएसई संचालित है। इसका कुल राजस्व का योगदान 36.08 लाख करोड़ रुपये है। इनमें नौ सीपीएसई का कुल राजस्व 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक है और इनका सभी संचालित सीपीएसई के सकल राजस्व में 73.10 प्रतिशत का योगदान है।

अधिकारी ने बताया कि सरकार सीपीएसई के कर्मचारियों की वैश्विक प्रतिस्पर्धा को बढ़ाने के लिए अतिरिक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने की योजना बना रही है।

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First Published - May 15, 2025 | 10:52 PM IST

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