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NSE IPO को लेकर नया ट्विस्ट! कंपनी अपने ही प्लेटफॉर्म पर करा सकती है शेयरों की ट्रेडिंग

NSE IPO: NSE का शेयर BSE पर लिस्ट होने के बाद ‘परमिटेड टू ट्रेड’ कैटेगरी के तहत NSE पर भी कारोबार कर सकता है। इसके लिए SEBI की मंजूरी जरूरी होगी

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एजेंसियां   
Last Updated- August 20, 2026 | 2:50 PM IST

NSE IPO: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) अपने शेयरों को प्रतिद्वंद्वी BSE पर लिस्ट कराने के बाद अपने ही प्लेटफॉर्म पर इनकी खरीद-बिक्री की अनुमति दे सकता है।  ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक इस कदम से NSE के शेयरों को दोनों एक्सचेंज पर नकदी उपलब्ध हो सकती है। साथ ही आगे चलकर कंपनी के शेयर को निफ्टी इंडेक्स में शामिल करने का रास्ता भी खुल सकता है।

रिपोर्ट के मुताबिक NSE  के प्रस्तावित आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) के लिए हाल में आयोजित रोड शो के दौरान वैश्विक निवेशकों से इस संभावना पर चर्चा की गई थी। योजना के तहत NSE  के शेयर औपचारिक रूप से BSE पर लिस्ट होंगे, लेकिन ‘परमिटेड टू ट्रेड’ कैटेगरी के जरिये उनका कारोबार NSE पर भी किया जा सकेगा।

SEBI की मंजूरी होगी जरूरी

मौजूदा नियम किसी शेयर बाजार को अपने ही मंच पर औपचारिक रूप से लिस्ट होने की अनुमति नहीं देते। NSE को बाजार बुनियादी ढांचा संस्थान की श्रेणी में रखा गया है। इसलिए अपने शेयरों में अपने ही प्लेटफॉर्म पर कारोबार की अनुमति देने के लिए उसे भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) की मंजूरी लेनी होगी।

फिलहाल इस प्रस्ताव पर अभी चर्चा चल रही है और अंतिम फैसला नियामकीय मंजूरी पर निर्भर करेगा। NSE ने इस संबंध में मांगी गई प्रतिक्रिया का तत्काल जवाब नहीं दिया।

क्या है ‘परमिटेड टू ट्रेड’ सिस्टम?

इस व्यवस्था के तहत किसी कंपनी के शेयर औपचारिक रूप से NSE पर लिस्ट हुए बिना भी उसके प्लेटफॉर्म पर खरीदे और बेचे जा सकते हैं। हालांकि, कंपनी की अनुपालन और जरूरी जानकारी सार्वजनिक करने की जिम्मेदारियों में कोई बदलाव नहीं होता। इसका मतलब है कि NSE का शेयर BSE पर लिस्ट रहेगा, लेकिन निवेशक NSE के प्लेटफॉर्म पर भी उसमें ट्रेडिंग कर सकेंगे।

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इस समय करीब 250 ऐसी कंपनियों के शेयर NSE  पर ट्रेड करते हैं, जो औपचारिक रूप से इस एक्सचेंज पर लिस्ट नहीं हैं। इनमें एलांटास बेक इंडिया, गुडईयर इंडिया और नोवार्टिस इंडिया जैसी कंपनियां शामिल हैं।

निफ्टी इंडेक्स में शामिल होने का खुल सकता है रास्ता

NSE ने 2019 में अपने सूचकांक पात्रता नियमों में बदलाव किया था। इसके बाद ‘परमिटेड टू ट्रेड’ कैटेगरी में कारोबार करने वाले शेयर भी निफ्टी इंडेक्स में शामिल होने के योग्य हो गए थे। इससे पहले केवल वही शेयर निफ्टी इंडेक्से में शामिल हो सकते थे, जो औपचारिक रूप से NSE  पर लिस्ट होने के साथ वहीं ट्रेडिंग करते थे।

अगर NSE के शेयर को अपने प्लेटफॉर्म पर ट्रेड की अनुमति मिल जाती है तो वह भविष्य में निफ्टी के प्रमुख इंडेक्स में जगह पाने का पात्र बन सकता है। हालांकि, इसके लिए शेयर को मार्केट कैप, ट्रेडिंग वैल्यू और अन्य पात्रता शर्तें भी पूरी करनी होंगी।

दोनों एक्सचेंज पर मिलेगी लिक्विडिटी

प्रस्तावित व्यवस्था से NSE  के शेयरों में BSE और NSE , दोनों मंचों पर कारोबार हो सकेगा। इससे शेयर को अधिक नकदी मिलने और निवेशकों के लिए खरीद-बिक्री आसान होने की संभावना है। हालांकि, शेयर का मुख्य लिस्टिंग स्थल BSE ही रहेगा।

NSE का प्रस्तावित IPO भारतीय पूंजी बाजार के सबसे चर्चित सार्वजनिक निर्गमों में से एक हो सकता है। सूत्रों के अनुसार एक्सचेंज को अगस्त के आखिर तक SEBI से अपने मसौदा दस्तावेज पर मंजूरी मिलने की उम्मीद है। कंपनी सितंबर के दूसरे पखवाड़े में IPO लाने का लक्ष्य बना रही है।

फिलहाल IPO की तारीख और अपने मंच पर शेयर कारोबार की व्यवस्था को लेकर कोई अंतिम घोषणा नहीं हुई है। दोनों फैसले SEBI की मंजूरी और आगे की नियामकीय प्रक्रिया पर निर्भर करेंगे।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

First Published : August 20, 2026 | 2:43 PM IST