facebookmetapixel
16वां वित्त आयोग: राज्यों की कर हिस्सेदारी 41% बरकरार, जीडीपी योगदान बना नया मानदंडBudget 2026: मजबूत आर्थिक बुनियाद पर विकास का रोडमैप, सुधारों के बावजूद बाजार को झटकाBudget 2026: TCS, TDS और LSR में बदलाव; धन प्रेषण, यात्रा पैकेज पर कर कटौती से नकदी प्रवाह आसानBudget 2026: खाद्य सब्सिडी में 12.1% का उछाल, 81 करोड़ लोगों को मिलता रहेगा मुफ्त राशनBudget 2026: पारंपरिक फसलों से आगे बढ़ेगी खेती, काजू, नारियल और चंदन जैसी नकदी फसलों पर जोरBudget 2026: मुश्किल दौर से गुजर रहे SEZ को बड़ी राहत, अब घरेलू बाजार में सामान बेच सकेंगी इकाइयांBudget 2026: व्यक्तिगत करदाताओं के लिए जुर्माने और अ​भियोजन में ढील, विदेश परिसंपत्तियों की एकबार घोषणा की सुविधाBudget 2026: बुनियादी ढांचे को रफ्तार देने के लिए ₹12.2 लाख करोड़ का आवंटन, कैपेक्स में भारी बढ़ोतरीBudget 2026: पहली बार ₹1 लाख करोड़ के पार पहुंचा हेल्थ बजट, ‘मिशन बायोफार्मा शक्ति’ का आगाजविनिवेश की नई रणनीति: वित्त वर्ष 2027 में 80,000 करोड़ जुटाएगी सरकार, जानें क्या है पूरा रोडमैप

Budget 2026: बुनियादी ढांचे को रफ्तार देने के लिए ₹12.2 लाख करोड़ का आवंटन, कैपेक्स में भारी बढ़ोतरी

कंट्रोलर जनरल ऑफ अकाउंट्स के डेटा के अनुसार चालू वित्त वर्ष के पहले 9 महीनों में पूंजीगत खर्च पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि के मुकाबले 15 फीसदी बढ़ा

Last Updated- February 01, 2026 | 11:06 PM IST
Capital Expenditure
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

केंद्र सरकार ने बजट 2026-27 में पूंजीगत खर्च पर जोर देना जारी रखा है। सरकार ने इस क्षेत्र के लिए आवंटन में 11.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है और यह वित्त वर्ष 2025-26 के संशोधित अनुमानों में 10.9 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 12.2 लाख करोड़ रुपये हो गया है। लेकिन संभावना है कि मौजूदा वित्त वर्ष में बजट अनुमानों में 11.2 लाख करोड़ रुपये के लक्ष्य की तुलना में सरकार 25,335 करोड़ रुपये या 2.3 प्रतिशत कम खर्च कर पाएगी। 12.2 लाख करोड़ रुपये के साथ पूंजीगत खर्च इस समय वित्त वर्ष 2027 के लिए जीडीपी का 3.1 प्रतिशत है। प्रभावी पूंजीगत व्यय के मामले में, जिसमें पूंजीगत संपत्ति बनाने के लिए अनुदान भी शामिल है, पूंजीगत खर्च जीडीपी का 4.36 प्रतिशत है, जो वित्त वर्ष 2027 में 4.3 प्रतिशत के राजकोषीय घाटे के लक्ष्य के करीब है।

बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य अर्थशास्त्री मदन सबनवीस ने कहा, ‘पूंजीगत व्यय में बढ़ोतरी कुल खर्च में वृद्धि से अधिक है। सरकार सड़क और रेल क्षेत्र में सरकार की खर्च करने की क्षमता एक सीमा तक पहुंच रही है। लेकिन अब वे नए क्षेत्रों में तेजी से काम कर रहे हैं। यह बजट का सकारात्मक पहलू है।’

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में बताया कि सार्वजनिक पूंजीगत खर्च (कैपेक्स) का आवंटन वित्त वर्ष 2014-15 के 2 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 2025-26 के बजट अनुमान में 11.2 लाख करोड़ रुपये हो गया है।

वित्त मंत्री ने कहा, ‘पिछले एक दशक में हमारी सरकार ने पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर को बड़े पैमाने पर बेहतर बनाने के लिए कई पहल की हैं। इनमें इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट और रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट जैसी नई वित्तीय योजनाएं और एनआईआईएफ तथा नाबार्ड जैसे संस्थान शामिल हैं।’ बजट 2026-27 में प्राइवेट डेवलपरों का भरोसा बढ़ाने के लिए एक इन्फ्रास्ट्रक्चर रिस्क गारंटी फंड की घोषणा की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार अब लंबे समय के रिटर्न और आय पैदा करने की क्षमता वाले खर्च पर ध्यान दे रही है।

डेलॉइट इंडिया में अर्थशास्त्री रुमकी मजूमदार ने कहा, ‘फोकस सिर्फ स्केल पर नहीं है, बल्कि बेहतर रिस्क शेयरिंग के जरिये निजी हिस्सेदारी बढ़ाने और खर्च को हाईवे से लेकर शहरीकरण, एनर्जी, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर में निवेश करने, हाई-स्पीड रेल कनेक्टर, नैशनल वॉटरवे, बंदरगाहों में सुधार और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी निर्माण गतिविधियों तक पहुंचाने पर है।’

कंट्रोलर जनरल ऑफ अकाउंट्स के डेटा के अनुसार चालू वित्त वर्ष के पहले 9 महीनों में पूंजीगत खर्च पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि के मुकाबले 15 फीसदी बढ़ा।

First Published - February 1, 2026 | 10:59 PM IST

संबंधित पोस्ट