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Budget 2026: देश के 15 ऐतिहासिक स्थल बनेंगे ग्लोबल टूरिज्म हब, लोथल और सारनाथ का अब बदलेगा पूरा स्वरूप

बजट 2026 की नई योजना के तहत 15 पुरातात्विक स्थलों को विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्रों के रूप में विकसित किया जाएगा ताकि सभ्यतागत विरासत के संरक्षण के साथ रोजगार को बढ़ाया जा सके

Last Updated- February 01, 2026 | 3:52 PM IST
Budget 2026 tourism hub
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पेश कर रही हैं बजट | फोटो: संसद टीवी

Budget 2026 Tourism Sector: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को बजट 2026 पेश करते हुए पर्यटन को अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनाने का बड़ा संकेत दिया। उन्होंने कहा कि यह सेक्टर नौकरियां बढ़ाने, विदेशी मुद्रा लाने और स्थानीय स्तर पर कारोबार को पटरी पर लाने में अहम भूमिका निभा सकता है। बता दें कि भारत में पर्यटन में विस्तार हुआ है लेकिन अभी भी विदेशी सैलानियों की संख्या कोरोना से पहले वाली नहीं पहुंच पाई है। इसलिए बजट में पर्यटन के लिए कई नई योजनाएं और ऐलान किए गए, जो सेक्टर को नई जान फूंकने वाले हैं।

पुरातात्विक स्थल और बौद्ध सर्किट को नया रूप

वित्त मंत्री ने 15 पुरातात्विक स्थलों को खास तौर पर विकसित करने की बात कही। इनमें लोथल, धोलावीरा, राखीगढ़ी, सारनाथ, हस्तिनापुर और लेह पैलेस जैसे नाम शामिल हैं। इन्हें जीवंत सांस्कृतिक पर्यटन केंद्र बनाया जाएगा। खुदाई वाले इलाकों में क्यूरेटेड वॉकवे बनेंगे, इमर्सिव स्टोरीटेलिंग और आधुनिक तकनीक से कंजर्वेशन लैब, इंटरप्रिटेशन सेंटर और गाइड्स को मजबूत किया जाएगा।

उत्तर-पूर्व के राज्यों और बौद्ध सर्किट पर खास जोर देते हुए अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, असम, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में नई स्कीम लाई जाएगी। इसमें मंदिरों-मठों का संरक्षण, तीर्थयात्रा केंद्र, बेहतर कनेक्टिविटी और तीर्थयात्रियों की सुविधाएं शामिल होंगी।

डिजिटल और हॉस्पिटैलिटी पर फोकस

सबसे पहले ‘नेशनल डेस्टिनेशन डिजिटल नॉलेज ग्रिड’ बनाने का प्रस्ताव है। इससे पूरे देश के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व वाली हर जगह को डिजिटल रूप में रिकॉर्ड किया जाएगा। साथ ही एक ‘नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी’ भी शुरू होगा। मौजूदा नेशनल काउंसिल फॉर होटल मैनेजमेंट एंड कैटरिंग टेक्नोलॉजी को अपग्रेड करके यह इंस्टीट्यूट बनेगा। यह पढ़ाई, इंडस्ट्री और सरकार को जोड़ने का काम करेगा।

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गाइड्स की ट्रेनिंग और मेडिकल टूरिज्म

एक पायलट प्रोजेक्ट के तहत 20 मशहूर पर्यटन स्थलों पर 10,000 गाइड्स को अपस्किल किया जाएगा। यह 12 हफ्ते का हाइब्रिड ट्रेनिंग प्रोग्राम होगा, जिसे एक IIM के साथ मिलकर चलाया जाएगा।

मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए राज्यों के साथ मिलकर पांच रीजनल हब बनाए जाएंगे। प्राइवेट सेक्टर की मदद से ये हब तैयार होंगे, ताकि भारत मेडिकल वैल्यू टूरिज्म में दुनिया का बड़ा नाम बन सके। इसके अलावा तीन नए ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेदा खोले जाएंगे और जामनगर में WHO के ग्लोबल ट्रेडिशनल मेडिसिन सेंटर को अपग्रेड किया जाएगा।

इको-टूरिज्म और नेचर ट्रेल्स

बजट में इको-टूरिज्म को काफी महत्व दिया गया। हिमालय, वेस्टर्न घाट्स और ईस्टर्न घाट्स में पर्यावरण के अनुकूल माउंटेन और नेचर ट्रेल्स बनाए जाएंगे। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और अराकू वैली जैसे इलाकों में ट्रेकिंग-हाइकिंग के बेहतरीन मौके मिलेंगे।

वाइल्डलाइफ के लिए भी स्पेशल ट्रेल्स होंगे। ओडिशा, कर्नाटक और केरल में कछुओं के नेस्टिंग साइट्स पर टर्टल ट्रेल्स, जबकि पुलिकट झील के आसपास बर्ड-वॉचिंग ट्रेल्स तैयार किए जाएंगे।

टैक्स में बड़ी राहत

पर्यटन इंडस्ट्री की लंबे समय से मांग थी कि विदेशी टूर पैकेज पर TCS कम हो। अब इसे 5% और 20% से घटाकर सिर्फ 2% कर दिया गया है। साथ ही कोई मिनिमम अमाउंट भी लागू नहीं होगा।

First Published - February 1, 2026 | 12:09 PM IST

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