केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में यूनियन बजट 2026-27 पेश किया। इस दौरान उनका बजट भाषण करीब 1 घंटा 25 मिनट तक चला। हाल के सालों में बजट भाषण की अवधि में लगातार कमी देखने को मिल रही है और इस बार भी यह अपेक्षाकृत कम समय का रहा।
आंकड़ों के अनुसार, साल 2020 में बजट भाषण सबसे लंबा रहा था। उस साल वित्त मंत्री ने करीब 2 घंटे 41 मिनट तक बजट भाषण दिया था। इसके बाद हर साल बजट भाषण का समय धीरे-धीरे कम होता गया। वर्ष 2021 में यह घटकर 1 घंटा 40 मिनट रह गया, जबकि 2022 में भाषण की अवधि 1 घंटा 32 मिनट रही।
वर्ष 2023 में बजट भाषण करीब 1 घंटा 27 मिनट का था। इसके बाद 2024 में यह समय 1 घंटा 25 मिनट रहा। वहीं, 2025 में बजट भाषण और छोटा होकर 1 घंटा 17 मिनट तक सीमित रह गया। बजट 2026-27 का भाषण भी इसी रुझान को आगे बढ़ाता दिखा।
हालांकि भाषण का समय कम हुआ है, लेकिन बजट भाषण की अहमियत अब भी बनी हुई है। इसी भाषण के जरिए सरकार अपनी आर्थिक नीतियों, योजनाओं और आने वाले साल की प्राथमिकताओं को देश के सामने रखती है। हर साल आम जनता, उद्योग जगत और बाजार की नजरें बजट भाषण पर टिकी रहती हैं।
यूनियन बजट 2026-27 का 1 घंटा 25 मिनट का भाषण भी इसी बदलते अंदाज का संकेत देता है, जहां सरकार कम समय में ज्यादा जानकारी देने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
| वर्ष | बजट भाषण की अवधि |
|---|---|
| 2020 | 2 घंटे 41 मिनट |
| 2021 | 1 घंटा 40 मिनट |
| 2022 | 1 घंटा 32 मिनट |
| 2023 | 1 घंटा 27 मिनट |
| 2024 | 1 घंटा 25 मिनट |
| 2025 | 1 घंटा 17 मिनट |
| 2026 | 1 घंटा 25 मिनट |