Education Budget 2026: सरकार ने बजट 2026 ने शिक्षा और रोजगार के बीच की खाई को पाटने का बड़ा संदेश दिया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में पेश किए गए इस बजट में यह स्पष्ट किया कि अब पढ़ाई सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि सीधे नौकरी और करियर तक पहुंचाने का रास्ता भी खुलेगा। छात्रों के लिए नई स्किल्स, इंडस्ट्री-कनेक्टेड यूनिवर्सिटी टाउन, डिजाइनिंग में नए अवसर, बेटियों के लिए सुरक्षित हॉस्टल और अंतरिक्ष विज्ञान में आधुनिक सुविधाएं शामिल की गई हैं। ये पहलें सिर्फ ज्ञान नहीं देंगी, बल्कि करियर बनाने की दिशा भी तय करेंगी।
बजट का लक्ष्य है कि 2047 तक भारत हर सेक्टर में दुनिया में नंबर-1 बने और युवा अपनी पढ़ाई के दम पर भविष्य के अवसरों का पूरा लाभ उठा सकें। शिक्षा और कमाई अब सीधे जुड़ेगी, और छात्रों का हर कदम सफलता की ओर होगा।
यहां इस बजट में स्टूडेंट्स को लेकर पांच सबसे बड़ी और खास बातें दी गई हैं:
1. पढ़ाई के साथ सीधे नौकरी की ‘गारंटी’ वाली प्लानिंग
भविष्य की जरूरतों को देखते हुए सरकार ‘एजुकेशन टू एम्प्लॉयमेंट एंड एंटरप्राइज’ नाम की एक हाई-पावर कमेटी बनाने जा रही है। यह कमेटी सिर्फ कागजी काम नहीं करेगी, बल्कि यह देखेगी कि साल 2047 तक भारत को आईटी, टूरिज्म और फाइनेंस जैसे सेक्टर में दुनिया का नंबर-1 देश कैसे बनाया जाए। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के आने से जो नौकरियां बदल रही हैं, उनके लिए छात्रों को किन नए हुनर (स्किल्स) की जरूरत होगी, इसका पूरा रोडमैप यही कमेटी तैयार करेगी।
2. पूर्वी भारत के युवाओं को मिलेगा ‘डिजाइन’ का नया ठिकाना
डिजाइनिंग के क्षेत्र में करियर बनाने का सपना देख रहे पूर्वी भारत के छात्रों के लिए अच्छी खबर है। सरकार इस क्षेत्र में एक नया नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन (NID) खोलने वाली है। खास बात यह है कि इसके लिए ‘चैलेंज रूट’ अपनाया जाएगा, यानी पूर्वी भारत के अलग-अलग शहर इसके लिए अपनी दावेदारी पेश करेंगे और जो सबसे बेहतर होगा, उसे ही यह संस्थान मिलेगा। इससे इस पूरे इलाके में शिक्षा और विकास के नए रास्ते खुलेंगे।
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3. अब फैक्ट्रियों और हाईवे के पास बसेंगे ‘यूनिवर्सिटी टाउन’
सरकार ने एक अनोखा प्रयोग करते हुए देश में पांच नई ‘यूनिवर्सिटी टाउनशिप’ बनाने का फैसला किया है। ये टाउनशिप बड़े इंडस्ट्रियल एरिया और मुख्य हाईवे (ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर) के पास बसाई जाएंगी। एक ही जगह पर कॉलेज, स्किल सेंटर और हॉस्टल होंगे। इसका फायदा यह होगा कि छात्र पढ़ाई के दौरान ही इंडस्ट्री के करीब रहेंगे, जिससे उनके लिए इंटर्नशिप और प्लेसमेंट पाना बहुत आसान हो जाएगा।
4. बेटियों की पढ़ाई के लिए हर जिले में अपना ‘घर’
बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए घर से दूर जाने में कोई परेशानी न हो, इसके लिए सरकार ने हर जिले में एक ‘गर्ल्स हॉस्टल’ बनाने का वादा किया है। यह कदम खासकर उन छात्राओं के लिए वरदान साबित होगा जो साइंस और टेक्नोलॉजी (STEM) की पढ़ाई कर रही हैं। लैब और लाइब्रेरी में देर तक रुकने वाली लड़कियों को अब रहने और सुरक्षा की चिंता नहीं करनी होगी। इन हॉस्टलों का पूरा खर्च सरकार खुद उठाएगी।
5. आसमान की गहराइयों को नापेंगे भारतीय छात्र
विज्ञान और रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए सरकार अंतरिक्ष विज्ञान पर भी बड़ा निवेश कर रही है। देश में चार बड़ी टेलीस्कोप सुविधाओं को अपग्रेड किया जाएगा या नया बनाया जाएगा। इसमें सोलर और इन्फ्रारेड टेलीस्कोप के साथ-साथ एक नया तारामंडल (प्लैनेटेरियम) भी शामिल है। इससे न केवल वैज्ञानिकों को मदद मिलेगी, बल्कि उन छात्रों का भी हौसला बढ़ेगा जो सितारों और ग्रहों की दुनिया में अपना भविष्य देखते हैं।
एक्सपर्ट का क्या है कहना?
सैफायर इंटरनेशनल, नोएडा में हेड ऑफ स्कूल सौरभ सहगल कहते हैं कि इस साल का बजट पढ़ाई को सिर्फ डिग्री तक सीमित नहीं रखता, बल्कि यह बताता है कि शिक्षा का असली मकसद क्या होना चाहिए। आज के बच्चे जानना चाहते हैं कि वे जो पढ़ रहे हैं, वह उनके काम कैसे आएगा। ‘एजुकेशन टू एम्प्लॉयमेंट एंड एंटरप्राइज कमेटी’ और 15,000 से ज्यादा स्कूलों में इनोवेशन और कंटेंट लैब बनाने की योजना इसी सोच को दिखाती है।
सहगल कहते हैं कि इंडस्ट्रियल एरिया के पास यूनिवर्सिटी टाउनशिप बनाने से पढ़ाई और नौकरी के बीच की दूरी कम होगी। इससे शिक्षा ज्यादा उपयोगी और अर्थपूर्ण बनेगी और छात्र जीवन व करियर दोनों के लिए बेहतर तरीके से तैयार होंगे, जो 2047 तक विकसित भारत के सपने को मजबूत करेगा।
एक्सेलेरेट के फाउंडर और CEO सुंदर कुमारसेमी का कहना है कि 2026 का बजट साफ दिखाता है कि अब सीखना सिर्फ क्लासरूम तक सीमित नहीं रहा। AI, क्वांटम टेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग पर जोर और इसके लिए 40,000 करोड़ रुपये देने का ऐलान भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर किया गया कदम है।
कुमारसेमी कहते हैं कि ISM 2.0 और इंडस्ट्री से जुड़े ट्रेनिंग सेंटर छात्रों को ग्लोबल लेवल की ट्रेनिंग, रिसर्च और इंटर्नशिप का मौका देंगे। साथ ही, स्टार्टअप्स के लिए 10,000 करोड़ रुपये का फंड नए रोजगार पैदा करने में मदद करेगा। उन्होंने दावा किया कि अगर निजी विश्वविद्यालयों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को भी इन योजनाओं से जोड़ा जाए, तो नई तकनीकों को सीधे करियर के बेहतर मौके में बदला जा सकता है।
First Published : February 1, 2026 | 6:05 PM IST