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Budget 2026: कंटेनर निर्माण के लिए ₹10,000 करोड़ का पैकेज, शिपिंग सेक्टर में आत्मनिर्भर बनेगा भारत

कंटेनर योजना से देश में 20 फुट लंबे, 10 लाख कंटेनर (टीईयू) बनाने की क्षमता बढ़ेगी और लगभग 1.1 लाख करोड़ रुपये का निवेश आएगा

Last Updated- February 02, 2026 | 7:03 AM IST
Container Manufacturing Subsidy
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

Container Manufacturing Subsidy: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को बजट पेश करते हुए कंटेनर बनाने वाली कंपनियों की मदद करने के लिए 10,000 करोड़ रुपये की एक योजना का ऐलान किया। साथ ही, यह भी घोषणा की कि 20 नए जलमार्ग बनाए जाएंगे, जिनसे जहाजों का आवागमन आसान हो जाएगा। इसके अलावा तटीय क्षेत्रों में  सामान ढोने के काम को बढ़ावा देने के लिए भी एक योजना शुरू की जाएगी।

कंटेनर योजना से देश में 20 फुट लंबे, 10 लाख कंटेनर (टीईयू) बनाने की क्षमता बढ़ेगी और लगभग 1.1 लाख करोड़ रुपये का निवेश आएगा। मंत्रालय ने कहा कि एमएससी, मएर्स्क/आर्टसन्स (टाटा), अदाणी, जेएम बक्शी जैसी बड़ी वैश्विक कंपनियों ने भारत में बने कंटेनर खरीदने या इस योजना में शामिल होने में दिलचस्पी दिखाई है। अभी भारत हर साल लगभग 20 लाख खाली कंटेनर दूसरे देशों से मंगाता है। एक अधिकारी ने बताया कि  सरकार चाहती है कि देश में ही कंटेनर बनें, इसलिए वो प्रत्येक कंटेनर पर लगभग 400 डॉलर की मदद देने की सोच रही है।

सरकार चाहती है कि भारत में बने कंटेनर और बाजार में मिल रहे कंटेनरों की कीमत में जो अंतर है, उसे कम किया जाए। इसके लिए सरकार को कारखाने लगाने में आने वाले खर्च में समर्थन देने और उत्पादन के आधार पर प्रोत्साहन, दोनों में मदद करनी होगी।

यह भी पढ़ें: Budget 2026: बुनियादी ढांचे पर ₹12.21 लाख करोड़ का दांव, क्या रफ्तार पकड़ेगी भारतीय अर्थव्यवस्था?

शिपिंग मामलों से जुड़े सचिव विजय कुमार ने कहा कि सरकार इस हफ्ते भारत कंटेनर शिपिंग लाइन को शुरू करने के लिए एक समझौता भी करेगी, जिसे खुद 10 लाख टीईयू की जरूरत होगी।

भारत के नए राष्ट्रीय कंटेनर वाहक के रूप में बीसीएसएल को पिछले साल अक्टूबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लॉन्च किया था। इसे शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया और कंटेनर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया से आर्थिक मदद मिलेगी। यह लगभग 51 जहाजों के साथ अपना काम शुरू करेगा। केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने कहा कि वित्त मंत्री ने बजट में जो कर में सुधारों की घोषणा की है, उनसे इस क्षेत्र को बहुत प्रोत्साहन मिलेगा।

आईएफएससी और ऑफशोर बैंकिंग यूनिट (ओबीयू) की इकाइयों के लिए कर कटौती की अवधि को 25 साल के भीतर 10 से बढ़ाकर लगातार 20 साल कर दिया गया है। इस कटौती अवधि के बाद, इन इकाइयों की व्यावसायिक आय पर 15 प्रतिशत की दर से कर लगेगा। इससे ज्यादा से ज्यादा जहाज मालिक जीआईएफटी आईएफएससी के जरिये अपने जहाजों का स्वामित्व रख सकेंगे। इसके अलावा, छोटे जहाजों के आयात पर लगने वाले सीमा शुल्क में छूट की समय सीमा को 2 साल बढ़ाकर मार्च 2028 तक कर दिया गया है, जबकि बड़े जहाजों के लिए इसे हटा दिया गया है। निर्मला सीतारमण द्वारा घोषित 20 नए जलमार्ग अगले पांच वर्षों में चालू हो जाएंगे। इसके कारण चालू जलमार्गों की संख्या 52 हो जाएगी।

First Published - February 2, 2026 | 7:03 AM IST

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