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Budget 2026: पारंपरिक फसलों से आगे बढ़ेगी खेती, काजू, नारियल और चंदन जैसी नकदी फसलों पर जोर

वित्त वर्ष 2027 के बजट में कृषि और संबद्ध गतिविधियों के लिए कुल मिलाकर 7.1 फीसदी की वृद्धि का अनुमान लगाया गया है, जबकि वित्त वर्ष 2026 के संशोधित अनुमान में यह आंकड़ा कम था

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संजीब मुखर्जी   
Last Updated- February 01, 2026 | 11:08 PM IST

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2027 के लिए लगातार नौवां केंद्रीय बजट पेश करते हुए कृषि के मुख्य फसल समूहों के बजाय इससे जुड़े क्षेत्रों पर अधिक ध्यान देने की कोशिश की है। उन्होंने नारियल, कोको, काजू, चंदन जैसी उच्च मूल्य वाली बागान फसलों और मत्स्य पालन पर विशेष जोर दिया है। ये घोषणाएं दक्षिणी राज्यों में चुनावी वादों के अनुरूप हैं।

वित्त वर्ष 2027 के बजट में कृषि और संबद्ध गतिविधियों के लिए कुल मिलाकर 7.1 फीसदी की वृद्धि का अनुमान लगाया गया है, जबकि वित्त वर्ष 2026 के संशोधित अनुमान में यह आंकड़ा कम था। वृद्धि का यह अनुमान ऐसे समय लगाया गया है जब वित्त वर्ष 2027 के केंद्रीय बजट के अनुसार इस क्षेत्र का समग्र खर्च वित्त वर्ष 2026 के बजट अनुमान के मुकाबले 4.4 फीसदी कम हो गया है।

जानकारों का कहना है कि पिछले साल के बजट में वित्त मंत्री ने तिलहन और दलहन उपज को बढ़ावा देने के लिए कई बड़ी घोषणाएं की थीं। मगर इस साल के बजट में ऐसा कोई उल्लेख नहीं किया गया है।

भारतीय किसान यूनियन (अराजनीतिक) के राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक ने कहा, ‘कृषि पूरी तरह से उत्पादकता बढ़ाने पर निर्भर है। किसान की आय न केवल उपज बढ़ने से बल्कि फसलों के लिए उचित मूल्य मिलने से भी बढ़ती है। मगर यह बजट इस महत्त्वपूर्ण हिस्से पर गौर करने में विफल रहा है।’

इस बीच, वित्त मंत्री ने उच्च मूल्य वाली कृषि, पशुपालन, पशु चिकित्सा पेशेवरों और विशेष रूप से महिलाओं के नेतृत्व वाले ग्रामीण उद्यमों पर ध्यान केंद्रित करते हुए किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए कई पहल की घोषणा की है। उन्होंने तटीय क्षेत्रों में मत्स्यपालन मूल्य श्रृंखला को मजबूत करने के लिए 500 जलाशयों और अमृत सरोवरों के एकीकृत विकास एवं गुणवत्तापूर्ण रोजगार के अवसर पैदा करने के उद्देश्य से पशुपालन क्षेत्र के लिए उद्यमिता विकास योजना की भी घोषणा की। साथ ही, 150 करोड़ रुपये के आवंटन के साथ ‘भारत-विस्तार’ नामक बहुभाषी एआई टूल का ऐलान किया गया है जो कृषि पद्धतियों पर आईसीएआर पैकेज के साथ एग्रीस्टैक पोर्टल को जोड़ेगा।

वित्त मंत्री ने कहा कि कृषि उपज में विविधता लाने, उत्पादकता बढ़ाने, किसानों की आय बढ़ाने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए सरकार हमारे तटीय क्षेत्रों में नारियल, चंदन, कोको और काजू जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों में मदद करेगी।

First Published : February 1, 2026 | 11:01 PM IST