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Budget 2026: ‘SHE मार्ट्स’ से लेकर लाखपति दीदी तक, बजट में महिलाओं के लिए क्या-क्या हुआ ऐलान?

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सरकार द्वारा बजट में SHE मार्ट्स के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों को रिटेल आउटलेट्स का मालिकाना हक सौंपकर ग्रामीण महिलाओं को सशक्त उद्यमी बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है

Last Updated- February 02, 2026 | 6:28 AM IST
Women
सरकार ने बजट में ‘SHE मार्ट्स’ (Self-Help Entrepreneurs Marts) नाम से एक नई स्कीम लाने का ऐलान किया है

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 में महिलाओं के लिए कई बड़े ऐलान किए। वित्त मंत्री ने संसद में बजट भाषण में कहा कि सरकार महिलाओं को अब सिर्फ क्रेडिट पर आधारित कमाई से आगे बढ़ाकर अपनी खुद की एंटरप्राइज की मालिक बनाना चाहती है। इस बजट में महिलाओं के लिए एक नया प्लान ‘SHE मार्ट्स’ का ऐलान किया गया। 

‘SHE मार्ट्स’ का नया प्लान

बजट में ‘SHE मार्ट्स’ (Self-Help Entrepreneurs Marts) नाम से एक नई स्कीम लॉन्च करने का ऐलान हुआ। ये मार्ट्स कम्युनिटी के मालिकाना हक वाले रिटेल आउटलेट होंगे, जिन्हें सेल्फ-हेल्प ग्रुप्स (SHGs) की क्लस्टर-लेवल फेडरेशन्स चलाएंगी। इन आउटलेट्स को खास तौर पर ग्रामीण इलाकों में सेटअप किया जाएगा, जहां महिलाएं अपने बनाए प्रोडक्ट्स को बेच सकेंगी।

SHE मार्ट्स से ग्रामीण और सेमी-अर्बन इलाकों में महिलाओं के बिजनेस इकोसिस्टम मजबूत होगा। क्लस्टर-लेवल फेडरेशन्स इन मार्ट्स को मैनेज और स्केल करेंगी। इससे महिलाओं को फॉर्मल मार्केट तक पहुंच मिलेगी और आर्थिक स्वतंत्रता बढ़ेगी।

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सीतारमण ने कहा कि सामान्य बैंक लोन से इतना बड़ा कदम उठाना मुश्किल हो सकता है, इसलिए इन उद्यमियों को बेहतर और नए तरीके के फाइनेंसिंग इंस्ट्रूमेंट्स के जरिए मदद मिलेगी। इन मार्ट्स का मकसद है कि ग्रामीण महिलाओं के प्रोडक्ट्स को बड़े बाजार में जगह मिले, वो अच्छे ब्रांड्स के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हों, ब्रांडिंग हो सके और कमाई स्थिर बनी रहे। इससे मिडिलमैन पर निर्भरता कम होगी और महिलाओं को बेहतर दाम मिलेंगे।

लाखपति दीदी कार्यक्रम क्या है?

वित्त मंत्री ने लाखपति दीदी के विस्तार का भी ऐलान किया। यह कार्यक्रम ग्रामीण विकास मंत्रालय चलाता है। इसका लक्ष्य है कि सेल्फ-हेल्प ग्रुप्स की महिलाएं छोटे-छोटे बिजनेस शुरू करें और हर साल कम से कम एक लाख रुपये की कमाई करें। इससे वो आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बन सकें। कार्यक्रम के तहत महिलाओं को प्लंबिंग, एलईडी बल्ब बनाना, ड्रोन इस्तेमाल और रिपेयर जैसी स्किल्स सिखाई जाती हैं। लाखपति दीदी की कामयाबी से अब सरकार महिलाओं को सिर्फ लाभार्थी नहीं, बल्कि एंटरप्राइज ओनर बनाने पर फोकस कर रही है। इसके अलावा वित्त मंत्री ने देश के सभी जिलों में गर्ल्स हॉस्टल खोलने का ऐलान किया।

बजट में युवाओं, महिलाओं, किसानों और निवेश पर भी फोकस किया गया है। सीतारमण ने कहा कि आर्थिक विकास को तेज करना और वैश्विक उतार-चढ़ाव से बचाव पहली प्राथमिकता है।

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First Published - February 1, 2026 | 2:28 PM IST

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