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Budget 2026: चीन की बढ़त को चुनौती, कंटेनर सेक्टर के लिए ₹10,000 करोड़ का ऐलान

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कंटेनर उत्पादन में चीन से पीछे भारत, बजट 2026 में सरकार ने 10 हजार करोड़ की नई योजना का ऐलान

Last Updated- February 01, 2026 | 12:51 PM IST
container

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को Union Budget 2026-27 पेश करते हुए कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग के लिए 10,000 करोड़ रुपये देने का ऐलान किया। इस योजना का मकसद भारत में कंटेनर बनाने का मजबूत उद्योग खड़ा करना है, ताकि देश दुनिया में मुकाबला कर सके।

वित्त मंत्री ने बताया कि यह योजना सिर्फ कंटेनर बनाने तक सीमित नहीं रहेगी। इसके तहत निर्माण और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी मशीनें भी देश में बनाई जाएंगी। इनमें मेट्रो और सड़कों के लिए सुरंग खोदने वाली मशीनें और ऊंची इमारतों में लगने वाली लिफ्ट शामिल हैं।

कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत करने की तैयारी

सरकार पहले से ही देश की शिपिंग और समुद्री ताकत बढ़ाने पर काम कर रही है। इसी के तहत कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने की योजना बनाई गई थी। अधिकारियों और उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि सरकार कंटेनर बनाने वाली कंपनियों को आर्थिक मदद देने पर विचार कर रही थी, ताकि बाहर से कंटेनर मंगाने पर निर्भरता कम हो सके।

नई और पुरानी फैक्ट्रियों को मिलेगा समर्थन

रिपोर्ट के मुताबिक, पोर्ट्स, शिपिंग और वॉटरवेज मंत्रालय ने कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग के लिए एक सहायता कार्यक्रम पर चर्चा शुरू की थी। इसका मकसद कंपनियों को नई फैक्ट्रियां लगाने और मौजूदा फैक्ट्रियों का विस्तार करने में मदद देना है। सरकार को उम्मीद है कि इस पहल से देश में कंटेनर बनाने की क्षमता बढ़ेगी और इस सेक्टर में निवेश भी आएगा।

यह भी पढ़ें: Budget 2026: ₹22 हजार करोड़ से ₹40 हजार करोड़, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को सुपर बूस्ट

कंटेनर उत्पादन में भारत पीछे

फिलहाल भारत में साल भर में सिर्फ करीब 30,000 कंटेनर ही बन पाते हैं। इसके मुकाबले चीन इस क्षेत्र में बहुत आगे है और वहां हर साल करीब 50 लाख कंटेनर बनाए जाते हैं। सरकार की नई योजना का मकसद इसी अंतर को कम करना और भारत को वैश्विक कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग में एक मजबूत प्लेयर बनाना है।

उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर होगा बड़ा खर्च

एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया कि शुरुआती अनुमान के मुताबिक, सालाना करीब 6 लाख कंटेनर बनाने की क्षमता तक पहुंचने के लिए लगभग 12,000 करोड़ रुपये की जरूरत हो सकती है। सरकार का मानना है कि इस योजना से घरेलू उत्पादन बढ़ेगा, निवेश आएगा और रोजगार के नए मौके बनेंगे।

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First Published - February 1, 2026 | 12:30 PM IST

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