facebookmetapixel
Stock Market: बिकवाली के दबाव में बाजार, सेंसेक्स-निफ्टी फिसलेBudget 2026: क्यों टैक्स एक्सपर्ट न्यू टैक्स रिजीम में अभी और सुधार की मांग कर रहे हैं?Sugar Production: महाराष्ट्र की ‘मीठी’ बढ़त से चीनी उत्पादन में उछाल, देश में 22% ग्रोथGCC बना ग्रोथ इंजन, भारत का ऑफिस मार्केट नई ऊंचाइयों पर, 2026 तक आधे से ज्यादा हिस्सेदारी का अनुमानTata Capital Q3 Results: मुनाफा 16.9% उछलकर ₹1,256.87 करोड़ पर पहुंचा, NII में भी जबरदस्त ग्रोथSEBI का नया प्रस्ताव: ₹20,000 करोड़ AUM वाले इंडेक्स अब नियमों के दायरे में आएंगेSBI YONO यूजर्स को सरकार की चेतावनी: फर्जी आधार APK से रहें सावधान, नहीं तो होगा भारी नुकसानFlexi-Cap Funds: 2025 में रहा सुपरस्टार, AUM ₹5.52 लाख करोड़; फंड मैनेजर पर है भरोसा तो करें निवेशRealty Stock: नतीजों के बाद बनेगा रॉकेट! ब्रोकरेज ने BUY रेटिंग के साथ दिया 61% अपसाइड का टारगेटQ3 रिजल्ट के बाद PNB का शेयर 52-वीक हाई से 5.37% नीचे लुढ़का; जानें क्या है कारण

FADA ने डीलरों के पास वाहनों के बढ़ते स्टॉक पर जताई चिंता

60 दिनों का इन्वेंट्री स्तर साल 2018-19 के स्तर के करीब पहुंच गया है। तब यह स्तर 70 दिन के करीब था और करीब 282 यात्री वाहनों के डीलरों ने शोरूम बंद कर दिए थे।

Last Updated- June 14, 2024 | 10:27 PM IST
FADA

फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) ने डीलरों के पास चार पहिया वाहनों की बढ़ती तादाद पर चिंता जताई है। वाहनों की बढ़ती संख्या अब 60 दिन के स्तर तक पहुंच गई और कुल करीब 5.50 लाख गाड़ियां जमा हो गई हैं। यह स्थिति डीलरों पर भारी आर्थिक बोझ डाल सकती है क्योंकि उन पर अनबिकी गाड़ियां रखने पर अतिरिक्त ब्याज का दबाव पड़ रहा है।

60 दिनों का इन्वेंट्री स्तर साल 2018-19 के स्तर के करीब पहुंच गया है। तब यह स्तर 70 दिन के करीब था और करीब 282 यात्री वाहनों के डीलरों ने शोरूम बंद कर दिए थे। फाडा ने इन चिंताओं को लेकर भारतीय वाहन निर्माताओं के संगठन सायम (SIAM) के साथ बातचीत शुरू कर दी है।

फाडा (FADA) के अध्यक्ष मनीष राज सिंघानिया ने कहा, ‘हम इस मसले पर सायम को लिखेंगे। हमने मीडिया के जरिये बताया है कि डीलर खुश नहीं हैं और इन्वेंट्री में फंस रहे हैं।’ उन्होंने आर्थिक संकटों में फंसने से बचने के लिए डीलरों के बीच बेहतर वित्तीय प्रबंधन की आवश्यकता पर बल दिया।

एक सम्मेलन के इतर सिंघानिया ने पत्रकारों से कहा, ’30 दिन से अधिक की कोई भी अवधि डीलरशिप पर भारी पड़ना शुरू हो जाती है। बैंक से लिए गए किसी भी धन के लिए हमारे पास एक पुनर्भुगतान चक्र होता है, जिसे हमें 60 दिनों के भीतर घुमाना होता है और ब्याज सहित चुकाना पड़ता है।’

सिंघानिया ने दावा किया कि मूल उपकरण विनिर्माता (OEM) डीलरों से इस अवधि को 60 से बढ़ाकर 90 दिन करने का आग्रह कर रहे हैं जिससे डीलरों पर एक महीने के ब्याज का बोझ और बढ़ जाएगा। इस बदलाव से ओईएम को डीलरों के पास अधिक स्टॉक उतारने की सुविधा मिल जाएगी और इन्वेंट्री की समस्या ज्यादा बढ़ जाएगी।

First Published - June 14, 2024 | 9:56 PM IST

संबंधित पोस्ट