केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) में CRPF को सबसे ज्यादा 38517.9 करोड़ रुपये मिले हैं, जो पिछले साल के संशोधित अनुमान 37251.48 करोड़ से ज्यादा है
Home Ministry Budget 2026: रविवार को पेश किए गए केंद्रीय बजट में गृह मंत्रालय को बड़ी रकम दी गई है। अमित शाह के नेतृत्व वाले इस मंत्रालय को कुल 255233.53 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसमें से सबसे ज्यादा हिस्सा, यानी 173802.53 करोड़ रुपये, CRPF, BSF और CISF जैसी केंद्रीय पुलिस फोर्सेस को मिला है। ये बल देश की आंतरिक सुरक्षा, बॉर्डर की हिफाजत और महत्वपूर्ण जगहों की सुरक्षा का काम देखते हैं। पिछले साल के बजट में गृह मंत्रालय को 2,33,210.68 करोड़ रुपये मिले थे, जो कि बजट अनुमान था।
इस बार वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जम्मू-कश्मीर को 43290.29 करोड़ रुपये दिए हैं। अगस्त 2019 में आर्टिकल 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर एक केंद्र शासित प्रदेश बन गया था। वहीं, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली को 1348 करोड़ रुपये का आवंटन हुआ है।
बजट में अन्य केंद्र शासित प्रदेशों को भी अच्छी-खासी रकम दी गई है। अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह को 6680.94 करोड़, चंडीगढ़ को 5720.17 करोड़, दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव को 2832.70 करोड़, लद्दाख को 4869.31 करोड़, लक्षद्वीप को 1682.35 करोड़ और पुदुचेरी को 3517.88 करोड़ रुपये मिले हैं। इसके अलावा, जनगणना के काम के लिए 6000 करोड़ रुपये रखे गए हैं। जनगणना का पहला चरण 1 अप्रैल से शुरू होने वाला है। मूल रूप से यह 2020-21 में होनी थी, लेकिन कोरोना महामारी की वजह से टल गई।
केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) में CRPF को सबसे ज्यादा 38517.9 करोड़ रुपये मिले हैं, जो पिछले साल के संशोधित अनुमान 37251.48 करोड़ से ज्यादा है। BSF को 29567.64 करोड़, CISF को 15973.85 करोड़, ITBP को 11324.08 करोड़, SSB को 10984.51 करोड़ और असम राइफल्स को 8796.68 करोड़ रुपये दिए गए हैं। ये आंकड़े 2025-26 के संशोधित बजट से तुलना में हैं। BSF की एयर विंग, एयरक्राफ्ट, रिवर बोट्स और हेलीबेस के लिए अतिरिक्त 95 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
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CRPF, जो सबसे बड़ा बल है, मुख्य रूप से आंतरिक सुरक्षा, जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों के खिलाफ ऑपरेशन, मध्य और पूर्वी भारत में नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई और पूर्वोत्तर में विद्रोहियों से निपटने का काम करता है। BSF पाकिस्तान और बांग्लादेश की करीब 6000 किलोमीटर लंबी सीमा की रखवाली करती है और आंतरिक सुरक्षा में भी मदद देती है। ITBP भारत-चीन बॉर्डर की हिफाजत करती है, SSB नेपाल और भूटान की सीमाओं पर तैनात है, जबकि असम राइफल्स म्यांमार बॉर्डर की सुरक्षा संभालती है। CISF परमाणु संयंत्रों, एयरपोर्ट्स और मेट्रो नेटवर्क जैसी महत्वपूर्ण जगहों की सुरक्षा का जिम्मा उठाती है।
इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) को 6782.43 करोड़ रुपये दिए गए हैं, जो पिछले साल के 4159.1 करोड़ से काफी ज्यादा है। दिल्ली पुलिस को 12503.65 करोड़, स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPF), जो प्रधानमंत्री की सुरक्षा करती है, को 499.99 करोड़ रुपये मिले हैं। जम्मू-कश्मीर पुलिस, जो अब केंद्र के सीधे नियंत्रण में है, को 9925.50 करोड़ रुपये का आवंटन हुआ है। राज्य पुलिस बलों के आधुनिकीकरण और क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क (CCTNS) के लिए 450.54 करोड़ रुपये रखे गए हैं।
लेफ्ट विंग एक्सट्रेमिज्म (LWE) इलाकों में सिक्योरिटी रिलेटेड एक्सपेंडिचर (SRE) और स्पेशल इंफ्रास्ट्रक्चर स्कीम के लिए 3610.80 करोड़ रुपये दिए गए हैं। गृह मंत्रालय ने नक्सलवाद को खत्म करने की डेडलाइन 31 मार्च रखी है। CAPF के आधुनिकीकरण प्लान के लिए 343.66 करोड़ रुपये दिया गया है। बॉर्डर इंफ्रास्ट्रक्चर और मैनेजमेंट पर 5576.51 करोड़, जबकि पुलिस इंफ्रास्ट्रक्चर पर 5393.37 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसमें CAPF और सेंट्रल पुलिस ऑर्गनाइजेशंस की बिल्डिंग प्रोजेक्ट्स, दिल्ली पुलिस और राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों को नारकोटिक्स कंट्रोल के लिए मदद शामिल है।
महिलाओं की सुरक्षा स्कीम को 889.05 करोड़, जेलों के आधुनिकीकरण के लिए 300 करोड़, वाइब्रेंट विलेजेस प्रोग्राम के लिए 350 करोड़ और उसके दूसरे फेज के लिए 300 करोड़ रुपये मिले हैं। ऑटोनॉमस बॉडीज जैसे लैंड पोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया, नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी और राष्ट्रीय रक्षा यूनिवर्सिटी को कुल 665.40 करोड़ रुपये दिए गए हैं। यह बजट देश की सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जहां आंतरिक और बाहरी चुनौतियों पर फोकस किया गया है।