जब देश नई चुनौतियों और बदलते वैश्विक हालात के बीच खड़ा है, तब बजट सिर्फ एक आर्थिक दस्तावेज नहीं, बल्कि लोगों की उम्मीदों और विकास की दिशा तय करने वाला रोडमैप बन जाता है। वित्त मंत्री द्वारा आज पेश हुआ वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट भी कुछ ऐसा ही संदेश लेकर आया। इस बजट ने किसानों की आमदनी बढ़ाने, गांवों में रोजगार के अवसर बनाने, महिलाओं और युवाओं के लिए नए करियर रास्ते खोलने, और शिक्षा, हेल्थकेयर और डिजिटल टेक्नोलॉजी में निवेश को अहमियत देने की दिशा में कदम बढ़ाया है।
साथ ही छोटे उद्योगों को मजबूत करने, आईटी और हाई-स्पीड ट्रांसपोर्ट नेटवर्क को गति देने और पर्यटन, खेल व दिव्यांगजन के लिए नए अवसर तैयार करने की भी योजनाएं पेश की गई हैं। यह बजट हर वर्ग की ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए विकास, समावेशन और भविष्य की तैयारियों का संतुलित मिश्रण दिखाता है। यही वजह है कि इसे सिर्फ अंक और आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि आने वाले भारत की तस्वीर के रूप में देखा जा रहा है।
किसानों की आमदनी बढ़ाने पर फोकस
बजट में ग्रामीण इलाकों और खेती से जुड़ी जिंदगी को मजबूत करने की बात कही गई है। सरकार ने 500 जलाशयों और अमृत सरोवरों का एकीकृत विकास करने का ऐलान किया है, ताकि मछली पालन को बढ़ावा मिले। साथ ही, पशुपालन में उद्यमिता को बढ़ावा देकर गांवों में अच्छी नौकरियां पैदा की जाएंगी।
प्लांटेशन फसलों पर खास ध्यान दिया गया है। नारियल प्रमोशन स्कीम के तहत पुराने, कम पैदावार वाले पेड़ों को बेहतर किस्मों से बदलने का प्लान है। इससे करीब 3 करोड़ लोग फायदा उठाएंगे, जिनमें 1 करोड़ किसान शामिल हैं। काजू और कोको के लिए अलग प्रोग्राम चलाए जाएंगे, ताकि भारत इनमें आत्मनिर्भर बने और 2030 तक ये प्रीमियम ग्लोबल ब्रांड बन जाएं। सरकार राज्यों के साथ मिलकर भारतीय चंदन के इकोसिस्टम को फिर से जीवित करने की कोशिश करेगी।
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डिजिटल एग्रीकल्चर से किसानों को टेक सपोर्ट
खेती को स्मार्ट बनाने के लिए बजट में भारत-विस्तार नाम का एक AI आधारित प्लेटफॉर्म लॉन्च करने का ऐलान है, जो कई भाषा में इस्तेमाल किया जा सकेगा। ये प्लेटफॉर्म किसानों को बेहतर फैसले लेने, जोखिम कम करने और पैदावार बढ़ाने में मदद करेगा। इसमें कस्टमाइज्ड सलाह दी जाएगी।
गांव की महिलाओं के लिए भी अच्छी खबर है। शी-मार्ट्स बनाए जाएंगे, जहां महिलाओं के नेतृत्व वाले कारोबारों को सपोर्ट मिलेगा। ये महिलाएं सिर्फ कर्ज पर निर्भर रहने की बजाय असली मालिक बन सकेंगी। ये लाखपति दीदी प्रोग्राम की सफलता पर आधारित है।
शिक्षा के क्षेत्र में नई इंस्टीट्यूट्स और हॉस्टल
शिक्षा पर बजट में खास निवेश किया गया है। पूर्वी भारत में एक नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन बनाने का प्रस्ताव है। साथ ही, बड़े इंडस्ट्रियल और लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर के पास पांच यूनिवर्सिटी टाउनशिप्स बनेंगी, ताकि पढ़ाई और इंडस्ट्री के बीच बेहतर कनेक्शन बने।
लड़कियों की STEM शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए हर जिले में हायर एजुकेशन के STEM इंस्टीट्यूशंस में एक लड़कियों का हॉस्टल बनेगा। रिसर्च को मजबूत करने के लिए चार नई या अपग्रेडेड टेलिस्कोप इंफ्रास्ट्रक्चर फैसिलिटी बनेंगी, जो एस्ट्रोफिजिक्स और एस्ट्रोनॉमी में काम आएंगी।
एक हाई-पावर्ड कमिटी बनेगी, जो एजुकेशन टू एम्प्लॉयमेंट एंड एंटरप्राइज पर फोकस करेगी। ये स्किल्स, जॉब्स और AI जैसी नई टेक्नोलॉजी को जोड़ेगी।
MSME को चैंपियन बनाने की तीनतरफा रणनीति
MSME को अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताया गया है। बजट में इक्विटी, लिक्विडिटी और प्रोफेशनल मदद की तीनतरफा मदद का प्लान है। एक 10,000 करोड़ रुपये का SME ग्रोथ फंड लॉन्च होगा। सेल्फ-रिलायंट इंडिया फंड में अतिरिक्त 2,000 करोड़ रुपये डाले जाएंगे।
TREDS के जरिए 7 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की लिक्विडिटी आसान होगी। कंप्लायंस कम करने के लिए टियर-2 और टियर-3 शहरों में ‘कॉर्पोरेट मित्र’ कैडर तैयार किया जाएगा।
हेल्थकेयर में नौकरियां और बेहतर अस्पताल
युवाओं के लिए हेल्थकेयर में नए करियर के रास्ते खोलने पर फोकस है। अगले पांच साल में 1 लाख एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स जोड़े जाएंगे और 1.5 लाख केयरगिवर्स ट्रेन किए जाएंगे।
तीन नए ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट्स ऑफ आयुर्वेदा बनेंगे, NIMHANS-2 लॉन्च होगा। जिला अस्पतालों की क्षमता 50% बढ़ेगी, नए इमरजेंसी और ट्रॉमा केयर सेंटर्स बनाया जाएगा। पांच रीजनल मेडिकल हब्स बनेंगे, जो मेडिकल वैल्यू टूरिज्म को बढ़ावा देंगे।
फाइनेंशियल मार्केट्स और बैंकिंग में सुधार
बैंकिंग सेक्टर की समीक्षा के लिए हाई-लेवल कमिटी बनेगी। पब्लिक सेक्टर NBFC जैसे PFC और REC को रिस्ट्रक्चर किया जाएगा।
शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंसिंग के लिए 1,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के म्यूनिसिपल बॉन्ड्स जारी करने वाले शहरों को 100 करोड़ रुपये का इंसेंटिव मिलेगा। पोर्टफोलियो इन्वेस्टमेंट स्कीम के लिमिट बढ़ाए गए हैं।
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IT सेक्टर को नई रफ्तार
सरकार ने IT को ग्रोथ का इंजन माना है। सॉफ्टवेयर सर्विसेज, ITES, KPO और कॉन्ट्रैक्ट R&D को एक कैटेगरी में ‘इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी सर्विसेज’ के तहत रखा जाएगा। कॉमन सेफ हार्बर मार्जिन 15.5% रहेगा।
सेफ हार्बर बेनिफिट्स की थ्रेशोल्ड 300 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2,000 करोड़ रुपये कर दी गई है, जिससे मिड-साइज IT फर्म्स को राहत मिलेगी।
ट्रांसपोर्ट में हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर
हाई-स्पीड रेल को बड़ा धक्का मिला है। सात नए कॉरिडोर प्रस्तावित हैं – हैदराबाद-चेन्नई, मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी। ये ट्रैवल टाइम कम करेंगे, शहरों का विकास करेंगे और क्षेत्रीय ग्रोथ को बढ़ावा देंगे।
टूरिज्म में मेडिकल, हेरिटेज और कल्चरल पुश
टूरिज्म से ग्रोथ बढ़ाने के लिए पांच रीजनल मेडिकल हब्स बनेंगे, जिनमें AYUSH सेंटर्स और पोस्ट-केयर फैसिलिटी होंगी। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी बनेगा। हेरिटेज टूरिज्म के लिए नेशनल डेस्टिनेशन डिजिटल नॉलेज ग्रिड और 15 आइकॉनिक आर्कियोलॉजिकल साइट्स का विकास होगा। नॉर्थईस्ट में बौद्ध सर्किट प्रोजेक्ट्स चलेंगे।
दिव्यांगजन के लिए सम्मानजनक रोजगार
दिव्यांगजन कौशल योजना से इंडस्ट्री से जुड़ी कस्टमाइज्ड ट्रेनिंग मिलेगी। दिव्यांग सहारा योजना से ALIMCO और PM दिव्याशा केंद्रों के जरिए असिस्टिव डिवाइस मैन्युफैक्चरिंग, R&D और टेक्नोलॉजी को सपोर्ट मिलेगा।
खेलों में खेलो इंडिया मिशन
खेल क्षेत्र को अगले दस साल में बदलने के लिए खेलो इंडिया मिशन लॉन्च होगा। इसमें टैलेंट आईडेंटिफिकेशन, कोच डेवलपमेंट, स्पोर्ट्स साइंस और मॉडर्न इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस होगा।









