केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि यूनियन बजट 2026-27 से भारतीय अर्थव्यवस्था को लंबे समय तक फायदा मिलेगा। रविवार को बजट के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि बजट में घोषित योजनाओं और कदमों का असर पूरे देश में दिखेगा। वित्त मंत्री ने कहा कि यह बजट इस तरह बनाया गया है कि तकनीक, इंफ्रास्ट्रक्चर और सामाजिक कल्याण को विकास से जोड़ा जा सके, ताकि देश को लंबे समय तक लाभ मिले।
बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर पर खास जोर दिया गया है। सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 12.2 लाख करोड़ रुपये का पूंजीगत खर्च तय किया है, जो देश की जीडीपी का करीब 4.4 प्रतिशत है। निर्मला सीतारमण ने बताया कि डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर और राष्ट्रीय जलमार्ग जैसे प्रोजेक्ट कनेक्टिविटी बेहतर करेंगे। इससे उद्योगों को फायदा होगा और रोजगार भी बढ़ेगा।
क्षेत्रीय विकास को बढ़ाने के लिए सरकार स्पेशल इकोनॉमिक रीजन बनाएगी। इसके लिए हर शहर को पांच साल में 5,000 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। वित्त मंत्री ने कहा कि ध्यान टियर-2 और टियर-3 शहरों पर होगा, ताकि विकास सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित न रहे।
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बजट में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को भी मजबूत किया गया है। इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के लिए मदद बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपये कर दी गई है। इसके अलावा, सरकार ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु जैसे राज्यों में रेयर अर्थ कॉरिडोर बनाएगी, ताकि जरूरी खनिजों के लिए आयात पर निर्भरता कम हो सके। सरकार केमिकल पार्क, कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग और मेट्रो व सुरंगों में इस्तेमाल होने वाली मशीनें देश में बनाने में भी मदद देगी।
वित्त मंत्री ने कहा कि बायोफार्मा सेक्टर में ऐसे संस्थानों और कंपनियों को समर्थन दिया जाएगा जो गंभीर रिसर्च कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह दिखाता है कि भारत दवाओं के क्षेत्र में अगली बड़ी छलांग के लिए तैयार है और इसके पीछे पैसा और नीतिगत समर्थन दोनों हैं।
निर्मला सीतारमण ने सूक्ष्म, छोटे और मध्यम उद्योगों (MSME) को ‘विकसित भारत’ का मुख्य आधार बताया। उन्होंने कहा कि छोटे कारोबारियों को पूंजी की कमी नहीं होने दी जाएगी। सरकार MSME को रिटर्न फाइल करने, हिसाब-किताब रखने और नियमों का पालन आसान करने में मदद करेगी, ताकि वे अपने कारोबार को बढ़ाने पर ध्यान दे सकें।
सामाजिक क्षेत्र की बात करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि 17 कैंसर की दवाओं को कस्टम ड्यूटी से मुक्त करने का प्रस्ताव उन्हें व्यक्तिगत रूप से छू गया। इसके अलावा, सात और दुर्लभ बीमारियों को भी ड्यूटी फ्री आयात की सूची में शामिल किया गया है, जिससे मरीजों और उनके परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी। वित्त मंत्री ने कहा कि बजट 2026-27 का मकसद समावेशी और संतुलित विकास है, ताकि देश की तरक्की का फायदा हर वर्ग और हर क्षेत्र तक पहुंचे।