facebookmetapixel
Advertisement
फरवरी में बढ़ी विदेशी निवेश की आवक, शुद्ध एफडीआई फिर हुआ सकारात्मकअप्रैल में निजी क्षेत्र की गतिविधियों में सुधार, पीएमआई 58.3 पर पहुंचाआर्टिफिशल इंटेलिजेंस चुनौती भी और एक बहुत बड़ा अवसर भी: Nasscom अध्यक्ष2027 के मध्य तक पूरी होगी दक्षिण कोरिया से समझौते पर बात : गोयलकेजरीवाल की सुनवाई वाली पोस्ट हटाए एक्स: अदालतविदेश भेजा गया पैसा 19% बढ़ा, आखिर कहां खर्च कर रहे हैं भारतीय?RBI dollar buying: RBI ने खरीदे 7.4 अरब डॉलर! रुपये को बचाने की बड़ी चाल?NRI जमा में 24% गिरावट, आखिर क्यों कम हो रहा है विदेश से पैसा भारत में?विवादित पोस्ट के बाद ट्रंप का यू-टर्न, भारत को बताया महान देशजापान के हथियार निर्यात प्रतिबंध हटाने के फैसले का भारत ने किया स्वागत

Budget 2026: इंफ्रा के लिए ₹12.2 लाख करोड़, मैन्युफैक्चरिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स को बड़ा बूस्ट

Advertisement

वित्त मंत्री ने 6 बड़े सेक्टरों पर फोकस का ऐलान किया, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के लिए 40 हजार करोड़ और इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ करने का प्रस्ताव

Last Updated- February 01, 2026 | 1:47 PM IST
Union Budget 2026

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को Union Budget 2026-27 पेश किया। उन्होंने कहा कि सरकार आर्थिक विकास को तेज और टिकाऊ बनाने के लिए कई अहम कदम उठा रही है। वित्त मंत्री के मुताबिक सरकार छह बड़े क्षेत्रों में काम करेगी, ताकि देश की उत्पादन क्षमता बढ़े, रोजगार बने और भारत दुनिया के बाजारों में ज्यादा मजबूत बन सके।

आर्थिक विकास के लिए छह बड़े सेक्टर

वित्त मंत्री ने कहा कि विकास को तेज करने के लिए सरकार इन छह सेक्टर्स में कदम उठाएगी:

  • 7 रणनीतिक क्षेत्रों में मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाना
  • पुराने और पारंपरिक उद्योगों को फिर से मजबूत करना
  • चैंपियन एमएसएमई बनाना, यानी छोटे उद्योगों को बड़ा और मजबूत बनाना
  • इंफ्रास्ट्रक्चर को जोरदार पुश देना, जैसे सड़क, रेल, लॉजिस्टिक्स
  • लंबे समय की सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करना
  • शहरों को आर्थिक क्षेत्रों के रूप में विकसित करना, ताकि शहर रोजगार और व्यापार के बड़े केंद्र बनें

रेयर अर्थ सेक्टर के लिए कॉरिडोर की तैयारी

वित्त मंत्री ने बताया कि रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट की योजना नवंबर 2025 में शुरू की गई थी। अब सरकार खनिज संपन्न राज्यों ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु को सपोर्ट करेगी ताकि वहां रेयर अर्थ कॉरिडोर बनाए जा सकें। इन कॉरिडोर का लक्ष्य होगा:

  • खनन (मिट्टी और खनिज निकालना)
  • प्रोसेसिंग (साफ करना और उपयोग लायक बनाना)
  • रिसर्च (नई तकनीक और काम)
  • मैन्युफैक्चरिंग (उत्पादन)

तीन केमिकल पार्क बनेंगे, आयात पर निर्भरता घटाने की योजना

देश में केमिकल का उत्पादन बढ़ाने और बाहर से मंगाना कम करने के लिए सरकार तीन डेडिकेटेड केमिकल पार्क बनाने की योजना लाएगी। वित्त मंत्री ने कहा कि यह योजना चैलेंज रूट के जरिए राज्यों को सपोर्ट करके लागू की जाएगी और यह क्लस्टर आधारित प्लग एंड प्ले मॉडल पर होगी, यानी उद्योग आसानी से वहां सेटअप कर सकें।

ISM 2.0 का ऐलान, भारतीय तकनीक और सप्लाई चेन पर जोर

वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार आगे बढ़ते हुए ISM 2.0 लॉन्च करेगी। इसका मकसद है:

  • देश में उपकरण और जरूरी सामग्री बनाना
  • फुल स्टैक डिजाइन पर काम करना
  • भारतीय IP, यानी भारत की अपनी तकनीक और डिजाइन विकसित करना
  • सप्लाई चेन मजबूत करना, ताकि जरूरी चीजों के लिए बाहर निर्भरता कम हो
  • इसके साथ ही इंडस्ट्री के नेतृत्व में रिसर्च और ट्रेनिंग सेंटर बनाए जाएंगे, ताकि नई तकनीक भी बने और कुशल कामगार भी तैयार हों।

सरकार का दावा, सुधारों का काम जारी रहेगा

वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार अपने सुधार एजेंडे को आगे बढ़ाएगी। उन्होंने बताया कि यह उनका नौवां लगातार बजट है और “रिफॉर्म एक्सप्रेस” पटरी पर है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के 2025 के स्वतंत्रता दिवस के ऐलान के बाद 350 से ज्यादा सुधार लागू किए गए। इनमें शामिल हैं:

  • GST को आसान बनाना
  • श्रम संहिताओं की अधिसूचना
  • जरूरी गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों का पंजीकरण
  • उच्च स्तर की समितियों का गठन
  • और राज्यों के साथ मिलकर नियम आसान करना और कंप्लायंस कम करना

वैश्विक हालात पर चिंता, पर ‘विकसित भारत’ का लक्ष्य दोहराया

वित्त मंत्री ने कहा कि दुनिया की हालत अभी ठीक नहीं है। दूसरे देशों के साथ व्यापार में दिक्कतें बढ़ रही हैं। जरूरी सामान और कच्चा माल समय पर मिलना मुश्किल हो रहा है। नई मशीनें और तकनीकें काम करने का तरीका बदल रही हैं और पानी, बिजली और जरूरी खनिजों की जरूरत भी बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि इन मुश्किलों के बावजूद भारत आगे बढ़ेगा। देश को विकसित भारत बनाने का लक्ष्य जारी रहेगा। भारत दुनिया के बाजारों से जुड़ा रहेगा, ज्यादा सामान बाहर भेजेगा और बाहर से लंबे समय के लिए निवेश लाएगा।

पूंजीगत खर्च बढ़ाने का प्रस्ताव, 12.2 लाख करोड़ का लक्ष्य

वित्त मंत्री ने बताया कि पब्लिक कैपिटल एक्सपेंडिचर 2014-15 में 2 लाख करोड़ रुपये था, जो 2025-26 के बजट अनुमान में 11.2 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 में इसे बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव है, ताकि इंफ्रास्ट्रक्चर की रफ्तार बनी रहे।

इंफ्रास्ट्रक्चर रिस्क गारंटी फंड का प्रस्ताव

इंफ्रास्ट्रक्चर के काम जैसे सड़क, पुल और रेलवे बनाने में काम के दौरान खतरा रहता है। इसलिए निजी कंपनियां और बैंक पैसा देने से डरते हैं। इसे देखते हुए वित्त मंत्री ने इंफ्रास्ट्रक्चर रिस्क गारंटी फंड बनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि इस फंड से बैंकों को सरकार की गारंटी मिलेगी। इससे उन्हें भरोसा होगा और वे इंफ्रास्ट्रक्चर के कामों के लिए आसानी से पैसा देंगे।

सरकारी कंपनियों की रियल एस्टेट संपत्तियों का बेहतर उपयोग

वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार अपनी जमीन और इमारतों से पैसा जुटाने का काम और तेज करेगी। उन्होंने बताया कि सरकारी कंपनियों (CPSEs ) की बड़ी जमीन और इमारतों का सही इस्तेमाल किया जाएगा। इसके लिए सरकार एक खास व्यवस्था बनाएगी, ताकि यह काम जल्दी और आसानी से हो सके।

पर्यावरण के अनुकूल माल ढुलाई के लिए नए फ्रेट कॉरिडोर का प्रस्ताव

माल ढुलाई को आसान और पर्यावरण के लिए सुरक्षित बनाने के लिए वित्त मंत्री ने नए फ्रेट कॉरिडोर बनाने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने बताया कि एक नया कॉरिडोर पूर्व में दांगकुनी से पश्चिम में सूरत तक जोड़ा जाएगा। इससे सामान ढोना तेज और सस्ता होगा।

इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग पर बड़ा ऐलान

2026-27 में 40,000 करोड़ रुपये का आउटले

वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग पर खर्च बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपये करेगी। यह बढ़ा हुआ आउटले वित्त वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तावित है।

दो जगह हाई-टेक टूल रूम

उन्होंने कहा कि कैपिटल गुड्स मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए दो स्थानों पर हाई-टेक टूल रूम बनाए जाएंगे।

कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग के लिए नई योजना

वित्त मंत्री ने कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग के लिए एक नई योजना का भी प्रस्ताव रखा। इसका मकसद है कि भारत में ऐसा इकोसिस्टम बने जो दुनिया में मुकाबला कर सके।

मोबाइल उत्पादन में 30 गुना बढ़ोतरी का दावा

सरकार ने बताया कि मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग में बड़ा उछाल आया है।

FY15 में उत्पादन मूल्य 18,000 करोड़ रुपये था

FY25 में यह बढ़कर 5.45 लाख करोड़ रुपये हो गया, यानी लगभग 30 गुना

2025 में iPhone एक्सपोर्ट 2.03 लाख करोड़ रुपये

दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, 2025 में भारत से iPhone का निर्यात 2.03 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। यह 2024 के 1.1 लाख करोड़ रुपये के मुकाबले लगभग दोगुना बताया गया है।

चालू साल के अंत तक 6.76 लाख करोड़ रुपये उत्पादन का अनुमान

सरकार के अनुमान के मुताबिक, मौजूदा वित्त वर्ष के अंत तक देश में मोबाइल उत्पादन करीब 6.76 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। इसमें निर्यात 30 अरब डॉलर से ज्यादा, यानी करीब 2.7 लाख करोड़ रुपये हो सकता है।

सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स की स्थिति

सरकार ने बताया कि अगस्त 2025 तक देश में सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग और पैकेजिंग के 10 प्रोजेक्ट मंजूर किए गए हैं। इन पर कुल निवेश करीब 1.6 लाख करोड़ रुपये है और ये छह राज्यों में हैं।

क्या कहती हैं एक्सपर्ट

Brandworks Technologies की को-फाउंडर और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर निकिता कुमावत ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026 भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर सेक्टर के लिए बड़ा बदलाव लेकर आया है। अब फोकस सिर्फ नई फैक्ट्री लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि लंबे समय तक तकनीकी क्षमता बढ़ाने पर है। उन्होंने बताया कि इंडियन सेमीकंडक्टर मिशन 2.0, शक्ति पहल और 40,000 करोड़ रुपये के बढ़े हुए बजट से उपकरण, सामग्री, फुल-स्टैक IP और मजबूत सप्लाई चेन तैयार करने में मदद मिलेगी।

कुमावत के मुताबिक घरेलू कंपोनेंट बनाने, रिसर्च और स्किल्स को मजबूत करने से भारत वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स वैल्यू चेन में मजबूत होगा, आयात कम होगा और टिकाऊ विकास का रास्ता खुलेगा। उन्होंने कहा कि बजट 2026 ने डिजाइन, इंजीनियरिंग और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग को जोड़ने वाली कंपनियों के लिए एक मजबूत आधार तैयार किया है, जो भारत को ग्लोबल इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर इनोवेशन हब बनाने में मदद करेगा।

Advertisement
First Published - February 1, 2026 | 12:12 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement