facebookmetapixel
रूस से दूरी, पश्चिम एशिया से नजदीकी: भारतीय तेल आयात में बड़ा बदलावबैंकों का भरोसा बढ़ा, वाणिज्यिक क्षेत्र में रिकॉर्ड निवेशअगली पीढ़ी की वायु शक्ति के लिए रणनीतिक साझेदारी का सही समय: वायु सेना प्रमुखNRI धन में तेज गिरावट, क्या रुपये की चिंता वजह है?भारत की वित्तीय ताकत बढ़ी! RBI के आंकड़ों ने दिखाई बड़ी तस्वीरभारत की ग्रोथ स्टोरी को रफ्तार दे रहे 40 वर्ष से कम उम्र के उद्यमी, 31 लाख करोड़ रुपये के उद्यमों की कमाननवंबर में क्यों सूख गया विदेश भेजा जाने वाला पैसा? RBI डेटा ने खोली परतप्रत्यक्ष विदेशी निवेश में कमीRBI ने नवंबर में क्यों घटाई डॉलर बिकवाली? जानिए रुपये पर क्या पड़ा असरअदाणी समूह 66 अरब डॉलर का निवेश करेगा, इंफ्रास्ट्रक्चर में नए दौर की शुरुआत

सोने पर फिर से टूट पड़े निवेशक, ग्लोबल लेवल पर गोल्ड ईटीएफ ने पिछले महीने की सुस्ती के बाद दिसंबर में दिखाया दम

दिसंबर के दौरान ग्लोबल लेवल पर गोल्ड ईटीएफ में निवेश दिसंबर के दौरान बढ़ा है। इससे पहले लगातार छह महीने  की तेजी के बाद नवंबर में गोल्ड ईटीएफ में निवेश में कमी आई थी।

Last Updated- December 30, 2024 | 7:58 PM IST
Gold

Gold ETF: गोल्ड (gold) में एक बार फिर इन्वेस्टमेंट डिमांड में तेजी देखने को मिल रही है। गोल्ड ईटीएफ (gold ETF) के आंकड़े तो इसी बात की ओर इशारा करते हैं। दिसंबर के दौरान ग्लोबल लेवल पर गोल्ड ईटीएफ में निवेश वर्ष के आखिरी महीने यानी दिसंबर के दौरान बढ़ा है। इससे पहले लगातार छह महीने  की तेजी के बाद नवंबर में गोल्ड ईटीएफ में निवेश में कमी आई थी।

जानकारों के अनुसार ब्याज दरों को लेकर अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Federal Reserve) के सतर्क रुख और भू राजनीतिक तनाव में आई कमी के बावजूद यदि दिसंबर में सोने में रेंजबाउंड कारोबार हुआ है तो इसकी वजह इन्वेस्टमेंट डिमांड में मजबूती और सेंट्रल बैंकों की खरीदारी रही है।  गोल्ड इस महीने तकरीबन 1 फीसदी टूटा  है जबकि इस साल अब तक 27 फीसदी के करीब मजबूत हुआ है।

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (World Gold Council) से मिले ताजा आंकड़ों के मुताबिक इस  महीने 20 दिसंबर तक ग्लोबल लेवल पर गोल्ड ईटीएफ में निवेश 1 बिलियन डॉलर यानी 7 टन बढ़ा है।  पिछले महीने नवंबर में गोल्ड ईटीएफ में 2.1 बिलियन डॉलर यानी 28.6 टन का आउटफ्लो दर्ज किया गया था।

इस साल 22 दिसंबर तक देखें तो गोल्ड ईटीएफ में निवेश में 3.36 बिलियन डॉलर की बढ़ोतरी हुई है। हालांकि वॉल्यूम के लिहाज से इस दौरान निवेश 3.5 टन घटा है।

महीना     गोल्ड ईटीएफ इनफ्लो/आउटफ्लो  
दिसंबर 2024 (22 दिसंबर तक) +1 बिलियन डॉलर (+7 टन)
नवंबर 2024 -2.1बिलियन डॉलर (-28.6 टन)
अक्टूबर 2024 +4.3 बिलियन डॉलर (+43.4 टन)
सितंबर 2024 +1.4 बिलियन डॉलर (+18.4 टन)
अगस्त 2024 +2.1 बिलियन डॉलर (+28.5 टन)
जुलाई 2024 +3.6 बिलियन डॉलर (+47.7 टन)
जून 2024 +1.4 बिलियन डॉलर (+17.5 टन)
मई 2024 +0.5 बिलियन डॉलर (+8.2 टन)
अप्रैल 2024 -2.1 बिलियन डॉलर (-32.9 टन)
मार्च 2024 -0.8 बिलियन डॉलर (-13.6 टन)
फरवरी 2024 -2.9 बिलियन डॉलर (-48.7 टन)
जनवरी 2024 -2.8 बिलियन डॉलर (-50.9 टन)

(Source: World Gold Council)

मई  2024 से पहले भी थी सुस्ती

मई 2024 से पहले भी लगातार 12 महीने ग्लोबल लेवल पर गोल्ड ईटीएफ में आउटफ्लो देखने को मिला था। मार्च-मई 2023 की अवधि को निकाल दें तो अप्रैल 2022 से इन्वेस्टमेंट डिमांड अप्रैल 2024 तक लगातार नेगेटिव जोन में पड़ी हुई थी। 2020 में गोल्ड ईटीएफ में निवेश 49.4 बिलियन डॉलर (892.1 टन) बढ़ा था। हालांकि उसके बाद 2021 और 2022 में यह क्रमश: 8.9 बिलियन डॉलर (188.8 टन) और 2.9 बिलियन डॉलर (109.5) टन घटा। कैलेंडर ईयर 2023 के दौरान गोल्ड ईटीएफ से कुल 14.7 बिलियन डॉलर (244.4 टन) की निकासी हुई।

वर्ष        गोल्ड ईटीएफ इनफ्लो/आउटफ्लो  
2024 (1जनवरी-20 दिसंबर) +3.36 बिलियन डॉलर (-3.5 टन)
2023 -14.7 बिलियन डॉलर (-244.4 टन)
2022 -2.9 बिलियन डॉलर (-109.5)
2021 -8.9 बिलियन डॉलर (-188.8 टन)
2020 +49.4 बिलियन डॉलर (+892.1 टन)
2019 +19.6 बिलियन डॉलर (+403.6 टन)
2018 +3.9 बिलियन डॉलर (+70.2 टन)

(Source: World Gold Council)

First Published - December 30, 2024 | 7:11 PM IST

संबंधित पोस्ट