Union Budget 2026-27 Live Updates in Hindi: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2026-27 का बजट लोकसभा में पेश कर दिया है। यह पहली बार है जब केंद्रीय बजट रविवार को पेश किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने केंद्रीय बजट 2026-27 को मंजूरी दी है। इस वर्ष के बजट भाषण में बड़े और चौंकाने वाले ऐलानों के बजाय लंबी अवधि की प्राथमिकताओं और नीतिगत निरंतरता पर फोकस किया गया है।
बजट भाषण में वित्त मंत्री सीतारमण ने विकसित भारत-2047 के विजन के तहत ‘तीन कर्तव्यों’ की सूची पेश की। हमारा पहला कर्तव्य उत्पादकता और प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाकर तथा वैश्विक स्तर पर बदलते और अस्थिर हालात के बीच मजबूती विकसित करते हुए आर्थिक वृद्धि को तेज करना और उसे बनाए रखना है। हमारा दूसरा कर्तव्य जनता की आकांक्षाओं को पूरा करना और उनकी क्षमताओं का निर्माण करना है, ताकि वे भारत की समृद्धि की राह में सशक्त साझेदार बन सकें। हमारा तीसरा कर्तव्य ‘सबका साथ, सबका विकास’ के हमारे दृष्टिकोण के अनुरूप है, ताकि हर परिवार, समुदाय, क्षेत्र और क्षेत्रक को संसाधनों, सुविधाओं और सार्थक भागीदारी के अवसरों तक पहुंच सुनिश्चित की जा सके।
वित्त वर्ष 2027 का यह बजट निर्मला सीतारमण का लगातार नौवां बजट भी है। साथ ही, यह भाजपा-नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के तीसरे कार्यकाल का तीसरा बजट हैं, जिसे वैश्विक अनिश्चितताओं और निर्यात में सुस्ती के बीच पेश किया गया। ये बजट अप्रैल 2026 से मार्च 2027 तक के वित्त वर्ष के लिए होगा।
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मुख्य घटनाएं
जियो क्रेडिट लिमिटेड के एमडी एंड सीईओ कुशल रॉय का कहना है कि NBFC सेक्टर के नजरिए से यह प्रोग्रेसिव बजट SMEs और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर से क्रेडिट डिमांड पर पॉजिटिव असर डालेगा। इसके अलावा, CERs में काफी रोजगार पैदा होंगे और इंफ्रास्ट्रक्चर बनेगा, जिससे रिटेल क्रेडिट में और तेजी आएगी।
वित्त मंत्री ने क्रेडिट गारंटी सपोर्ट देकर TREDS को अपग्रेड करने के लिए भी कदम उठाए हैं, जिससे TREDS पर SMEs का भरोसा बढ़ेगा। इस बजट का मकसद आम तौर पर मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर और खास तौर पर SME सेक्टर को मजबूत करना है, साथ ही हमारी इकॉनमी को टैरिफ के असर से बचाने पर भी जोर दिया गया है।
डीएसपी पेंशन फंड के सीईओ राहुल भगत ने कहा, “बजट 2026 स्पष्ट रूप से विकासोन्मुख है और इसमें इंफ्रास्ट्रक्चर, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और ट्रेड फैसिलिटेशन पर मजबूत जोर दिया गया है। कस्टम्स प्रक्रियाओं को सरल बनाने, MSMEs को समर्थन देने और मैन्युफैक्चरिंग को प्रोत्साहित करने के कदम निवेश और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए सकारात्मक संकेत देते हैं।”
केंद्रीय बजट में 2027 की जनगणना के लिए 6,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। कोविड महामारी की वजह से लगभग छह साल की देरी के बाद, 1 अप्रैल से 16वीं जनगणना की कवायद शुरू होने वाली है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए जो बजट अनुमान पेश किए, उनमें जनगणना, सर्वे और सांख्यिकी/भारत के महापंजीयक (आरजीआई) के लिए 6,000 करोड़ रुपये रखे गए हैं, जो 2025-26 के संशोधित अनुमान में आवंटित 1,040 करोड़ रुपये से लगभग छह गुना अधिक है।
केंद्रीय बजट 2026 बड़े और चौंकाने वाले बदलावों के बजाय नीतिगत निरंतरता को रेखांकित करता है। वेंचुरा के सीईओ और फाउंडर हेमंत मजेठिया ने कहा कि यह “किसी बड़े धमाके वाला बजट होने की उम्मीद नहीं थी।” उन्होंने यह भी बताया कि स्वदेशीकरण और घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने की सरकारी पहल के तहत डिफेंस सेक्टर बजट का प्रमुख लाभार्थी बनकर उभरा है।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के केंद्रीय बजट की आलोचना वाले ट्वीट पर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, "मुझे नहीं पता कि वे किस सुधार की बात कर रहे हैं। अर्थव्यवस्था और उसके फंडामेंटल्स मजबूत हैं। कई सेक्टर ग्लोबल अनिश्चितता का सामना कर रहे हैं, जिनके लिए हम छोटे और मंझोले उद्यमों, टेक्सटाइल, चमड़ा, ग्रामीण इलाकों में काम करने वाले लोगों के लिए कई अलग-अलग योजनाएं लाए हैं, किसानों और वैल्यू एडिशन के लिए, महिला उद्यमियों, सेल्फ-हेल्प उद्यमियों के लिए भी योजनाएं लाए हैं। ये ऐसे तरीके हैं जिनसे हम आम छोटे लोगों तक पहुंच रहे हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि बाहर से आने वाली किसी भी अस्थिरता के कारण उन्हें अपने जीवन में बड़े बदलावों का सामना न करना पड़े... राजनीतिक रूप से आप आलोचना करना चाहते हैं, आपका स्वागत है, कृपया करें। लेकिन अगर आप मुझे वे तथ्य बताना चाहते हैं जिन पर आप अपना तर्क आधारित कर रहे हैं, तो मैं सुनने और उसका जवाब देने के लिए तैयार हूं।"
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि केंद्रीय बजट प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में एक निर्णायक कदम है और यह देश की वित्तीय राजधानी मुंबई एवं राज्य के शेष हिस्सों को भी महत्वपूर्ण मजबूती प्रदान करता है। शिंदे ने बुनियादी ढांचे पर ध्यान केंद्रित करने और सूक्ष्म एवं मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देने की सराहना करते हुए कहा कि यह प्रमुख विकास इंजन के रूप में काम करेगा। उन्होंने शहरी विकास विशेष रूप से छोटे शहरों के विकास में महत्वपूर्ण निवेश की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा, ''महाराष्ट्र में बड़े पैमाने पर शहरीकरण हो रहा है। 'टियर-टू' और 'टियर-थ्री' शहरों के विकास में तेजी लाने की घोषणा, साथ ही शहर के विकास के लिए 12 लाख करोड़ रुपये का फंड, हमारे शहरी केंद्रों का चेहरा बदल देगा। नगर निगम बांड पर 100 करोड़ रुपये की छूट राज्य के नगर निगमों को मजबूत करने वाला कदम है।''
मैनपावर सोर्सिंग कंपनी विजन इंडिया के मुख्य कार्य अधिकारी विवेक कुमार ने वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट को युवाओं का बजट बताया। उन्होंने कहा कि इस बार बजट देश के युवाओं को ध्यान में रखकर बनाया गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का जोर देश की अगली पीढ़ी यानी युवाओं पर है। मोदी सरकार पहले से ही उद्यमियों को बढ़ावा देने के लिए स्टार्टअप इंडिया, मुद्रा कोष जैसी योजनाएं चला रही है। इस बार के बजट में कई नई योजनाओं का ऐलान किया गया है, जिससे बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार मिलेगा। इस बार सरकार ने जेन-जी का भी ख्याल रखा है। इसके लिए ही कंटेंट क्रिएटर के लिए लैब बनाने का ऐलान किया गया है। इससे युवा कंटेंट क्रिएटर्स को आगे बढ़ने में मदद मिलेगी।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को कहा कि बजट ''दिशाहीन, जनविरोधी है और इसमें दूरदर्शिता का अभाव है'' तथा बजट में आम लोगों और उनके राज्य के लिए कुछ भी नहीं है। बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया कि बजट में प्रमुख क्षेत्रों के लिए आवंटित धनराशि में भारी कटौती की गई है। यह बजट दिशाहीन है, इसमें दूरदर्शिता का अभाव है तथा यह नीरस एवं जनविरोधी है। यह बजट महिला-विरोधी, किसान-विरोधी, शिक्षा-विरोधी है तथा यह अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के भी खिलाफ है...। बजट में पश्चिम बंगाल के लिए कुछ भी नहीं है।''
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत वर्ष 2026-27 का बजट विकसित विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में प्रभावी कदम है। बजट में गरीबों, युवाओं, अन्नदाताओं और महिलाओं पर विशेष फोकस है। उन्होंने कहा कि 5 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों के विकास और सभी शहरी आर्थिक क्षेत्रों पर 5 साल में 5000 करोड़ रुपए खर्च करने, छोटे शहरों में तीर्थ स्थल विकसित करने, प्रत्येक जिले में एक महिला छात्रावास के निर्माण और जिला अस्पतालों को अपग्रेड करने की व्यवस्था से प्रदेश को बहुत लाभ होगा। केंद्रीय बजट में वस्त्र उद्योग सेक्टर में रिफॉर्म पर बल दिया गया है, इससे मध्य प्रदेश को भी लाभ मिलेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने मध्यप्रदेश को पीएम मित्र पार्क के रूप में टैक्सटाइल क्षेत्र की बड़ी सौगात दी है। इससे तीन लाख लोगों को रोजगार के अवसर मिलने के साथ ही 6 लाख किसानों को लाभ होगा। इस पार्क से प्रदेश का मालवा निमाड़ अंचल नई उड़ान के लिए तैयार है।
केंद्रीय बजट 2026 पर केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, "विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए इस बार के बजट में प्रधानमंत्री मोदी की दूर दृष्टि और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का कुशल प्रबंधन प्रतिबिंबित हो रहा है... पिछले बजट में शिक्षा में कुल 1,28,650 करोड़ रुपए का वित्तीय प्रबंधन किया गया था और इस बार इसे बढ़ाकर 1,39,289 करोड़ का वित्तीय प्रबंधन किया गया है... यह सरकार की शिक्षा के प्रति प्राथमिकता दर्शाती है..."
केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने केंद्रीय बजट 2026 पर कहा, "ये बजट संपूर्ण और सर्वग्राही बजट है मैं कपड़ा मंत्री होने के नाते इतना ही कह सकता हूं कि ये यात्रा पीएम मोदी का 2014-15 में चला 15-16 लाख से आज 53 लाख से ऊपर गया है और राजकोषीय घाटा भी 4.3 है....केंद्र सरकार ने कपड़ा को प्राथमिकता दी...ये 2047 के विकसित भारत का बजट है।"
वित्त मंत्रालय में राजस्व विभाग के सचिव अरविंद श्रीवास्तव ने कहा, “सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) में केवल फ्यूचर्स और ऑप्शंस में ही बदलाव किया गया है। अन्य सभी STT दरें वही हैं।”
उन्होंने कहा कि STT दरें बढ़ाने का मुख्य उद्देश्य यह है कि जब आप फ्यूचर्स और ऑप्शंस में लेनदेन की मात्रा को देखें, चाहे उसे GDP के आकार या मूलभूत सिक्योरिटीज बाजार के आकार से तुलना करें, तो यह काफी हद तक सट्टेबाजी के क्षेत्र में आता है, जिससे छोटे रिटेल और असंगठित निवेशकों को नुकसान होता है।
सरकार की मंशा सट्टेबाजी प्रवृत्तियों को रोकने की है। दरों में यह वृद्धि इसी दिशा में है। इसका उद्देश्य डेरिवेटिव मार्केट में प्रणालीगत जोखिम को संभालना है। हालांकि इस बढ़ोतरी के बाद भी, लेनदेन की मात्रा के मुकाबले STT की दरें अपेक्षाकृत मामूली ही रहेंगी।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि फ्यूचर्स और ऑप्शंस (F&O) में सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) बढ़ाने का उद्देश्य छोटे निवेशकों को रोकना है, जो सट्टेबाजी वाले डेरिवेटिव ट्रेड में नुकसान उठाते हैं।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, "...हम ग्रोथ की गति बनाए रखने के लिए रास्ता बना रहे हैं और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा दे रहे हैं, और उस ग्रोथ की गति या लगातार आर्थिक विकास को हम सुनिश्चित करना चाहते हैं। मुख्य रूप से, हम स्ट्रक्चरल सुधारों के साथ इकोसिस्टम बनाने पर ध्यान दे रहे हैं, जो जारी रहेंगे। सुधार किए गए हैं। हम सुधार गतिविधियों को जारी रख रहे हैं। यह इस लक्ष्य के साथ जारी रहेगा कि हम प्रोडक्टिविटी में सुधार और रोजगार पैदा करने के लिए पर्याप्त माहौल बनाएं। 21वीं सदी पूरी तरह से टेक्नोलॉजी पर आधारित है। इसलिए हम यह सुनिश्चित करेंगे कि आम आदमी को फायदा पहुंचाने के लिए टेक्नोलॉजी लाई जाए... हर शहर को सालाना 1000 करोड़ रुपये दिए जा रहे हैं, और जोर बड़े पैमाने पर टियर 2, टियर 3 शहरों पर होगा..."
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, “…सेमीकंडक्टर मिशन में दो बड़े ऐलान किए गए हैं, जो भारत स्टैक और आईपी-संबंधित मामलों में सुधार लाएंगे। 40,000 करोड़ रुपये की इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग योजना इलेक्ट्रॉनिक्स को आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक बड़ा प्रोत्साहन है।
हमने रेयर अर्थ कॉरिडोर स्थापित करने की भी घोषणा की है, ताकि भारत अपनी आवश्यकताओं को अपने ही संसाधनों से पूरा कर सके। जब हम इन खनिजों की पहचान करेंगे और उन्हें खोजकर संसाधित करेंगे, उन्हें उपलब्ध कराएंगे, तो रेयर अर्थ्स के लिए बाहरी स्रोतों पर हमारी निर्भरता कम हो जाएगी। हमने उन राज्यों की पहचान भी कर ली है, जहां ये रेयर अर्थ कॉरिडोर स्थापित किए जाएंगे। ये राज्य ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु होंगे।
ये बहुत महत्वपूर्ण विकास हैं और भारतीय अर्थव्यवस्था पर इसका बहुआयामी प्रभाव पड़ेगा। हमारे मैग्नेट्स और रेयर अर्थ्स पर निर्भरता कम होगी।”
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश करने के बाद मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि केंद्रीय बजट स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए धन आवंटित करने पर केंद्रित है, जिससे “सबका साथ, सबका विकास” सुनिश्चित हो सके।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारत में नए प्रस्तावित रेयर अर्थ कॉरिडोर डिफेंस कॉरिडोरों जैसी सफलता हासिल करेंगे। उन्होंने इनके रणनीतिक विकास और औद्योगिक प्रगति को बढ़ावा देने की क्षमता को रेखांकित किया।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, “आयात शुल्क से छूट वाली सूची में सात और दुर्लभ बीमारियों को जोड़ा गया है। यात्रा के दौरान लाए जाने वाले सामान और व्यक्तिगत वस्तुओं की बैगेज क्लियरेंस पर ड्यूटी-फ्री सीमा को भी बढ़ाया गया है। इसके अलावा, प्रत्यक्ष कर और अप्रत्यक्ष कर से जुड़े कई अन्य प्रस्ताव भी बजट में शामिल किए गए हैं।”
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट के बाद कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 में 12.2 लाख करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय जीडीपी का 4.4 फीसदी है, जो अब तक का सर्वाधिक है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि प्रस्तावित रेयर अर्थ कॉरिडोर देश के लिए एक “गेम-चेंजर” साबित होगा।
वित्त मंत्री ने बताया कि केंद्रीय बजट में बायो-फार्मा सेक्टर को बड़ा प्रोत्साहन दिया गया है और मानसिक स्वास्थ्य को भी प्राथमिकता के तौर पर शामिल किया गया है।
बजट पेश किए जाने के बाद वित्त मंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि ये कदम लंबी अवधि के विकास, इनोवेशन और सामाजिक कल्याण को मजबूत करने की दिशा में अहम हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था होने से संतुष्ट नहीं है। वह तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनना चाहता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “बजट में पूर्वोत्तर क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि केंद्रीय बजट 140 करोड़ भारतीयों की आकांक्षाओं को दर्शाता है। सुधारों की यात्रा को सुदृढ़ करता है और विकसित भारत के लिए स्पष्ट रूपरेखा तैयार करता है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा बजट पेश किए जाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनकी प्रशंसा करते हुए इसे ऐतिहासिक बताया और ‘नारी शक्ति’ पर भारत के फोकस को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि निर्मला जी ने लगातार नौवां केंद्रीय बजट पेश कर नया रिकॉर्ड बनाया है, जो उनके नेतृत्व और भारत की आर्थिक दृष्टि में उनके योगदान को दर्शाता है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा बजट पेश किए जाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित करते हुए इसे “अनूठा” बजट बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट उच्च पूंजीगत व्यय और राजकोषीय घाटे के प्रबंधन के बीच संतुलन बनाता है, जिससे भारत की विकास गति को मजबूती मिलेगी और विकसित भारत 2047 की नींव रखी जाएगी।
केंद्रीय बजट 2026-27 पर PM मोदी ने कहा, 'ये बजट अपार अवसरों का राजमार्ग है। ये बजट 2047 के विकसित भारत की हमारी ऊंची उड़ान का आधार है।'
केंद्रीय बजट 2026 पर केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, "मैं प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री को धन्यवाद देना चाहूंगा। आज के बजट में देश के सर्वांगीण विकास के लिए और विकसित भारत के लिए मजबूत नींव बनाने का काम किया है। आज के बजट में उत्पादन पर फोकस किया गया है... IT सर्विसेज के लिए अच्छे कदम उठाए गए हैं... ऑरेंज इकोनॉमी के लिए क्रिएटर लैब बनाने के लिए बजट में प्रावधान किए गए हैं। रेलवे के लिए 7 नए हाई स्पीड कॉरिडोर की घोषणा हुई है।"
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केंद्रीय बजट 2026 कहा, "आशा और आकांक्षाओं का प्रतीक ये बजट है जिसमें नए भारत और विकसित भारत की संकल्पना की दृष्टि स्पष्ट दिखाई देती है...आयुष और स्वास्थ्य क्षेत्र पर जोर देना, महिलाओं के लिए हर जनपद में छात्रावास के निर्माण की व्यवस्था, नौजवानों के लिए हर क्षेत्र में अवसर के साथ-साथ अलग-अलग क्षेत्र में रिफॉर्म का बजट पेश किया गया है। भारत की अर्थव्यवस्था को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए ये बजट मददगार साबित होगा।"
पीबी फिनटेक के जॉइंट ग्रुप सीईओ सरबवीर सिंह ने कहा कि यह बजट राजकोषीय अनुशासन पर आधारित है और यह स्पष्ट संदेश देता है कि भारत के विकास का अगला चरण पूंजी-समर्थित और MSME-प्रेरित होगा। बजट में एक ओर जहां मजबूत संरचनात्मक सुधारों की स्पष्ट झलक मिलती है, वहीं इसका दृष्टिकोण समान रूप से जन-केंद्रित भी है।
पब्लिक कैपिटल इक्स्पेन्डिचर को ₹2 लाख करोड़ से बढ़ाकर वित्त वर्ष 2026-27 में प्रस्तावित ₹12.2 लाख करोड़ तक ले जाने का निरंतर प्रयास बैंकों और वित्तीय संस्थानों के लिए एक मजबूत और पूर्वानुमेय मांग की पाइपलाइन को तैयार करता है। इसके साथ ही ₹10,000 करोड़ के MSME ग्रोथ फंड की घोषणा से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को आवश्यक फंड और लिक्विडिटी जेसी सहायता मिलेगी, जिससे वे विस्तार कर सकेंगे और रोजगार सृजन को गति मिलेगी।
यूनियन बजट पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा, "हमें बहुत कम डिटेल्स मिलीं। 3-4 हेडलाइंस थीं, लेकिन हम ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद का इंतजार कर रहे थे। वह कहां है? हम इसे केरल में चाहते थे। हमारे यहां आयुर्वेद की बहुत पुरानी परंपरा है। लेकिन हमने केरल का नाम नहीं सुना। हमने मछुआरों और नारियल के नाम सुने - वह केरल हो सकता है...लेकिन जब उन्होंने शिप रिपेयर की बात की, तो उन्होंने वाराणसी और पटना का नाम लिया लेकिन केरल का नहीं। यह थोड़ा हैरान करने वाला है। शायद बजट डॉक्यूमेंट में और डिटेल्स हों। मैंने अभी उसे पढ़ा नहीं है। स्पीच में बहुत कम डिटेल्स थीं।"
बजट 2026 पर केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा, "ये बहुत क्रांतिकारी बजट है। देश को सुंदर बनाने वाला बजट है। देश के हर वर्ग पर ध्यान दिया गया है। व्यापारी, उद्योगपति और मजदूरों पर ध्यान दिया गया है। ये सामाजिक न्याय के साथ-साथ आर्थिक न्याय देने वाले बजट है..."
टाटा एसेट मैनेजमेंट के फंड मैनेजर-कमोडिटीज टपन पटेल ने कहा, “कमोडिटी की कीमतें व्यापक वैश्विक भू-आर्थिक कारकों के अनुरूप चल सकती हैं, जिनमें अमेरिका के FOMC का रुख, आने वाले आर्थिक आंकड़े और भू-राजनीतिक हालात में बदलाव प्रमुख होंगे। हालिया उतार-चढ़ाव और सोना, चांदी व तांबे की कीमतों में तेज गिरावट के बाद निवेशक अपने एसेट एलोकेशन पर फिर से विचार कर सकते हैं और निवेश के लिए कमोडिटीज में तुलनात्मक स्थिरता और कंसॉलिडेशन के संकेत तलाश सकते हैं।”
केंद्रीय बजट 2026 पर भाजपा सांसद रवि शंकर प्रसाद ने कहा, "ये बहुत ही प्रगतिशील बजट है। विकसित भारत का रास्ता स्पष्ट करता है... मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का अभिनंदन करता हूं। ये विकासशील बजट है। देश की प्रगति को और आगे बढ़ाएगा।"
EaseMyTrip के सीईओ और को-फाउंडर रिकांत पिट्टी ने विदेश यात्रा पैकेजों पर टीसीएस को घटाकर 2% किए जाने का स्वागत किया और इसे आउटबाउंड ट्रैवल को अधिक किफायती बनाने वाला कदम बताया। उन्होंने बजट में प्रस्तावित नई हवाई सेवाओं, सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, अंतर्देशीय जलमार्गों के विस्तार और सी-प्लेन प्रोत्साहन जैसे उपायों को भी रेखांकित किया, जिनका उद्देश्य कनेक्टिविटी बेहतर कर यात्रा समय घटाने के साथ घरेलू और इनबाउंड पर्यटन को मजबूती देना है।
UTI AMC के सीनियर एग्जीक्यूटिव और फिक्स्ड इनकम के चीफ अनुराग मित्तल ने कहा कि बजट का फोकस विकास पर बना हुआ है और घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने तथा निर्यात को मजबूत करने पर इसका जोर है। हालांकि, सकल उधारी 17.2 लाख करोड़ रुपये रहने से बजट कुछ हद तक बॉन्ड सप्लाई के लिहाज से भारी है, जो बाजार अनुमानों से अधिक है।
उन्होंने कहा कि फिस्कल कंसोलिडेशन का रास्ता सख्त होने के बजाय स्थिर नजर आता है। निकट अवधि में बॉन्ड यील्ड पर दबाव रह सकता है, लेकिन मांग सहायक बनी रहेगी। कुल मिलाकर यील्ड कर्व के ढलान वाला रहने की उम्मीद है और जोखिम-रिटर्न के लिहाज से कॉरपोरेट बॉन्ड फंड और इनकम प्लस आर्बिट्राज फंड ज्यादा आकर्षक बने रहेंगे।
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा, "आज के बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर, ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर, शहरीकरण, आत्मनिर्भरता पर बल दिया गया है...ये विकसित भारत की मजबूत नींव तैयार करने वाला बजट है।"
सक्सेना एंड कुमार लॉ चेम्बर्स के अभिनव सक्सेना ने कहा कि बजट 2026 ने भारत के कानूनी और नियामक ढांचे को सरल बनाने की दिशा में निर्णायक कदम उठाया है। उन्होंने प्रस्तावित नए इनकम टैक्स एक्ट का स्वागत किया और इसे लंबे समय से प्रतीक्षित सुधार बताया, जो व्याख्या संबंधी विवादों को कम करेगा और कॉरपोरेट्स तथा कानूनी समुदाय के लिए अनुपालन को आसान बनाएगा।
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी से कोई उम्मीद मत करिए। बीजेपी कुछ लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए काम करती है। बजट पहले से तय होता है, किसे लाभ पहुंचाना है। ये बजट अदृश्य लोगों को लाभ पहुंचाने वाला है। ये बजट आम लोगों की समझ से बाहर है।
IMC चेम्बर ऑफ कॉमर्स के डिप्टी डायरेक्टर जनरल संजय मेहता ने कहा, "निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत यह बजट, IMC और उद्योग की दृष्टि में कुल मिलाकर बहुत सकारात्मक और भविष्योन्मुखी बजट है। इसने सभी पारंपरिक क्षेत्रों के साथ-साथ नई फ्रंटियर टेक्नोलॉजी क्षेत्रों को भी शामिल किया है।"
उन्होंने आगे कहा, "मैं बाजार और बजट के बीच कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं देखता। बजट में ऐसा कुछ भी नहीं है जो वर्तमान में बाजार को प्रतिक्रिया देने के लिए प्रेरित करे।"
चॉइस इंटरनेशनल के सीईओ अरुण पोद्दार ने कहा, "बजट पॉलिसी स्थिरता का मजबूत संदेश देता है और वित्तीय अनुशासन और विकास आधारित आउटलुक के बीच व्यावहारिक संतुलन बनाता है। पूंजीगत व्यय, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और मैन्युफैक्चरिंग फोक्स्ड ग्रोथ पर निरंतर जोर सकारात्मक है और अर्थव्यवस्था में व्यापक गुणक प्रभाव पैदा करने की संभावना है।”
उन्होंने आगे कहा कि साथ ही, घरेलू मांग को मजबूत करने, व्यवसाय करने में आसानी बढ़ाने और वित्तीय सतर्कता बनाए रखने के उपाय निवेशकों के विश्वास को समर्थन देंगे। कुल मिलाकर, यह बजट घरेलू और वैश्विक निवेशकों दोनों के लिए एक सहायक वातावरण तैयार करता है और भारत की मध्यम-से-दीर्घकालिक आर्थिक प्रगति में विश्वास को मजबूत करता है।
NPV एंड एसोसिएट्स LLP में पार्टनर प्रियाल शाह ने कहा, “वित्त वर्ष 2026-27 के केंद्रीय बजट में भारत सरकार ने सेल्फ-हेल्प एंटरप्रेन्योर (SHE) पहल की घोषणा की, जो महिलाओं के उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष कार्यक्रम है। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं, विशेष रूप से स्वयं सहायता समूहों की सदस्याओं को, जीविकोपार्जन गतिविधियों से स्थायी और स्केलेबल व्यवसायों की ओर ले जाना है।”
उन्होंने आगे कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से वित्त तक पहुंच, क्षमता निर्माण, मेंटरशिप और बाजार से जोड़ने जैसी सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा, ताकि महिलाएं औपचारिक अर्थव्यवस्था में अधिक सक्रिय भूमिका निभा सकें। यह पहल समावेशी विकास और रोजगार सृजन के व्यापक लक्ष्यों के साथ भी मेल खाती है, और महिलाओं उद्यमियों को भारत की आर्थिक प्रगति और जमीनी स्तर पर नवाचार में महत्वपूर्ण योगदानकर्ता के रूप में मान्यता देती है।
केंद्रीय बजट 2026 पर बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा, "देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री को धन्यवाद देता हूं जिन्होंने 2047 का भारत कैसा होगा, 3 कर्तव्य के बारे में बताया। कई योजना दी गई है। हाई स्पीड रेल, इंफ्रास्ट्रक्चर, मछली पालन, जल मार्ग के परियोजनाओं पर चर्चा हुई..."
नेक्सडिज़्म के मैनेजिंग डायरेक्टर-टैक्स, मौलिक दोशी ने कहा, “विदेशी कंपनियों को 2047 तक टैक्स हॉलीडे देने का महत्वपूर्ण प्रस्ताव पेश किया गया है, बशर्ते वे भारत में डेटा सेंटर स्थापित करें और क्लाउड सेवाएं प्रदान करें।”
उन्होंने कहा कि यह प्रोत्साहन वैश्विक क्लाउड प्रदाताओं को लक्षित करता है, जो स्थानीय इंफ्रास्ट्रक्चर या रिसेलर संस्थाओं के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय और भारतीय ग्राहकों दोनों को सेवा देते हैं। इसका उद्देश्य डेटा का स्थानीयकरण बढ़ाना, डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर में घरेलू निवेश को प्रोत्साहित करना और भारत की डेटा संप्रभुता को मजबूत करना है।
इस नीति से अपेक्षा है कि AWS, Google Cloud और Microsoft Azure जैसे बड़े खिलाड़ी भारत में अपने ऑपरेशन का विस्तार करेंगे, जिससे टेक हब्स में रोजगार सृजन होगा, विदेशी डेटा स्टोरेज पर निर्भरता कम होगी और लंबे समय तक टैक्स स्थिरता के माध्यम से भारत को वैश्विक क्लाउड सर्विसेज हब के रूप में प्रतिस्पर्धी बनाया जाएगा।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, "मैं बैटरी के लिए लिथियम-आयन सेल बनाने में इस्तेमाल होने वाले कैपिटल गुड्स पर दी गई बेसिक कस्टम ड्यूटी छूट को बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम के लिए लिथियम-आयन सेल बनाने में इस्तेमाल होने वाले कैपिटल गुड्स तक बढ़ाने का प्रस्ताव करती हूं। मैं सोलर ग्लास बनाने में इस्तेमाल होने वाले सोडियम एंटीमोनेट के इंपोर्ट पर बेसिक कस्टम ड्यूटी से छूट देने का प्रस्ताव करती हूं।"
कोटक महिंद्रा एएमसी के मैनेजिंग डायरेक्टर निलेश शाह ने बजट पर अपनी प्रतिक्रया देते हुए कहा कि इस बजट में 12.10 लाख करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय का प्रस्ताव रखा गया है, जो कि 11.70 लाख करोड़ रुपये के शुद्ध बाजार उधार से ज्यादा है।
मैं प्रार्थना करता हू कि ऐसा दिन आए जब पूंजीगत व्यय कुल उधार, जिसमें छोटे बचत उपाय भी शामिल हों, से ज्यादा हो जाए।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में कई कस्टम्स ड्यूटी राहतों की घोषणा की है। इसमें 17 एंटी-कैंसर दवाओं को बेसिक कस्टम्स ड्यूटी से छूट दी जाएगी, जिससे दवाइयों की उपलब्धता सस्ती और आसान होगी।
भारतीय शेयर बाजारों में रविवार (1 फरवरी) को बढ़त के बाद जोरदार गिरावट देखने को मिल रही है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में शेयर बायबैक पर कैपिटल गेन टैक्स लगाने और STT को 0.02% से बढ़ाकर 0.05% करने का ऐलान किया है। इस घोषणा के बाद बाजार में बिकवाली हावी हो गई और बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स 1,600 टूट गया। निफ्टी 600 अंक गिरकर 24,800 पर आ गया।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इनकम टैक्स स्लैब में इस वित्त वर्ष कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसका मतलब है कि पिछले साल लागू आयकर दरें और कटौतियां इसी वर्ष भी लागू रहेंगी। इस फैसले से करदाताओं के लिए वित्तीय योजना और बजट बनाने में स्थिरता बनी रहेगी।
सरकार ने पूर्वोदय राज्यों में पांच पर्यटन स्थलों के विकास और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी व सतत परिवहन को बढ़ावा देने के लिए 4,000 इलेक्ट्रिक बसों के लिए संसाधन आवंटित करने की योजना की घोषणा की।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, "मैं लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम, जिसे LRS के नाम से जाना जाता है, के तहत शिक्षा और मेडिकल मकसद से TCS दर को 5% से घटाकर 2% करने का प्रस्ताव करती हूं।"
बजट में उन विदेशी कंपनियों को 2047 तक टैक्स हॉलिडे देने का प्रस्ताव है, जो भारत में डेटा सेंटर का इस्तेमाल करके दुनिया भर के ग्राहकों को क्लाउड सेवाएं देती हैं।
सरकार ने उन सहकारी सदस्यों के लिए कर छूट बढ़ा दी है जो कपास के बीज और पशु चारा सप्लाई करते हैं। इसका उद्देश्य किसानों और संबंधित कृषि गतिविधियों का समर्थन करना है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि विदेश यात्रा कार्यक्रम पैकेज की बिक्री पर TCS दर अब 2% होगी, जो पहले 5% और 20% थी। इसके लिए किसी राशि की शर्त नहीं होगी।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने छोटे करदाताओं, जिनमें छात्र, तकनीकी पेशेवर और स्थानांतरित एनआरआई शामिल हैं, के लिए छह महीने की खुलासा अवधि का प्रस्ताव रखा है, ताकि वे अपनी विदेशी संपत्तियों की घोषणा कर सकें।
ITR-1, ITR-2 फाइल करने के लिए 31 जुलाई की डेडलाइन पर विचार
नॉन ऑडिट ट्रस्ट्स के लिए डेडलाइन 31 अगस्त करने पर विचार
आयकर अधिनियम, 2025, 1 अप्रैल से लागू होगा; नियम और टैक्स रिटर्न फॉर्म जल्द ही नोटिफाई किए जाएंगे: सीतारमण।
1 अप्रैल 2026 से लागू होगा नया इनकम टैक्स कानून, स्मॉल टैक्सपैयर्स के लिए आएगी नई स्कीम
सरकार ने 16वीं वित्त आयोग की सिफारिशों को स्वीकार कर लिया है। इसके तहत राज्यों को 41 प्रतिशत की हिस्सेदारी बनाए रखी गई है और वित्त आयोग अनुदान के रूप में ₹1.4 लाख करोड़ आवंटित किए गए हैं।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, "नारियल उत्पादन में कॉम्पिटिशन को और बढ़ाने के लिए मैं एक नारियल संवर्धन योजना का प्रस्ताव करती हूं ताकि अलग-अलग तरीकों से उत्पादन बढ़ाया जा सके और उत्पादकता बेहतर हो सके। इसमें मुख्य नारियल उगाने वाले राज्यों में बेकार पेड़ों की जगह नई किस्म के पौधे लगाना शामिल है।
भारतीय काजू और कोको के लिए एक खास प्रोग्राम का प्रस्ताव है ताकि भारत कच्चे काजू और नारियल के उत्पादन और प्रोसेसिंग में आत्मनिर्भर बन सके, निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़े और 2030 तक भारतीय काजू और भारतीय कोको को प्रीमियम ग्लोबल ब्रांड में बदला जा सके।"
वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा, राजकोषीय घाटा जीडीपी के 4.5% से नीचे कर दिया गया।
सरकार 1,000 से अधिक मान्यता प्राप्त भारतीय क्लिनिकल ट्रायल साइट्स का नेटवर्क बनाएगी
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राष्ट्रीय हॉस्पिटैलिटी संस्थान बनाने का प्रस्ताव रखा। इसके अलावा, उन्होंने एक पायलट योजना की भी घोषणा की, जिसके तहत 12-सप्ताह के कोर्स के माध्यम से 10,000 गाइड्स को प्रशिक्षित किया जाएगा। यह योजना इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट के सहयोग से चलायी जाएगी।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, "भारत को मेडिकल टूरिज्म हब के तौर पर बढ़ावा देने के लिए, मैं राज्यों को देश में 5 रीजनल हब स्थापित करने में मदद करने के लिए एक योजना का प्रस्ताव करती हूं।"
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, "पर्यावरण के लिहाज से टिकाऊ पैसेंजर सिस्टम को बढ़ावा देने के लिए, हम शहरों के बीच ग्रोथ कनेक्टर के तौर पर 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाएंगे: मुंबई से पुणे, पुणे से हैदराबाद, हैदराबाद से बेंगलुरु, हैदराबाद से चेन्नई, चेन्नई से बेंगलुरु, दिल्ली से वाराणसी, वाराणसी से सिलीगुड़ी।"
केंद्रीय निर्मला सीतारमण ने बजट में रेलवे सेक्टर के लिए बड़ी घोषणा की है। बजट 2026 में वित्त मंत्री ने कहा कि देश भर सात नए हाई स्पीड रेल कॉरिडोर बनाये जाएंगे। मुंबई-पुणे के लिए हाई स्पीड रेल कॉरिडोर बनाया जाएगा और बड़े शहरों के लिए भी हाई स्पीड रेल कॉरिडोर तैयार किए जाएंगे।
• मुंबई-पुणे
• पुणे-हैदराबाद
• हैदराबाद-चेन्नई
• हैदराबाद-बेंगलुरु
• चेन्नई-बेंगलुरु
• दिल्ली-वाराणसी
• वाराणसी-सिलीगुड़ी
वित्त मंत्री सीतारमण ने कॉर्पोरेट बॉन्ड मार्केट के लिए मार्केट-मेकर फ्रेमवर्क का प्रस्ताव रखा है। इससे फंड और डेरिवेटिव तक पहुंच मिलेगी, जिससे बाजार की तरलता और भागीदारी मजबूत होगी।
केंद्रीय बजट 2026-27 में सहायक स्वास्थ्य शिक्षा को मजबूत किया जाएगा। मौजूदा सहायक स्वास्थ्य पेशेवर (AHP) संस्थानों को अपग्रेड किया जाएगा। इसके अलावा, 10 क्षेत्रों में नए सरकारी और निजी AHP संस्थान स्थापित किए जाएंगे, जिनमें ऑप्टोमेट्री, रेडियोलॉजी, एनेस्थीसिया और एप्लाइड साइकोलॉजी शामिल हैं। योजना का लक्ष्य अगले पांच सालों में एक लाख AHPs को प्रशिक्षित करना है।
वित्त मंत्री सीतारमण ने 1,000 करोड़ रुपये से अधिक के नगरपालिका बॉन्ड इश्यू को प्रोत्साहित करने के लिए ₹100 करोड़ आवंटित करने का प्रस्ताव रखा, साथ ही छोटे और मध्यम शहरों का समर्थन करने के लिए AMRUT योजना जारी रखने की बात कही।
वित्त मंत्री ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पूंजीगत व्यय का लक्ष्य ₹11.2 लाख करोड़ से बढ़ाकर ₹12.2 लाख करोड़ करने का प्रस्ताव रखा।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऐलान किया कि 10 हजार करोड़ का SME ग्रोथ फंड रहेगा। टेक्सटाइल सेक्टर को भी सरकार बूस्टर देगी। 5 लाख से ऊपर आबादी वाले शहरों में सरकार इन्फ्रा बूस्ट करेगी।
वित्त मंत्री सीतारमण ने वित्त वर्ष 2026-27 में आत्मनिर्भर भारत फंड में ₹4,000 करोड़ की अतिरिक्त राशि जोड़ने का प्रस्ताव रखा।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, "...हम इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 लॉन्च करेंगे और टेक्नोलॉजी और स्किल्ड वर्कफोर्स डेवलप करने के लिए इंडस्ट्री-लेड रिसर्च और ट्रेनिंग सेंटर्स पर भी फोकस करेंगे।"
वित्त मंत्री ने ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु जैसे खनिज-समृद्ध राज्यों में महत्वपूर्ण खनिज सुविधाएं स्थापित करने के लिए समर्थन देने का प्रस्ताव रखा है।
बायोफॉर्मा पर पॉलिसी बनाने की योजना है, 5 साल के लिए बायोफार्मा को 10,000 करोड़ का आवंटन।
2025 में शुरू की गई इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम ने अपने निर्धारित लक्ष्य से दोगुने निवेश प्रस्ताव आकर्षित किए हैं। इसके मद्देनजर सरकार ने इस योजना के लिए आवंटन बढ़ाकर ₹40,000 करोड़ करने का प्रस्ताव रखा है।
सीतारमण ने कहा कि हमने लोगों की यूनिवर्सल सर्विस पर ध्यान दिया है। इससे 7% की ग्रोथ रेट हासिल करने में मदद मिली है।
हम विकसित भारत के विजन की तरफ काम करते रहेंगे। हम ग्लोबल मार्केट के साथ लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट के विजन के साथ अलाइन रहेंगे।
सीतारमण ने कहा कि हम दुनिया की सबसे बड़ी इकोनॉमी बनने की तरफ बढ़ रहे हैं। हमने तय किया है कि ग्रोथ के नतीजे किसानों, आदिवासियों, महिलाओं और युवाओं तक पहुंचें।
केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, "जब से हमने 12 साल पहले सत्ता संभाली है, देश की आर्थिक स्थिति स्थिरता, वित्तीय अनुशासन, लगातार विकास और कम महंगाई से पहचानी गई है। यह उन सोच-समझकर लिए गए फैसलों का नतीजा है जो हमने अनिश्चितता और मुश्किल समय में भी लिए हैं।"
यह पहला बजट है जो कर्तव्य भवन में तैयार किया गया है, इसलिए हम तीन कर्तव्यों से प्रेरित हैं।
हमारा पहला कर्तव्य उत्पादकता और प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाकर तथा वैश्विक स्तर पर बदलते और अस्थिर हालात के बीच मजबूती विकसित करते हुए आर्थिक वृद्धि को तेज करना और उसे बनाए रखना है।
हमारा दूसरा कर्तव्य जनता की आकांक्षाओं को पूरा करना और उनकी क्षमताओं का निर्माण करना है, ताकि वे भारत की समृद्धि की राह में सशक्त साझेदार बन सकें।
हमारा तीसरा कर्तव्य ‘सबका साथ, सबका विकास’ के हमारे दृष्टिकोण के अनुरूप है, ताकि हर परिवार, समुदाय, क्षेत्र और क्षेत्रक को संसाधनों, सुविधाओं और सार्थक भागीदारी के अवसरों तक पहुंच सुनिश्चित की जा सके।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट पेश कर रही है।
वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा, हमारी सरकार ने दुविधा के बजाय कार्रवाई को चुना है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण रविवार को रिकॉर्ड लगातार नौवां बजट पेश कर इतिहास रच दिया हैं। उनसे ऐसे बजट की उम्मीद की जा रही है, जो आर्थिक वृद्धि को समर्थन देने, राजकोषीय अनुशासन बनाए रखने और अमेरिकी शुल्क सहित वैश्विक व्यापार तनावों से अर्थव्यवस्था को सुरक्षित रखने के लिए सुधारों के बीच संतुलन साधे।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण रविवार को रिकॉर्ड लगातार नौवां बजट पेश कर इतिहास रचने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने यूनियन बजट 2026–27 को मंजूरी दे दी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अब लोकसभा में अपना लगातार नौवां बजट पेश करेंगी। यह भाजपा-नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के तीसरे कार्यकाल का तीसरा बजट होगा, जिसे वैश्विक अनिश्चितताओं और निर्यात में सुस्ती के बीच पेश किया जाएगा।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश करने से पहले वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी और वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। इस अवसर पर राष्ट्रपति ने बजट प्रस्तुति के लिए वित्त मंत्री और उनकी टीम को शुभकामनाएं दीं।
Union Minister for Finance and Corporate Affairs Smt Nirmala Sitharaman along with Minister of State for Finance Shri Pankaj Chaudhary and senior officials of the Ministry of Finance called on President Droupadi Murmu at Rashtrapati Bhavan before presenting the Union Budget. The… pic.twitter.com/XhBbxwFeAS
— President of India (@rashtrapatibhvn) February 1, 2026
बजट से पहले की उम्मीदें पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, "मुझे ज्यादा उम्मीदें नहीं हैं, लेकिन देखते हैं।" वहीं, सपा सांसद राम गोपाल यादव ने कहा, बजट से कोई उम्मीद नहीं है।
कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा, "महंगाई बढ़ रही है। लोगों की पहुंच से सारी चीजें बाहर जा रही हैं। सरकार सब्सिडी और मदद में इजाफा करे। सरकार महंगाई कम करने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठा पा रही। सरकार ने लोगों को उनके हाल पर छोड़ दिया है।"
संसद भवन में थोड़ी देर में कैबिनेट की बैठक शुरू होगी, जिसमें बजट पर अंतिम मुहर लगेगी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव भी संसद पहुंच गए हैं।
इस बार वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक हैंडवोवन कांजीवरम सिल्क साड़ी पहनी, जो तमिलनाडु की सदियों पुरानी बुनाई विरासत को सम्मान दे रही थी। ये बैंगनी रंग की कट्टम कांजीवरम थी, जिसमें हल्के सुनहरे भूरे रंग के चेक (कट्टम) बने थे और कॉफी ब्राउन बॉर्डर पर धागे का काम किया गया था।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने लगातार नौवीं बार केंद्रीय बजट पेश करने से पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को परंपरागत ‘दही-चीनी’ खिलाई।
#WATCH | President Droupadi Murmu feeds Union Finance Minister Nirmala Sitharaman the customary 'dahi-cheeni' (curd and sugar) ahead of her ninth consecutive Union Budget presentation. pic.twitter.com/WouiznFEMr
— ANI (@ANI) February 1, 2026
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, "यह एक ऐतिहासिक बजट होगा। पीएम की 'रिफॉर्म एक्सप्रेस' विकसित भारत की ओर तेजी से आगे बढ़ेगी।"
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक डिजिटल टैबलेट दिखाया। इसमें बजट डॉक्यूमेंट है और जो एक पारंपरिक लाल 'बही-खाता' स्टाइल के पाउच में रखा हुआ था।
बजट पेश होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद पहुंचे।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने के बाद केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी अपनी टीम के साथ संसद पहुंचे। वित्त मंत्री सीतारमण सुबह 11 बजे लोकसभा में बजट पेश करेंगी।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करने के बाद पूरे भारत के लगभग 30 कॉलेज स्टूडेंट्स के साथ बातचीत करेंगी। इसमें वह सरकार का युवाओं पर फोकस और स्टूडेंट्स के लिए संभावित पहलों के बारे में बताएंगी।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपनी टीम के साथ लगातार नौवां केंद्रीय बजट पेश करने से पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कर्तव्य भवन पहुंच गई हैं। अर्थशास्त्रियों का कहना है कि इस बजट में सरकार का कर्ज कम करने पर खास ध्यान दिया जा सकता है। उम्मीद है कि 2031 तक सरकारी कर्ज को जीडीपी के 49 से 51 प्रतिशत तक लाने का लक्ष्य रखा जाएगा। अभी यह करीब 56 प्रतिशत है। यह आंकड़ा विदेशी निवेशकों के लिए भी अहम माना जाता है।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण घर से वित्त मंत्रालय के लिए रवाना हो गई हैं। वह आज संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करेंगी। बजट से आम लोगों, किसानों, नौकरीपेशा और कारोबारियों को कई उम्मीदें हैं।
बजट से पहले 29 जनवरी को संसद में आर्थिक सर्वेक्षण 2026–27 पेश किया गया। सर्वे के अनुसार, वित्त वर्ष 2026–27 में भारत की GDP ग्रोथ 6.8 से 7.2 प्रतिशत के बीच रह सकती है। रिपोर्ट में स्वदेशी को सरकार की रणनीति का अहम हिस्सा बताया गया है। इसके साथ ही, भारत की मध्यम अवधि की वृद्धि दर को बढ़ाकर 7 प्रतिशत किया गया है, जो FY23 के आर्थिक सर्वे में 6.5 प्रतिशत थी।
भले ही वित्त वर्ष 2026–27 चुनावी साल नहीं है, लेकिन बजट 2026 में सरकार की राजनीतिक प्राथमिकताएं दिख सकती हैं। जिन राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में 2026 में विधानसभा चुनाव होने हैं, उन्हें बजट में खास ध्यान मिल सकता है। इनमें असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी शामिल हैं।
GIFT निफ्टी फ्यूचर्स से संकेत मिल रहे हैं कि बजट 2026 के दिन शेयर बाजार की शुरुआत सुस्त रह सकती है। आज रविवार को यूनियन बजट 2026–27 से पहले NSE और BSE में खास ट्रेडिंग सेशन हो रहा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज बजट पेश करेंगी।
बजट 2026 में रोजगार बढ़ाने को प्राथमिकता दी जा सकती है। सरकार श्रम आधारित उद्योगों को प्रोत्साहन दे सकती है। इसके अलावा, स्किल ट्रेनिंग और अप्रेंटिसशिप कार्यक्रमों पर जोर रहने की उम्मीद है। उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (PLI) योजनाओं में भी बदलाव कर उत्पादन, निर्यात और नौकरियों को बढ़ाया जा सकता है।
बजट 2026–27 में हरित ऊर्जा (ग्रीन एनर्जी) पर खास ध्यान रहने की उम्मीद है। सरकार नवीकरणीय ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन, बैटरी स्टोरेज और इलेक्ट्रिक गाड़ियों को बढ़ावा दे सकती है। साथ ही, साफ ऊर्जा से जुड़े उपकरणों का देश में उत्पादन बढ़ाने और आयात पर निर्भरता कम करने के उपाय भी किए जा सकते हैं।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस बार बजट भाषण के तरीके में बदलाव कर सकती हैं। माना जा रहा है कि इस बार भाषण के Part B पर ज्यादा ध्यान दिया जाएगा। अब तक के बजट में ज्यादा बातें Part A में होती थीं और Part B में कम घोषणाएं रहती थीं। लेकिन इस बार Part B में सरकार की नीतियों और योजनाओं से जुड़ी ज्यादा और अहम बातें शामिल हो सकती हैं।
आज रविवार, 1 फरवरी को शेयर बाजार खुले रहेंगे। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज केंद्रीय बजट 2026–27 पेश करेंगी। इस मौके पर NSE और BSE में खास ट्रेडिंग सेशन होगा। प्री-मार्केट ट्रेडिंग सुबह 9:00 से 9:08 बजे तक चलेगी। इसके बाद सामान्य कारोबार 9:15 बजे से 3:30 बजे तक होगा।