facebookmetapixel
सीमा शुल्क में बड़े बदलावों की कमी, क्या टुकड़ों में सुधारों से मिलेगी विनिर्माण को गति?Editorial: चुनौतीपूर्ण समय का बजट — संतुलित घाटा और सर्विस सेक्टर से विकास की उम्मीदमझोले व छोटे शहरों के लिए ₹5,000 करोड़ का फंड, आर्थिक क्षेत्रों के रूप में विकसित होंगे शहरStocks to Watch today: रेलवे से लेकर तंबाकू शेयरों तक, जानें आज कौन से सेक्टर और शेयर रहेंगे फोकस मेंSME को ‘चैंपियन’ बनाने के लिए ₹10,000 करोड़ का फंड, छोटे उद्योगों की किस्मत बदलेगी सरकारबैंकिंग सेक्टर में बड़े बदलावों की सुगबुगाहट, समीक्षा के लिए उच्च स्तरीय समिति का हो सकता है गठनबुलेट ट्रेन का महाप्लान: 7 हाई-स्पीड कॉरिडोर बनाने में आएगा ₹16 लाख करोड़ का खर्चा, रेल मंत्री ने बताया रोडमैपRailway Budget 2026: रेलवे को मिले ₹2.92 लाख करोड़, बनेंगे 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोरBudget 2026: कंटेनर निर्माण के लिए ₹10,000 करोड़ का पैकेज, शिपिंग सेक्टर में आत्मनिर्भर बनेगा भारतBudget 2026: बुनियादी ढांचे पर ₹12.21 लाख करोड़ का दांव, क्या रफ्तार पकड़ेगी भारतीय अर्थव्यवस्था?

भारत का इम्पोर्ट 2022-23 में 700 अरब डॉलर के पार जाने का अनुमान : GTRI

Last Updated- March 29, 2023 | 11:51 AM IST
Govt Replaces ‘Certificate’ with ‘Proof’ in Rules of Origin Regulations

चालू वित्त वर्ष में भारत का व्यापारिक आयात करीब 16 प्रतिशत बढ़कर 710 अरब डॉलर पर पहुंचने का अनुमान है। आर्थिक विचार समूह ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (जीटीआरआई) ने बुधवार को अपनी एक रिपोर्ट में कहा कि कच्चा तेल, कोयला, हीरा, रसायन एवं इलेक्ट्रॉनिक्स के आयात में वृद्धि इसकी वजह है।

जीटीआरआई ने कहा कि कमजोर वैश्विक मांग और बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में मंदी से भारत की अर्थव्यवस्था मामूली रूप से प्रभावित हो सकती है।

भारत के कुल व्यापारिक आयात में 82 प्रतिशत हिस्सेदारी छह उत्पाद श्रेणियों की है जिनमें हैं पेट्रोलियम, कच्चा तेल, कोयला, कोक, हीरा, कीमती धातु, रसायन, दवा, रबड़, प्लास्टिक, इलेक्ट्रॉनिक्स और मशीनरी।

जीटीआरआई के सह-संस्थापक अजय श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘मार्च 2023 में खत्म होने जा रहे चालू वित्त वर्ष में भारत का व्यापारिक आयात 710 अरब डॉलर को छू सकता है। यह 2021-22 के 613 अरब डॉलर की तुलना में करीब 15.8 प्रतिशत अधिक है।’’ श्रीवास्तव ने कहा कि पेट्रोलियम आयात का अनुमानित मूल्य 210 अरब डॉलर होगा और इसमें कच्चा तेल तथा एलपीजी भी शामिल है।

उन्होंने बताया, ‘‘बीते वित्त वर्ष की तुलना में कच्ची सामग्री का आयात 53 प्रतिशत बढ़ गया। बीते एक वर्ष में रूस से आयात 850 प्रतिशत बढ़ गया।’’

वहीं 2022-23 में कोक और कोयले का आयात 51 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। भारत कोकिंग कोल और थर्मल कोल दोनों का आयात करता है।

रिपोर्ट में कहा गया कि कोकिंग कोल का आयात चालू वित्त वर्ष में 20.4 अरब डॉलर के पार जा सकता है जो पिछले वर्ष की तुलना में 87 प्रतिशत अधिक होगा और थर्मल कोल 105 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 23.2 अरब डॉलर पर पहुंच सकता है। भारत का हीरा आयात 27.3 अरब डॉलर रहने का अनुमान है।

First Published - March 29, 2023 | 11:33 AM IST

संबंधित पोस्ट