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बजट 2026 में AI को लेकर कई बड़े ऐलान- जानें क्या है खास

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बजट 2026 में सरकार ने AI, क्वांटम और रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए नई समिति, कृषि AI टूल और टेक्नोलॉजी मिशनों का ऐलान किया

Last Updated- February 01, 2026 | 2:42 PM IST
artificial intelligence

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 में एक नई उच्चस्तरीय समिति बनाने का ऐलान किया है। यह समिति आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी नई तकनीकों का भारत के सेवा क्षेत्र पर क्या असर पड़ रहा है, इसका अध्ययन करेगी। बजट भाषण में वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार एजुकेशन से रोजगार और एंटरप्राइज पर काम करने वाली एक स्थायी समिति बनाएगी। इसका मकसद सेवा क्षेत्र को देश की आर्थिक वृद्धि और रोजगार का मुख्य आधार बनाना है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि 2047 तक भारत की हिस्सेदारी वैश्विक सेवा बाजार में 10 प्रतिशत तक पहुंचे और भारत दुनिया में सेवाओं का बड़ा केंद्र बने।

तकनीक सभी के लिए फायदेमंद

वित्त मंत्री ने कहा कि आज का समय तकनीक का है। नई तकनीक अपनाने से किसानों, महिलाओं, युवाओं और दिव्यांगों सभी को नए मौके मिल सकते हैं। इससे लोग नई स्किल सीख सकेंगे और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। निर्मला सीतारमण ने बताया कि सरकार पहले से ही नई तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठा चुकी है। इनमें

  • AI मिशन
  • नेशनल क्वांटम मिशन
  • अनुसंधान नेशनल रिसर्च फंड
  • और रिसर्च, डेवलपमेंट और इनोवेशन फंड शामिल हैं।
  • इनका मकसद देश में इनोवेशन और भविष्य के लिए जरूरी स्किल तैयार करना है।

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भारत में डेटा सेंटर लगाने वाली विदेशी कंपनियों को टैक्स छूट

वित्त मंत्री ने प्रस्ताव रखा कि जो विदेशी कंपनियां भारत में बने डेटा सेंटर से दुनिया को क्लाउड सेवाएं देंगी, उन्हें 2047 तक टैक्स में छूट दी जाएगी। यह छूट कुछ शर्तों के साथ मिलेगी।

खेती के लिए AI टूल ‘भारत विस्तार’

बजट में खेती के लिए एक नया AI आधारित प्लेटफॉर्म ‘भारत विस्तार’ शुरू करने की भी घोषणा की गई। यह एक बहुभाषी AI टूल होगा, जो किसानों को खेती से जुड़ी जानकारी देगा। इसमें सरकारी एग्री पोर्टल और ICAR की खेती से जुड़ी जानकारियां जोड़ी जाएंगी, ताकि किसान बेहतर फैसले ले सकें।

देश की विरासत को डिजिटल रूप में सहेजने की योजना

सरकार एक नेशनल डिजिटल नॉलेज ग्रिड भी बनाएगी, जिसमें देश के सांस्कृतिक, धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों की डिजिटल जानकारी रखी जाएगी। इससे स्थानीय शोधकर्ताओं, इतिहासकारों, कंटेंट क्रिएटर्स और टेक्नोलॉजी से जुड़े लोगों को रोजगार मिलेगा।

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भारत को अपनी AI तकनीक बनाने की जरूरत

आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में कहा गया है कि भारत को विदेशी कंपनियों पर निर्भर रहने के बजाय अपनी AI तकनीक विकसित करनी चाहिए। AI अभी दुनिया में शुरुआती दौर में है और भारत के पास इसे सही दिशा देने का मौका है। हालांकि, सर्वे में यह भी बताया गया कि AI के लिए जरूरी कंप्यूटर चिप, GPU और स्टोरेज की कमी और ऊंची लागत बड़ी चुनौती है। डेटा सेंटर बढ़ाने में भी हार्डवेयर की कमी बाधा बन रही है।

भारत की मजबूत स्थिति

आर्थिक सर्वे के मुताबिक, भारत के पास कई ताकतें भी हैं। भारत AI रिसर्च में दुनिया के शीर्ष देशों में शामिल है, यहां बड़ी संख्या में कुशल तकनीकी लोग हैं और देश के पास स्वास्थ्य, खेती, वित्त और सरकारी सेवाओं से जुड़ा बड़ा डेटा है, जिसका अभी पूरा इस्तेमाल नहीं हो पाया है। सरकार का मानना है कि सही नीतियों के साथ भारत AI और सेवा क्षेत्र में वैश्विक लीडर बन सकता है और इससे बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा होंगे।

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First Published - February 1, 2026 | 2:08 PM IST

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